Same Sex Marriage: समलैंगिक विवाह: कुछ लोगों की पसंद और दुनिया भर में हगांमा
समलैंगिक विवाह इन दिनों हॉट न्यूज़ बना हुआ है। दुनिया भर की मीडिया में इसे लेकर चर्चा हो रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर को दिए अपने फैसले में समलैंगिक विवाह को क़ानूनी मान्यता देने से इंकार कर दिया, फिर भी दो समान तरह के लोगों के आपसी संबंध पर अलग-अलग विश्लेषण जारी है।
यह जानना जरूरी है कि बहुत थोड़े से ही लोग हैं जो अपनी पसंद के लिए कानून और संविधान तक बदलवाने में कामयाब हो रहे हैं, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगामा खड़ा करने में भी कामयाब हो रहे हैं।

मौजूदा समय में 30 से अधिक देशों और क्षेत्रों में सेम सेक्स मैरेज को मान्यता मिली हुई है। इन देशों की जनसँख्या के हिसाब से देखें तो विश्व के 17 प्रतिशत लोगों को इसका अधिकार मिला हुआ है, लेकिन इन देशों की रजिस्टर्ड शादियों में केवल 1 प्रतिशत से 3.4 प्रतिशत तक शादियां ही समलैंगिकों के बीच हुई है। भारत में भी केवल 21 लोग ही ऐसे थे जिन्होंने पिटीशनर्स के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की अर्जी दी थी। आखिर सेम सेक्स मैरीज का अधिकार देने वाले देशों की क्या स्थिति है ?
नीदरलैंड
एक अप्रैल 2001 को नीदरलैंड में समलैंगिक विवाह को मान्यता दे दी गई थी। 80 के दशक में, हेंक क्रोल समेत समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार से समलैंगिक जोड़ों को शादी करने की अनुमति देने के लिए कहा था। फिर 1995 में इसके लिए एक विशेष आयोग बनाया गया। फरवरी से मई 2023 के बीच प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वे के अनुसार, 89 प्रतिशत डच लोगों ने समलैंगिक विवाह का समर्थन किया, 10 प्रतिशत ने विरोध किया, और एक प्रतिशत को पता नहीं था या उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। 2022 में नीदरलैंड में 68,900 शादियां हुई थीं, जिनमें से केवल 1,700 समलैंगिक विवाह हुए।
कनाडा
कनाडा में 2005 में समलैंगिक विवाह को वैध बना दिया गया था। कनाडा की लिबरल पार्टी एलजीबीटीक्यू अधिकारों की प्रमुख समर्थक रही है और कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी के कई सदस्य पूर्व में समलैंगिक विवाह के खिलाफ बोल चुके हैं। कनाडा में 54 वर्ष से अधिक आयु के लोग समलैंगिक विवाह के कम समर्थक रहे हैं। 1996 के एक सर्वे में पाया गया कि 49 प्रतिशत कनाडाई लोग समलैंगिक विवाह का समर्थन करते थे, हालांकि यहीं आंकड़ा 2023 की प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में बढ़कर 79 प्रतिशत हो गया। कनाडा में 2016 की जनगणना के अनुसार, 72,880 समलैंगिक जोड़े थे, जो कनाडा के कुल जोड़ों का केवल 0.9 प्रतिशत थे।
स्पेन
3 जुलाई 2005 से स्पेन में समलैंगिक विवाह वैध हो गया था। कानून बनने के पहले वर्ष के दौरान स्पेन में लगभग 4,500 समलैंगिक जोड़ों ने शादी की थी। 2007 की प्रकाशित बीबीवीए फाउंडेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन की 60 प्रतिशत आबादी ने समलैंगिक विवाह का समर्थन किया। मई 2018 की एक प्यू रिसर्च सेंटर सर्वे से पता चला कि 77 प्रतिशत स्पेन के लोग समलैंगिक विवाह का समर्थन करते है और यही आंकड़ा अब बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है। स्पेन में समलैंगिक विवाह को वैध बनाने के आंदोलन का नेतृत्व स्पेनिश सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी की सरकार ने किया था, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री जोस लुइस रोड्रिग्ज ज़ापाटेरो ने किया था। स्पेन में 2021 में पंजीकृत 1,48,588 विवाहो में से केवल 3.4% समलैंगिक विवाह थे।
जर्मनी
1 अक्टूबर, 2017 से जर्मनी में समलैंगिक विवाह कानूनी हो गया था। मई 2018 के प्यू रिसर्च सेंटर सर्वे के अनुसार 75 प्रतिशत जर्मनों ने समलैंगिक विवाह का समर्थन किया, 23 प्रतिशत ने विरोध किया और 2 प्रतिशत को पता नहीं था या उन्होंने जवाब देने से इंकार कर दिया। जर्मनी में क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन और उसकी सहयोगी पार्टी, क्रिश्चियन सोशल यूनियन ऐतिहासिक रूप से समलैंगिक विवाह के विरोध में थे। जर्मनी में फिलहाल समलैंगिक विवाह कानून के विरोध में सबसे बड़ी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी है। जर्मनी में समलैंगिक विवाहों की सबसे अधिक संख्या 2018 में दर्ज की गई, उस वर्ष 21,757 जोड़ों ने विवाह किया था।
अमेरिका
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका में समलैंगिक विवाह पर जनता की राय में काफी बदलाव आया है। 2019 में 61 प्रतिशत अमेरिकी समलैंगिक विवाह का समर्थन करते थे, जो कि पूर्व में 57 प्रतिशत था, जबकि 2019 के सर्वे में 31 प्रतिशत अमरीकी लोगों ने इसका विरोध किया, जो कि पूर्व में 35 प्रतिशत था। अमेरिका में समलैंगिक विवाह की मांग की शुरुआत 1987 में वॉशिंगटन में एक एलजीबीटीक्यू अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई। 2012 में, राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी समलैंगिक विवाह का समर्थन किया था। हाल ही में जारी सेंसस ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में अमेरिका में लगभग 1.2 मिलियन समलैंगिक जोड़े थे, जिनमें से लगभग 7,10,000 विवाहित समलैंगिक जोड़े थे, जबकि लगभग 5,00,000 अविवाहित समलैंगिक जोड़े थे।
ऑस्ट्रेलिया
जून 2023 के प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे के अनुसार, 78 प्रतिशत ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने समलैंगिक विवाह का समर्थन किया, जबकि 16 प्रतिशत ने विरोध किया और 6 प्रतिशत ने उत्तर देने से इंकार कर दिया या फिर उन्हें निश्चित नहीं था। ऑस्ट्रेलिया की सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के कुछ सदस्यों ने समलैंगिक विवाह के खिलाफ बात की है। पूर्व प्रधानमंत्री और लिबरल पार्टी के सदस्य टोनी एबॉट ने भी पारंपरिक रूप से समलैंगिक विवाह का विरोध किया है और दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियन ग्रीन्स पार्टी ने लगातार समलैंगिक विवाह का समर्थन किया है। ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, 2021 में ऑस्ट्रेलिया में एक साथ रहने वाले सभी जोड़ों में समान लिंग वाले जोड़े केवल 1.4 प्रतिशत थे, जो 2016 में 0.9 प्रतिशत थे।
दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका में 2006 में समलैंगिक विवाह को मान्यता दे दी गई थी। मई 2021 के इप्सोस सर्वे के अनुसार, 59 प्रतिशत दक्षिण अफ़्रीकी समलैंगिक विवाह का समर्थन करते हैं, जबकि 12 प्रतिशत साथ रहने का समर्थन करते हैं, लेकिन विवाह का नहीं, और 15 प्रतिशत समलैंगिक जोड़ों के लिए सभी कानूनी मान्यता का विरोध करते हैं। स्टेटिस्टिक्स दक्षिण अफ्रीका के अनुसार, 2011 के अंत तक सिविल यूनियन अधिनियम (समलैंगिकता विवाह कानून) के तहत कुल 3,327 विवाह पंजीकृत हुए थे। जबकि दक्षिण अफ़्रीका में समलैंगिक विवाहों की संख्या पर कोई ताज़ा डेटा उपलब्ध नहीं है।
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड ने 2013 में समलैंगिक विवाह को वैध कर दिया था। इस बिल को न्यूजीलैंड की संसद में व्यापक बहुमत से पारित किया गया, जिसमें पक्ष में 77 वोट और विरोध में 44 वोट पड़े। बिल के समर्थकों में लेबर पार्टी, ग्रीन पार्टी और माओरी पार्टी शामिल थी। इस बिल को लेबर पार्टी की एक समलैंगिक सदस्य लुइसा वॉल द्वारा पेश किया गया था, जिन्होंने कहा था कि "इस बिल को पारित करने से ज्यादा मुझे न्यूजीलैंडवासी होने पर गर्व नहीं हो सकता।" वर्की फाउंडेशन के सितंबर-अक्टूबर 2016 के सर्वे में पाया गया कि 18-21 वर्ष के 74 प्रतिशत युवाओं ने न्यूजीलैंड में समलैंगिक विवाह का समर्थन किया था। 2019 में, न्यूजीलैंड में केवल 672 समलैंगिक जोड़ों के विवाह पंजीकृत हुए थे।
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