Poonch Terror Attack: आतंकियों के निशाने पर पुंछ क्यों? जानें यहां कब-कब हुए हमले
पुंछ में एक बार फिर से सेना की गाड़ी पर आतंकी हमला किया गया है। बॉर्डर एरिया होने के कारण पुंछ में आतंकी घुसपैठ भी बहुत ज्यादा है।

Poonch Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर के पुंछ जिले में 20 अप्रैल 2023 को सेना के एक ट्रक पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी। इस हमले में 5 सैनिक शहीद हो गये, जबकि एक गंभीर रूप से घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सेना ने अपने बयान में कहा कि भीमबेर गली इलाके के पास दोपहर करीब 3 बजे आतंकवादियों ने ट्रक में गोलीबारी की, जिसके बाद ट्रक में आग लग गई।
उधर दूसरी ओर इस हमले की जिम्मेदारी पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने ली है। यह संगठन पाकिस्तान बेस्ड आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करता है। इस आतंकी संगठन के कबूलनलामे से साफ होता है कि इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ है।
दो सालों में तीन बड़े आतंकी हमले
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से आतंकी हमलों में कमी दर्ज की गई है। लेकिन, आतंकियों पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई जा सकी है। बीते दो सालों में जम्मू-कश्मीर के सिर्फ पुंछ जिले में 3 बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। 20 अप्रैल 2023 को भारी बारिश और कम रोशनी का फायदा उठाते हुए आतंकियों ने राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के जवानों को लेकर जा रहे एक ट्रक पर हमला कर दिया। इसमें राशन के अलावा ईंधन भी रखा हुआ था। जिसमें पांच जवान शहीद हो गये।
वहीं 11 अक्टूबर 2021 को पुंछ जिले के सुरंग कोट तहसील में हुए एक आतंकी हमले में पांच भारतीय सेना के जवानों की शहादत हो गई थी। इसके कुछ दिन बाद 16 अक्टूबर 2021 को ही पुंछ जिले में फिर से एक आतंकी हमले हुआ था, जिसमें 4 जवान शहीद हुए थे। इसी महीने में 11 नागरिकों को आतंकियों द्वारा सिर्फ इसलिए मार दिया गया था क्योंकि उनको शक था कि ये सेना के लिए मुखबिरी का काम करते हैं। उनमें 7 हिंदू और 4 मुस्लिम थे।
2011 की जनगणना को देखें तो जिले में इस्लाम (90.45%), हिंदू धर्म (6.84%), सिख धर्म (2.35%), ईसाई धर्म (0.20%) और अन्य ( 0.02%) हैं।
2023 में पुंछ में आतंकी एक्टिविटी
गौर करने वाली बात है कि पिछले तीन महीनों में पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियां फिर से बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
● 8 जनवरी को ही पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना ने दो घुसपैठियों को मार गिराया गया था।
● 15 जनवरी को सुरक्षा बलों ने पुंछ जिले के सिंदारा गांव के पास सुरनकोट सेक्टर में एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाया। यहां से हथियार मिले थे।
● फरवरी को पुंछ जिले में सर्च ऑपरेशन के दौरान 18 ग्रेनेड बरामद हुए थे।
● 9 फरवरी को सुरक्षा बलों ने पुंछ जिले की मेंढर तहसील में नाका मजियारी गांव में एक आतंकवादी ठिकाने का पता लगाया था। यहां से कई हथियार भी मिले थे।
● 9 अप्रैल को 17 किलो नारकोटिक्स के चौदह पैकेट के साथ तीन बैग, पाकिस्तानी करेंसी और खाने-पीने के सामान के साथ दो घुसपैठियों को जिंदा पकड़ा गया, जबकि एक घुसपैठिये को सुरक्षाबलों ने मार गिराया।
जी-20 समिट को रोकना मकसद?
बता दें कि जब से भारत सरकार ने जी20 समिट के लिए कश्मीर को चुना है तब से पाकिस्तान समेत कई आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। PAFF आतंकी संगठन ने इसे लेकर चेतावनी भी दी थी। क्योंकि जी-20 समिट के तहत लेह में 26 से 28 अप्रैल और श्रीनगर में 22 से 24 मई को बैठक आयोजित होनी है। जी-20 के प्रतिनिधि 22 मई को श्रीनगर पहुंचेंगे और 23 मई को बैठक होगी। 24 मई को दूसरे देशों से आए प्रतिनिधियों को घाटी के दर्शन कराए जाएंगे जिसमें डल झील, शिकारा की सवारी, दाचीगाम वन्यजीव अभ्यारण्य और गुलमर्ग का स्की रिसॉर्ट शामिल है।
निशाने पर आखिर पुंछ क्यों?
उसे समझने से पहले हम पुंछ की भौगोलिक स्थिति को समझते है। पुंछ जिले का कुल क्षेत्रफल 1,674 वर्ग किलोमीटर (646 वर्ग मील) है। जिले की सीमा कुलगाम जिले, शोपियां जिले और पूर्व में बडगाम जिले, दक्षिण में राजौरी जिले और बारामूला जिले और हवेली जिले से लगती है। वहीं उत्तर में पाकिस्तान प्रशासित जम्मू और कश्मीर और पश्चिम में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर का पुंछ जिला है।
इस तरह से देखें तो पुंछ जिला, जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का बॉर्डर इलाका है। यही वजह है कि इस जिले को बहुत ही ज्यादा संवेदनशील माना गया है। अक्सर ही पाकिस्तान की तरफ से इस इलाके में सीजफायर का उल्लंघन होता रहता है ताकि इसका फायदा लेकर वो घुसपैठ करा सके।
वहीं जनवरी 2023 में इंडिया टुडे ने एक खुफिया रिपोर्ट का हवाला देकर लिखा कि पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ के लिए एलओसी के पास फॉरवर्ड डिफेंस लोकेशन को निशाना बना रहे हैं। खबरों के मुताबिक राजौरी जो पुंछ से सटा जिला है। उसके पास पाकिस्तानी सेना की ओर से चार लॉन्चिंग पैड्स तैयार किये गये हैं। साथ ही कोटली, लंजोत, निकैल और खुरैटा पर मौजूद लॉन्चिंग पैड्स से तकरीबन 30 आतंकवादी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश में लगे हैं। ये सभी लोकेशन राजौरी और पुंछ के सामने एलओसी में आती है। वहीं इस रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का जिक्र है, जो आतंकी हमलों को लेकर योजना बना रहा था।
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घाटी में पिछले कुछ सालों में हुए इतने आतंकी ढेर?
जुलाई, 2022 में मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में बताया था कि 2019 के बाद आतंकी हमलों और गतिविधियों में कमी आई है। जम्मू और कश्मीर में 2018 में 417 आतंकी हमले हुए थे, जो 2021 तक घटकर 229 हो गये थे।
● साल 2019 में 154 आतंकी मारे गए और 80 जवान शहीद हुए।
● साल 2020 में जम्मू और कश्मीर में 244 आतंकी हमले हुए और 221 आतंकी मारे गये। जबकि 62 जवान शहीद हुए। वहीं 37 आम नागरिक भी मारे गये थे।
● साल 2021 में 229 आतंकी हमले जम्मू और कश्मीर में हुए। इसमें 182 आतंकी मारे गये और 42 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा 41 आम नागरिक मारे गये थे।
● वहीं ADGP कश्मीर, विजय कुमार ने मीडिया को 31 दिसंबर, 2022 को जानकारी दी थी कि साल 2022 में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच कुल 93 सफल मुठभेड़ें हुईं, जिसमें 42 विदेशी आतंकवादियों सहित 172 आतंकवादी मारे गये थे।
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