सफल महिला होने के लिए क्या आवश्यक है

मैं अपने जीवन में जितनी भी महिलाओं से मिली हूं उनमें से बहुतों की जीवन यात्रा आसान नहीं रही है। हम यह भी कह सकते हैं कि इस जीवन यात्रा में आपसी सहयोग, मित्रता की भावना हमेशा कम रही जबकि इस बात का ख्याल अधिक रखना पड़ा कि कौन आपके खिलाफ शड़यंत्र रच रहा है या कौन आपको नीचा दिखाने का प्रयत्न कर रहा है। एक महिला होने के कारण न केवल लिगं भेद आधारित चुनौतियां रहती हैं बल्कि महिलाओं की घृणा का भी शिकार होना पड़ता है। इसी कारण जीवन यात्रा में तनाव रहता है और यही तनाव शरीर व मन के लिए हानिकारक सिद्ध होता है। इसके अलावा कइर् महिलाएं स्वयं को विभिन्न सीमाओं में बांध लाते हैं। यहां तक कि उन्हें कर्इ बार यह भी महसूस होात है कि वे सफलता प्राप्त करने के योग्य नहीं हैं। उन्हें सफलता प्राप्त करना कर्इ बार स्वयं के बस से बाहर की बात लगती है।
अब प्रश्न यह आता है कि आखिर एक सफल महिला होने के लिए किस बात की आवश्यकता है। मुझे लगता है कि सफल महिला अपनी भीतरी इच्छा शकित का उपयोग कर स्वयं के लिए विभिन्न संभावनाओं का निर्माण करती है- फिर चाहे व घर हो या कार्यस्थल। इस बारे में प्रसिद्ध आध्यातिमक गुरू श्री श्री रविशंकर का कहना है कि जो सफलतापूर्वक चनुौतियों का प्रबंधन व सामना करता है वह जीवन के पथ पर खुशहालपूर्वक अग्रसर होता है। अत: सफलता प्रापित हेतु विभिन्न बातों का होना आवश्यक है जैसे:-
प्रतिबद्धता: जीवन में एक असफलता दूसरी सफलता को योगदान देती है। अत: हमें जीवन की असफलताओं से कभी घबराना नहीं चाहिए बल्कि हमेशा उनसे सीखकर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
समय: जीवन मे किसी भी बात के विकास व पोषण हेतु केवल पैसे का निवेश ही काफी नहीं है। किसी निशिचत दिशा मे ंहमारा समय व ध्यान भी अति आवश्यक है।
टीमवर्क: जीवन के पथ पर हम अकेले चलकर बहुत अधिक सफल नहीं हो सकते जबकि यदि टीम द्वारा समग्र रूप से आगे बढ़ा जाए तो निशिचत तौर पर थोड़ेसमय में सफलता के शिखर को छुआ जा सकता है। अत: सफलता प्राप्त हेतु सभी का सहयोग, योगदान अति आवश्यक है।
मौन: शांति व वैराग्य द्वारा जीवन के कठिन क्षण भी आसानी से गुजर जाते हैं।
प्रतिबिंब: प्रत्येक दिन के अंत में हमें स्वयं के लिए समय निकालकर अपनी गतिविधि पर ध्यान देना चाहिए और यह विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसा कौन सा कार्य था जो दूसरों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया।
उदाहरण स्थापित करना: एक सफल महिला केवल आपको रास्ता ही नहीं बताती बल्कि उस रास्ते पर चलकर भी दिखाती है। जीवन के प्रत्येक क्षण में मौन आपको कार्य को बेहतर समझने की शकित व साहस प्रदान करता है।
रिश्तों को लेकर चलना सबसे बड़ी चुनौती
एक महिला को सफलता के पथ पर चलते समय परिवार, कार्य व रिश्तों के बीच सामंजस्य बनाना पड़ता है। अत: जब हम यह जानते हैं कि हमारा व्यकितत्व बहुआयामी है तो हम आसानी से इन सभी के बीच सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं। परंतु इस बात का पता हमें शांति व मौन के क्षणों में ही चलता है और यह शांति व मौन हमें ध्यान व साधना के द्वारा ही प्राप्त होती है।
मुझे लगता है कि ध्यान हमारी उत्पादक क्षमता को और अधिक बढ़ाता है। यह मेरा निजी अनुभव है कि ध्यान के पश्चात पूरे दिन के कार्य को भी हम दो घंटों में आसानी से पूरा कर सकते हैं। तभी हमें अनुभव होता है कि हम सभी में अपार संभावन व क्षमता समार्इ है और जीवन के प्रत्येक कार्य को हम बड़ी आसानी से कर सकते है। अत: ध्यान हेतु हमें सभी को स्वयं को प्राइम टाइम देना चाहिए।
ध्यान के क्षणों में हम स्वयं के विस्तार व स्वयं की कमियों का अनुभव कर सकते हैं। यह आंतरिक विस्तार ही दूसरों को समझने व संबंध स्थापित करने में मदद करता है और हमें जीवन के मकसद की तरफ अग्रसर करता है। संयुक्तता व प्रतिबद्धता ही ध्यान का प्रतिफल है। ध्यान के क्षणों में हम आंतरिक ताकत के मूल स्त्रोत को जान सकते हैं। श्री श्री रविशंकर हमेशा कहते हैं कि सफलता मतलब मजबतूी, ऐसी मुस्कुराहट जिसे तुमसे कार्इ भी न छीन सके और ऐसा साहस जो कभी भी खत्म न हो।
क्या है सफलता की परिभाषा
सही मायने में सफलता अर्थात भीतरी और बाहरी जगत में सफल होना है। सफलता का तात्पर्य कार्य में पधोनति प्राप्त करना, ढेर सारा धन एकत्रित करना व मैगजी़न के पहले पेज पर आना ही नहीं है। बल्कि क्या हम अपने जीवन की छोटी से छोटी चीज़ का आनन्द उठा पा रहे हैं अर्थात घास पर मोतियों के समान बिखरी ओस की बंदू का अनुभव कर पा रहे हैं , क्या हम पक्षियों की चहचहाट का आनन्द ले पा रहे हैं। क्या हम नीले आसमान में बनी विभिन्न आकृतियों को देख खुशी का अनुभव कर पा रहे हैं।
क्या हम बगीचे में खिले पौधों को पानी देते समय आनन्द का अनुभव करते हैं। क्या हमने कभी अपने घर में लगे बैम्बू प्लांट में आए दो नए पत्तों को देखकर आनंद महसूस किया है। क्या हम कभी अपने कारपेट पर बनी कलाकृतियों को देखकर आनंदित हुए है, क्या हमने सैंडविच बनाते समय विभिन्न प्रयोग किए है व उनका आनंद उठाया है। कहने का तात्पर्य यह है कि जीवन के प्रत्येक क्षण को पूरी उत्सुकता व तन्मयता से जीना व उस क्षण में समाकर उस क्षेण में आनंद प्राप्त करना ही सफल महिला का सूचक है।
हाल ही में छपे लख में ब्रेकशायर हैथवे के चयेरमैन व सीर्इओ वारेन बुफे ने यह बताया है कि कैसे महिलाएं अमेरिका की सफलता व सम्पन्नता में मुख्य रूप से सहायक हैं। मेरा हमेशा ही विश्वास रहा है कि महिलाएं किसी भी समाज का दिल होती हैं:- महिलाएं ही पारिवारिक एकता में सहायक होती हैं और बहुआयामाी प्रतिभा होने के कारण नेतृत्व करती हैं। ऐसा समाज जो महिलाआं को सशक्त बनाता है वह सम्पन्नता व सफलता की तरफ अग्रसर होता है।
लेखिका का परिचय- भानूमति नरसिम्हा अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन की चेयरपर्सन होने के साथ साथ एक ध्यान शिक्षक और द आर्ट आफ लिविंग फांउडेशन के वूमैन एंड चाइल्ड वेलफेयर प्रोग्राम की निदेशिका भी हैं। हैं












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