MP से गुजरात में आकर बिछड़ गई टाइगर फैमिली? गांववाले बोले- जंगल में बच्चे के साथ दिखी बाघिन
Gujarat News In hindi, गांधीनगर। महिसागर के जंगलों में बाघिन को अपने शावक के साथ विचरता हुआ देखा गया है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि लूनावाड़ा में शिगामली को बाघिन और शावक के पंजे भी दिखे हैं। लोगों का कहना है कि यहां बाघिन एक बाघ की तलाश कर रही है। बीते फरवरी माह की 10 तारीख को गुजरात में बाघ पाए जाने की खबर आई थी। जिसके लिए वन विभाग ने महिसागर के जंगलों में व्यापक स्तर पर जांच कर इसकी पुष्टि की थी।

हालांकि, बाद में एक बाघ 26 फरवरी को मृत पाया गया। उस बाघ के मरने पर वन्यजीव प्रेमियों में निराशा छा गई, क्योंकि गुजरात की धरती पर वह एकलौता बाघ माना जा रहा था। शेर, तेंदुए तो यहां थे ही, मगर बाघ करीब 35 साल बाद दिखा था। अब फिर यहां जंगलों में एक बाघिन और उसके शावक को देखे जाने का दावा स्थानीय निवासी कर रहे हैं।
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वहीं, 26 फरवरी को मृत पाए गए बाघ को लेकर एफएसएल रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें ये बात सामने आयी कि बाघ की मौत लंबे समय तक भोजन नहीं मिलने की वजह से हुई थी। वन विभाग के अधिकारी अब इन्हीं जंगलों में एक बाघिन को देखे जाने की सूचना पर अलर्ट हो गए हैं। कुछ लोगों के अनुसार, बाघिन महिसागर जिले में ही घूम रही है, उसका साथ उसका शावक यानी बच्चा भी है।
वन विभाग का प्रारंभिक अनुमान है कि बाघ का एक परिवार मध्य प्रदेश से गुजरात में दाखिल हुआ होगा। जिसमें बाघ अपने परिवार से बिछड़ गया होगा। वन विभाग की टीम ने फिर से जंगलों में छानबीन शुरू कर दी है।
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