Goa election result 2022: 'भाजपा कैडर ने मेरे खिलाफ काम किया', जीत के बाद छलका BJP कैंडिडेट का दर्द
पणजी, 10 मार्च: गोवा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। पार्टी राज्य में बहुमत पाने के करीब है। कई सीटों पर उम्मीदवारों के मुकाबले ने जनता का ध्यान आकर्षित पणजी सीट ने किया। जहां से भारतीय जनता पार्टी ने अतानासियो मोनसेराटे को टिकट दिया था जबकि उनके सामने थे पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर जोकि निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे।

उत्पल चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हो सके और बहुत छोटे अंतर से अतानासियो मोनसेराटे से चुनाव हार गए। वहीं इसके बाद भी अतानासियो मोनसेरेट ने अपनी ही पार्टी पर अपने खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है।
उत्पल पर्रिकर को 6000 से ज्यादा वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंदी के वोट का आंकड़ा 6700 से कुछ ज्यादा है। जीत और हार का अंतर बहुत बड़ा नहीं रहा। जीत के बाद भी बीजेपी उम्मीदवार खुश नजर नहीं आए। अतानासियो ने कहा कि, जहां तक परिणाम की बात है तो निराश हैं। बीजेपी कैडर ने मेरे लिए नहीं बल्कि विपक्ष के उम्मीदवार के लिए काम किया। मैंने बीजेपी और कांग्रेस से लड़ाई लड़ी। यह कुछ कार्यकर्ताओं और समर्थकों के समर्थन के कारण है कि हम सीट को बरकरार रखने में कामयाब रहे।
अतानासियो मोनसेरेट ने आगे कहा कि, मुझे लगता है कि बीजेपी कैडर ने मुझे पार्टी में स्वीकार नहीं किया है। मैं इसे इस तरह से देखता हूं। अगर उन्हें (उत्पल पर्रिकर) इतने वोट मिल सकते हैं, तो यह सिर्फ इसलिए है क्योंकि कैडर ने अपना वोट उन्हें स्थानांतरित कर दिया है। बीजेपी नेतृत्व यहां डैमेज कंट्रोल नहीं कर पाया। हालांकि अतानासियो इस सीट पर आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरे नंबर पर उत्पल पर्रिकर बने हुए हैं।
अगर बात उत्पल पर्रिकर की करें तो वह इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। उन्हें इस सीट से कांग्रेस से अधिक वोट मिले हैं। ये उत्पल के पिता मनोहर पर्रिकर की पंरपरागत सीट मानी जाती है। उत्पल पर्रिकर मतगणना केंद्र से निकलते हुए कहा, 'निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में यह अच्छी लड़ाई थी, मैं लोगों को धन्यवाद देता हूं। लड़ाई से संतुष्ट हूं लेकिन परिणाम थोड़ा निराशाजनक है।












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