सनातन धर्म संस्कृति के आदर्शों के प्रति समर्पित रहा भाई जी का जीवन-योगी आदित्यनाथ
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे।उन्होंने संत नित्यलीलालीन भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के 130वें जयंती महोत्सव के अवसर पर गीता वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।इस
गोरखपुर,22सितंबर: सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे।उन्होंने संत नित्यलीलालीन भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के 130वें जयंती महोत्सव के अवसर पर गीता वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म के उत्थान,गीता प्रेस व आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भाई जी के प्रेरणादायक विचारों की सराहना की ।

इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि भाई जी का व्यक्तित्व सच्चा व धार्मिक था।वह विचार व आचरण में समानता का भाव रखते थे। भाई जी ने जो कहा, जो लिखा, उसी के अनुरूप अपना जीवन व्यतीत किया।
भाई जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के आदर्शों को लेकर कल्याण के आदि संपादक के रूप में जो मानव कल्याण की, सनातन संस्कृति की सेवा प्रारम्भ की, उसी के अनुसार अपना जीवन भी जीया। वास्तव में उनका पूरा जीवन सनातन धर्म संस्कृति के आदर्शों के प्रति समर्पित रहा। सनातन धर्म केवल पूजापाठ या उपासना विधि तक सीमित नहीं है। यह मूलतः जीवन पद्धति है जिसमें समस्त मानव कल्याण, सांसारिक अभ्युदय से लेकर निःश्रेष्य के साथ भौतिक जीवन में उत्कर्ष से लेकर मोक्ष की प्राप्ति तक की विराटता समाहित है।
कर्तव्य के प्रति ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने वाला ही सच्चा सनातन धर्मावलंबी बनता है।
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म का भाव भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार के जीवन में भी देखने को मिलता है। सनातन धर्म-संस्कृति, मानवता, भारत के राष्ट्रीय आंदोलन और जीवमात्र के प्रति कल्याण की भावना से जुड़ा कोई भी ऐसा अभियान नहीं जिसमें भाई जी ने प्रत्यक्ष भूमिका न निभाई हो। गीताप्रेस और कल्याण को उन्होंने अपनी सेवा का माध्यम बनाया।
Gorakhpur News: नदियों का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर,25 हजार से अधिक की आबादी पर बाढ़ का खतरा
सीएम योगी ने कहा कि यह मेरा है, यह तेरा है का भाव संकुचित बुद्धि के लोग रखते हैं। दुनिया में द्वंद इसी भाव से शुरू होता है। यह हर व्यक्ति जानता है कि सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद, सबसे प्राचीन धार्मिक नगरी काशी और सबसे पहले राजा मनु थे। विचार करना होगा कि हम से प्रेरणा लेने वाले अर्वाचीन मतए मजहब आज छा गए हैं। इसका कुछ तो कारण होगा। इस विचारणीय बिंदु भी पर हमें भाई जी का जीवन प्रेरित करता है।












Click it and Unblock the Notifications