यूपी में भारी पड़ रहा पंचायत चुनाव, गोंडा के इस गांव में 16 मौतें, प्रशासन ने किया सील
गोंडा, मई 18: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद जिस बात का डर था वही हो रहा है। गांव-गांव कोरोना वायरस का संक्रमण फैल गया है। ग्रामीणों की मौतें हो रही हैं। यही हाल गोंडा के हलधरमऊ गांव का है। पंचायत चुनाव के बाद से इस गांव में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि ऑन रिकॉर्ड सिर्फ चार लोगों की मौत कोरोना से हुई है। गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। सोमवार देर रात जिला प्रशासन ने गांव को सील कर बल्लियां लगा दी हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव पहुंचकर जांच करेगी। बताया जा रहा है कि गांव की करीब 70 फीसदी आबादी जुकाम, बुखार से पीड़ित है।

प्रधान ने की 16 मौतों की पुष्टि
ग्राम प्रधान मसूद खां ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान के लिए बाहर प्रदेशों से कई लोग मतदान करने आए, जिनके घरों में कोरोना संक्रमण होने से कई लोगों की मौत हो गई। प्रधान ने अप्रैल से अभी तक 16 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया सूचना पर सीएचसी हलधरमऊ के स्वास्थ्य कर्मियों ने दो चार लोगों की सैंपलिंग करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। गांव में न तो सैनिटाइजेशन कराया गया और न ही दवाओं का वितरण किया गया। इस मामले में एसडीएम करनैलगंज शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि ऑन रिकॉर्ड केवल चार लोगों की मौत कोरोना से हुई है। उन्होंने कहा हम सामान्य मौतों को भी कोरोना नहीं कह सकते। गांव में मेडिकल कैंप लगाकर सबकी जांच कराई जाएगी। संपूर्ण गांव का सैनिटाइजेशन करने के लिए बीडीओ हलधरमऊ को निर्देशित किया गया है।
हाईकोर्ट ने कहा- छोटे शहरों और गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे है
बता दें, इलाहाबाद हाइकोर्ट ने सोमवार को प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि सब 'राम भरोसे' है। दरअसल, दो जजों जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और अजीत कुमार की बेंच राज्य में कोरोना मरीजों की अच्छी देखभाल की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान बेंच ने कहा कि छोटे शहरों और गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे ही है।












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