गुजरात कांग्रेस में फिर भूचाल के संकेत, CM रुपाणी के मंच पर पहुंचे विपक्षी विधायक
गांधीनगर। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के दौरान मोदी सरकार की राज्यसभा में मजबूती से कांग्रेस भौंचक्क है। वहीं, गुजरात में कांग्रेस फिर भाजपा के सामने कमजोर होती दिख रही है। कांग्रेस के कई विधायकों की नजरें भाजपा की ओर हैं। ऐसे संकेत मिले हैं कि विपक्ष के कुछ विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। राज्य में उपचुनावों की घोषणा से पहले कांग्रेस के पांच से सात असंतुष्ट कांग्रेसियों के भाजपा में शामिल होने की संभावना है।

विजय रुपाणी 3 साल के शासन को पूरा कर रहे
कांग्रेस विधायकों की भाजपा में शामिल होने की संभावना इतनी प्रबल हो गई है कि अबदासा विधानसभा बैठक के कांग्रेसी विधायक प्रध्युमन सिंह जडेजा ने सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी 3 साल के शासन को पूरा कर रहे हैं, इस अवसर पर महात्मा मंदिर में कांग्रेसी विधायक ने मंच पर उपस्थित होकर पार्टी के स्थानीय नेताओं को चौंका दिया है।

पांच से सात कांग्रेसियों का यह कहना
धारा 370 को हटाने के साथ, गुजरात कांग्रेस में एक राजनीतिक भूकंप आने की संभावना है। कांग्रेस आलाकमान लोकसभा चुनाव के बाद तीन महीने में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यों के संगठन को अभी तक नहीं बदल सका है। अटकलें हैं कि पांच से सात कांग्रेसी विधायक इस्तीफा देंगे और भाजपा में शामिल होंगे। इन विधायकों की सूची में प्रध्युमनसिंह जडेजा भी शामिल है।

भाजपा में शामिल हो सकते हैं एक दर्जन विधायक
भाजपा के प्रति कांग्रेस विधायकों की नजर कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। प्रद्युमन सिंह जडेजा जैसे एक दर्जन कांग्रेस विधायक हैं जो पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन विधायकों का मानना है कि हम मंत्री नहीं बन सकते हैं, लेकिन भाजपा के प्रतीक के साथ, हमें सचिवालय में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा और हमारे काम होंगे।

कांग्रेस पिछले 28 सालों से सत्ता में नहीं
कांग्रेस के एक नाराज विधायक ने कहा कि, राज्य में कांग्रेस संगठन अस्थिर है। गुजरात में कांग्रेस कभी भी उठ नहीं पाएगी। कांग्रेस पिछले 28 सालों से सत्ता में नहीं है और 2022 का भविष्य भी हमें अंधकारमय नजर आ रहा है। एक तरफ भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 लोकसभा की तैयारी शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति भी नहीं कर सका है। जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के कदमों के कारण कांग्रेस को आने वाले चुनावों में सफलता मिलने की कतई उम्मीद नहीं है।

कांग्रेस को कर्नाटक गंवाना पड़ा
अपने इस्तीफे के साथ कांग्रेस के दो सदस्यों कुंवरजी बावलिया और जवाहर चावड़ा को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया, तो कांग्रेस के एक विधायक ने कहा, हमें उम्मीद है कि, भाजपा में जुडने के बाद हमारे पुराने दोस्त हमारा काम करेंगे। कर्नाटक सरकार की हार के पीछे कांग्रेस नेताओं की सत्तालालसा जिम्मेवार है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने अड़ियल रवैये के कारण कर्नाटक जैसा बडा राज्य खो दिया है।












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