Ghazipur Politics: आज नामांकन करेंगे अफजाल अंसारी, राजनीतिक भविष्य के लिए 24 घंटे हैं बेहद अहम
Ghazipur Politics: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश की गाजीपुर लोकसभा सीट पर माहौल काफ़ी गर्म है। ख़ासकर मुख्तार अंसारी की मौत के बाद ग़ाज़ीपुर का चुनावी समीकरण बदल गया है। बहरहाल, पूर्वांचल की नजरें गाजीपुर लोकसभा सीट पर टिकी हैं।
गाजीपुर से समाजवादी पार्टी द्वारा मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और मौजूदा सांसद अफजाल अंसारी को टिकट दिया गया है। अफजाल अंसारी द्वारा सोमवार को गाजीपुर से नामांकन किया जाएगा। लेकिन इन सब के बीच आगामी 24 घंटे अफजाल अंसारी के लिए काफी अहम बताए जा रहे हैं।

इसमें सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि गैंगस्टर मामले में मिली सजा को बढ़ाने के लिए कृष्णानंद राय के परिजनों और सरकार द्वारा दाखिल की गई अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की जा रही है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई होनी है।
गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा 29 अप्रैल 2023 को गैंगस्टर मामले में अफजाल अंसारी को दोषी करार देते हुए 4 साल की कैद और एक लाख जुर्माना की सजा सुनाई थी। इसके बाद अफजाल अंसारी इलाहाबाद हाईकोर्ट गए थे। हाई कोर्ट से अफजाल अंसारी को जमानत दे दी गई थी, लेकिन सजा पर रोक नहीं लगाई गई थी।
इसी मामले में अफजाल अंसारी हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अफजाल अंसारी की सजा पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट में लंबित अपील को 30 जून तक निश्चित करने का आदेश दिया था। वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार और कृष्णानंद राय के परिवार की तरफ से अफजाल अंसारी की सजा बढाए जाने की अर्जी भी दाखिल की गई है।
बेटी भी करेंगी नामांकन: मंगलवार को गाजीपुर लोकसभा सीट पर नामांकन का अंतिम दिन है। ऐसे में सोमवार को ही अफजाल अंसारी नामांकन करेंगे। लेकिन यदि उन्हें सजा हो जाती है तो वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसी स्थिति में अफजाल अंसारी की बेटी चुनाव लड़ेंगी।
लेकिन इसके बीच जो दूसरी समस्या सामने आ रही है वो यह है कि यदि अफजाल अंसारी के मामले में अगली तिथि नामांकन और नाम वापसी की तिथि बीत जाने के बाद की मिलती है और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई के दौरान उनकी सजा बढ़ा दी जाती है तो उनके सामने समस्या उत्पन्न हो जाएगी और वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
इस राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में उनकी बेटी को भी चुनाव मैदान में रहना होगा। लेकिन इसका नुकसान भी समाजवादी पार्टी को हो सकता है। फिलहाल अब देखना होगा कि सोमवार को उनके मामले में क्या होता है? अफजाल अंसारी से जुड़े लोगों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।












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