ऋणमाफी के लिए गुजरात के किसान भी करेंगे आंदोलन, कांग्रेस ने किया था 3 राज्यों में माफ
Gujarat News, गांधीनगर। कांग्रेस सरकार द्वारा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में किसानों की ऋणमाफी किए जाने के बाद गुजरात के किसानों को भी भाजपा सरकार से कर्जमुक्ति का इंतजार है। हालांकि, यहां सरकार ने साफ इनकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि गुजरात में किसानों की हालात अन्य राज्यों से अच्छी है, ऐसे में कर्जमाफी की जरूरत ही नहीं है। नाराज किसानों ने अब आंदोलन का बिगुल फूंकने का ऐलान किया है।

विभिन्न इलाकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुजरात में किसान आंदोलन की मुहिम राजकोट से शुरू होने वाली है। इस आंदोलन को भारतीय किसान संघ नहीं, बल्कि राष्ट्रीय किसान महासंघ के गुजरात एकम ने शूरू करने का ऐलान किया है। राजकोट में 11 जनवरी को सुबह गुजरात के प्रमुख किसान नेता ने मीडिया कॉन्फ्रेंस रखी है, जिसमें आंदोलन के कार्यक्रम जारी किये जायेंगे।
बता दें कि पहले से ही राष्ट्रीय किसान महासंघ द्वारा किसानों की चार मांगों को लेकर आंदोलन हो चुका है। यह महासंघ देशभर के 180 से अधिक किसान संगठनों का गठन है। इसके देश में अनेक कार्यक्रम हो चुके हैं। महासंघ के आह्वान पर कई देशव्यापी किसान आंदोलन भी हो चुके हैं।
गुजरात में इस बार किसानों की 4 प्रमुख मांगें
1. देश के सभी किसानों का कर्जमुक्त किया जाए।
2. किसानों को लागत मूल्य पर 50 पर्सेंट जोड़कर MSP दिया जाए।
3. फल, सब्ज़ी एवं दूध का MSP तय किया जाए।
4. किसानों की आय सुनिश्चित की जाए।
बुलाई गईं बैठक
राजकोट में राष्ट्रीय किसान महासंघ की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में किसान आंदोलन की रणनीति एवं कार्ययोजना तय की जाएगी। ये बैठक आज और कल चलेंगी। इस मर्तबा मध्यप्रदेश से शिव कुमार कक्काजी, पंजाब से जगजीत सिंह, कर्नाटक से शांताकुमार, उत्तर प्रदेश से चौधरी हरपाल सिंह, गुजरात से जे के पटेल, जम्मू कश्मीर से हामिद मलिक, महाराष्ट्र से श्रीकांत तराल, राजस्थान से संतवीर सिंह, केरल से के वी बीजू, आंध्र प्रदेश से शेषगिरी राव मुख्य तौर पर भाग लेंगे।
कई इलाकों में अकाल पड़ा
इस संगठन के गुजरात एकम के प्रमुख किसान नेता जे.के.पटेल के अनुसार, हमारी मांग है कि गुजरात में भी किसानों का कर्ज माफ किया जाय। देश के विभिन्न राज्यों में किसानो का कर्ज माफ किया गया है, उसी तरह गुजरात की भाजपा सरकार भी किसानों का कर्ज माफ करे। ये मुख्य मांग होगी। गुजरात के किसानों की हालत अच्छी नहीं है। इस साल राज्य के कई इलाको में अकाल पडा है, किसानों को पानी की किल्लत उठानी पड रही है। गुजरात के किसानों को उचित मूक्य नहीं मिल पा रहा है।












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