World Meditation Day: ध्यान को सरल बनाने के लिये 6 सरल चरण
बेंगलुरू। प्राचीन ऋषि मुनि मानते थे कि ध्यान आपको आपके उस भाग से जोड़ता है जो कि सदैव ही शांत रहता है और जिस पर घटनाओं को कोई प्रभाव नही पड़ता। इस अद्धितीय भाग की छोटी सी झलक ही आपकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को बदल देता है। आधुनिक शोघ और अध्ययन से पता चलता है कि ध्यान से आपके मस्तिष्क का ग्रे मैटर बढ़ता है, इससे आप में स्पष्टता और केंद्रित होने की शक्ति बढ़ती है और कार्डियावस्कुलर स्वास्थ सुधरता है।
'वर्ल्ड मेंडिटेशन डे'
ध्यान के इस लाभ के उपरांत भी बहुत से लोग इसे करने में कठिनाई अनुभव करते हैं। अनेक लोग कहते हैं कि उनके मन बहुत सारे विचार चलते हैं, जब वे ध्यान करने बैठते हैं और अपने प्रयास में असफल हो जाते हैं। 'वर्ल्ड मेंडिटेशन डे' आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के जन्म दिन पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा मनाया जाता है, जिन्होंने भारत की इस प्राचीन विद्या को 155 देशों के 370 मिलीयन लोगों तक पंहुचाया है।
यहां पर कुछ ऐसे टिप्स दिये जा रहे हैं जो आपके ध्यान के अभ्यास में सहायक होंगें...

खाली या हल्का पेट
यदि आप खाली या हल्का भोजन करके ध्यान करें तो बेहतर होगा। यदि आपने ज्यादा भोजन किया है तो आप को नींद आ जायेगी।
ध्यान करने से पहले हल्का सा योगाभ्यास करें
कुछ हल्के योग और आसन आपके रजस गुण को समाप्त कर देते है(रजस गुण आप में बेचैनी उत्पन्न करता है), आपके शरीर और मन को विश्राम में ले जाते हैं और आपका मन शांत होने लगता है। आप चाहे तो 10 से 15 मिनट्स तक सूर्य नमस्कार के कुछ राउंडस कर सकते हैं।

अपने मन को केंद्रित ना करें
'मेडिटेशन किसी वस्तु पर केंद्रित करना नही है, अपितु केंद्रित ना करना ही ध्यान है।' श्री श्री रविशंकर, आध्यात्मिक और मानवतावादी संत कहते हैं, जिनकी शिक्षा से पूरे विश्व में लगभग 370 मिलीयन लोगों को लाभ मिला है। अपने मन को एक जगह केंद्रित करके उस समय को नष्ट ना करें, जैसा है, वैसा ही रहने दें।

कुछ अवधारणाओं की सहायता लें
हमारा मन इसलिये ध्यान नही कर पाता क्यांकि हम अपनी इच्छाओं में अटके हुये हैं, हम कुछ अपने कार्यों और पहचान में अटके हुये हैं। जब हमारा मन इन तीनों से मुक्त हो जाता है तो हम ध्यान करने के योग्य हो जाते हैं। श्री श्री रविशंकर तीन धारणाओं को करने के लिये कहते है, जब हम ध्यान करने जाये तो ये धारणा करेंः
- मै कुछ नही हूं।
- मुझे कुछ नही चाहिये।
- मैं कुछ नही कर रहा हूं

साक्षी भाव रखें
जो भी विचार आयें, ना तो उनको दबायें और ना ही उनमें भाग लें। जब आप अपने विचारों के साक्षी बन जाते है तो वे स्वयं ही गायब हो जाते हैं।

प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स से ध्यान करना सीखें
यहां पर अनेक प्रकार के वेल्थ मैनेजमेंट, फायनेंस या औषधि मैनेजमेंट के कोर्स हैं, लेकिन मन को मैनेज करने के लिये गुरु की आवश्यकता है और ध्यान गुरु से ही सीखा जा सकता है। इस वर्ल्ड मेंडिटेशन डे पर यह संकल्प लें कि आप एक प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स से ध्यान सीखेंगे।
नोट: इस आर्टिकल की लेखिका Divya Kanchibhotla,श्री श्री एडंवास रिसर्च विभाग की इंटरनेशन मेडिटेशन ट्रेनर और डायरेक्टर हैं।
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