Swiss Banks: जिस स्विस बैंक में भारतीयों ने जमा किया काला धन, वह 115 साल बाद घाटे में
काले धन के गुप्त खातों के लिए दुनिया में सबसे बदनाम नेशनल बैंक को अरबों रुपये का घाटा हुआ है। इसी बैंक में कई भारतीयों ने भी अपना काला धन छुपाया हुआ है।

Swiss Banks: स्विस नेशनल बैंक को पिछले 115 वर्षों में सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। यह नुकसान लगभग $141 बिलियन का है। बैंक ने इस घाटे के लिए अपने निवेश के मूल्य में गिरावट को जिम्मेदार ठहराया है जोकि बांड एवं शेयर बाजार में गिरावट के कारण हुई है। यही नहीं, स्विस फ्रेंक मुद्रा के मजबूत होने से भी स्विस नेशनल बैंक का घाटा हुआ है, जिससे बैंक की होल्डिंग कम हो गई और विदेशी निवेश से रिटर्न कम हो गया।
स्विस बैंक क्या है?
स्विट्जरलैंड में स्थित बैंकों को स्विस बैंक कहते हैं। ये बैंक उच्च स्तरीय सुरक्षा और गोपनीयता के साथ ग्राहकों को कई तरह की वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं। स्विट्जरलैंड की स्थिर अर्थव्यवस्था के कारण स्विस बैंकों का उपयोग पूंजीपतियों, निगमों और सरकारों द्वारा अपनी संपत्ति एवं निवेश के प्रबंधन करने के लिए किया जाता है। गौरतलब है कि स्विस बैंकों की गोपनीयता और उससे जुड़े कानूनों ने उन्हें उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय बैंक बना दिया है जो अपने धन पर टैक्स की चोरी करना चाहते हैं। इसे ही काला धन अथवा ब्लैक मनी कहा जाता है जोकि इस बैंक में पिछले कई दशकों में भारत सहित दुनियाभर के लोगों ने जमा किया हुआ है।
प्रमुख भारतीयों के अकाउंट
स्विट्जरलैंड सेंट्रल बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 तक स्विस बैंकों में अपने नागरिकों और उद्यमों द्वारा जमा किए गए धन के मामले में भारत तीन स्थान नीचे गिरकर 77वें स्थान पर आ गया था। जबकि ब्रिटेन पहले स्थान पर था। हालांकि, जुलाई 2022 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि स्विस बैंकों में भारतीय नागरिकों और कंपनियों द्वारा जमा किए गए धन की सटीक राशि का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। फिर भी ऐसे कई प्रमुख भारतीय नाम है जिनके स्विस बैंक में काले धन जमा होने की खबरें सुर्खियां बनी।
इसमें सबसे बड़ा नाम विजय माल्या का है जोकि धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में भारत में वांछित हैं। उन पर अरबों डॉलर के कर्ज का भुगतान नहीं करने का भी आरोप है। साल 2016 में छपी खबरों के मुताबिक स्विस बैंक खातों में उनके पास $1.4 बिलियन थे।
अगस्त 2022 में आयकर विभाग ने दो स्विस बैंक खातों में रखे ₹814 करोड़ से अधिक के अघोषित धन पर ₹420 करोड़ की टैक्स चोरी करने के लिए अनिल अंबानी के खिलाफ काला धन अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की मांग की थी। माना जाता है कि अनिल अंबानी के स्विस बैंक अकाउंट में $26 मिलियन से भी अधिक धन जमा है।
नरेश गोयल जेट एयरवेज के संस्थापक थे। यह एयरलाइन साल 2019 में दिवालिया हो गई थी। उन पर 2011 में मनी लॉन्ड्रिंग और कर चोरी का आरोप लगा और साल 2019 में खबर छपी कि उनके स्विस बैंक खाते में $18 मिलियन से अधिक धन जमा है।
नवंबर 1988 में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने राजीव गांधी पर स्विस बैंक का अकाउंट होने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी के स्विस बैंक अकाउंट का नंबर 99921TU है और उस अकाउंट में 3,20,76,709 स्वीडिश क्रोनर जमा हैं।
भारत और स्विस बैंक
साल 2019 में, स्विट्जरलैंड और भारत ने वित्तीय खातों पर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान (AEOI) को लागू करने के लिए एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मतलब यह है कि स्विस बैंक अब अपने यहां खाता रखने वाले भारतीय नागरिकों की जानकारी भारतीय ऑथोरिटिज को मुहैया करायेंगे। यह कदम कर चोरी एवं काले धन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया है।
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इससे पहले, साल 2014 में भारत सरकार ने स्विस बैंकों सहित विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा रखे गए काले धन और बेहिसाब धन के मुद्दे की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसके अलावा, सरकार ने काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम 2015 भी पेश किया, जो अपनी विदेशी संपत्ति का खुलासा करने में विफल रहनेवालों के लिए कठोर दंड और अभियोजन का प्रावधान करता है।
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