Supermoon 2017: आज जमीं पर जमकर बरसेगी चांदनी क्योंकि आज दिखेगा 'सुपरमून'
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नई दिल्ली। आज रात जमीं पर चांदनी जमकर बरसेगी, जानते हैं क्यों, क्योंकि आज आकाश में आपको मून नहीं बल्कि 'Supermoon ' दिखाई देगा, ये इस साल पहली और अंतिम बार होगा। आज रात चांद अपेक्षाकृत 7 प्रतिशत बड़ा और 16 प्रतिशत ज्यादा चमकदार दिखेगा। मालूम हो कि पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए चंद्रमा जब धरती के सबसे नजदीक आ जाता है तो उस स्थिति को 'पेरीजी' और कक्षा में जब सबसे दूर होता है तो उस स्थिति को 'अपोजी' कहते हैं। आज चांद 'पेरीजी' होगा और इस कारण वो बड़ा दिखाई देगा। ये तो हुई खगोलीय बातें लेकिन साहित्य में तो चांद को सुंदरता और मोहब्बत की मिसाल माना जाता है, इसलिए आज की रात आप सभी लोग चांद का दीदार अपने-अपने चांद के साथ करें तो बेहतर होगा।

कुछ खास बातें...
चंद्रमा से आसमान नीला नहीं बल्कि काला दिखायी देता है क्योंकि वहां प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं है। 2016 में तीन सुपरमून की घटना हुई थी लेकिन साल 2017 में केवल आज सुपर मून दिखाई देगा। चन्द्रमा की कक्षीय दूरी, पृथ्वी के व्यास का 30 गुना है इसीलिए आसमान में सूर्य और चन्द्रमा का आकार हमेशा सामान नजर आता है।

4.5 अरब साल पहले
कहते हैं आज से 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी से हुई एक टक्कर के बाद चंद्रमा का जन्म हुआ था। चंद्रमा एक उपग्रह है जो कि पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाता है। विज्ञान के हिसाब से चांद पर पृथ्वी की तुलना में गुरुत्वाकर्षण कम है इसी कारण चंद्रमा पर पहुंचने पर इंसान का वजन कम हो जाता है। वजन में ये अंतर करीब 16.5 फीसदी तक होता है। यह सौर मंडल का 5वां सबसे विशाल प्राकृतिक उपग्रह है।

चांद को भगवान माना गया
सूर्य के बाद आसमान में सबसे अधिक चमकदार निकाय चन्द्रमा है। पूरा चांद, आधे चांद की तुलना में नौ गुना ज्यादा चमकदार होता है। हिंदू धर्म में चांद को भगवान माना गया है, करवाचौथ, पूर्णिमा जैसे व्रत चंद्रमा को ही देखकर होते हैं।

इस्लाम
इस्लाम में तो चांद के बिना कोई काम ही नहीं होता है। ईद-उल-फितर, रमजान, ईदुज्जुहा और मुहर्रम जैसे प्रमुख पर्व चांद देखकर ही फाइनल होते हैं। कहते हैं कि हजरत मुहम्मद साहब ने कहा था कि मुसलमान तीज-त्योहार चांद देखकर ही मनाए। इसलिए मुस्लिम बिरादरी समूचे विश्व में हिजरी कैलेंडर के मुताबिक पर्व मनाती है।

अगर चांद एकदम से गायब हो जाए तो..
अगर चांद एकदम से गायब हो जाए या फिर वो चक्कर लगाना बंद कर दे तो पृथ्वी पर रात-दिन 6 घंटे के रह जायेंगे। चांद का केवल 59 प्रतिशत हिस्सा ही हम पृथ्वी से देख सकते हैं। चांद पर पानी है, इस बारे में सबसे पहले भारत ने पता लगाया था।












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