Ram Temple Ayodhya: अयोध्या की भव्यता और राम मंदिर का स्वरुप आने लगे हैं सामने
अयोध्या में राम मंदिर 25 जनवरी 2024 को सभी के लिए खुल जाएगा। 15 जनवरी को पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा किये जाने की उम्मीद है। अयोध्या का यह राम मंदिर भारत का प्रमुख और सबसे बड़े मंदिरों में से एक के रूप में प्रतिष्ठित होने वाला है।

अयोध्या राम मंदिर वर्तमान स्थिति
जानकारी के मुताबिक इस वक्त अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मंदिर का लगभग 70 प्रतिशत जमीनी कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मंदिर की छत का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। जमीन और छत का काम होने के साथ ही इस महत्वपूर्ण मंदिर का भव्य आकार प्रकट हो जायेगा। शालिग्राम चट्टानों से गर्भगृह में राम लला की मूर्ति तराशी जा रही है। ये चट्टानें नेपाल से भारत भेजी गई थीं।
अयोध्या मे भव्य मंदिर के साथ साथ अन्य ढांचागत सुवधाओं का भी उतनी ही तेजी से विकास किया जा रहा है। आए दिन वहां मंत्रियों और अधिकारियों का तांता लगा रहता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने सरयू नदी के तट से जटायु क्रूज़ को लॉन्च किया, जो एक लक्जरी क्रूज सेवा है। क्रूज सेवा से अयोध्या में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दर्शनार्थियों को एक सुखद अनुभव भी प्रदान करेगा।
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण रिकॉर्ड समय में
मंदिर का भूमि पूजन 5 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। मंदिर के निर्माण कार्य में ₹1,400 करोड़ से ₹1,800 करोड़ के बीच खर्च होने का अनुमान है। मंदिर 10 एकड़ जमीन पर बनाया जा रहा है, और 57 एकड़ भूमि पर एक प्रार्थना हॉल, एक व्याख्यान हॉल, एक शैक्षिक सुविधा, और अन्य सुविधाओं के साथ एक परिसर भी विकसित किया जा रहा है। दिसंबर 2023 तक मुख्य मंदिर के निर्माण को पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है , ताकि 14 जनवरी 24 के बाद प्राण प्रतिष्ठा हो सके। यानि 3 साल के रिकॉर्ड समय में मंदिर बनकर तैयार हो जायेगा।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हवाई अड्डा का निर्माण
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हवाई अड्डा 821 एकड़ के फैलाव में ₹224 करोड़ की लागत से बन रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह एयरपोर्ट राम मंदिर की तर्ज पर बन रहा है और राम मंदिर को बनाने में जिन पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उन्हीं पत्थरों का इस्तेमाल इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए भी किया जा रहा है। टर्मिनल 6,00,000 यात्रियों की वार्षिक हैंडलिंग क्षमता के साथ बहुत भीड़ के समय 300 यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। हवाई अड्डा नवंबर 2023 से घरेलू संचालन शुरू कर देगा।
अयोध्या रेलवे स्टेशन का नवीकरण
अयोध्या रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य जोरों शोरों से चल रहा है। यह रेलवे स्टेशन 10,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में एक नए स्टेशन का निर्माण, प्रतीक्षा कक्ष का विस्तार और तीन वातानुकूलित टॉयलेट का निर्माण भी शामिल है। एयरपोर्ट की तरह रेलवे स्टेशन भी राम मंदिर की तर्ज पर ही बन रहा है और इसको भी राम मंदिर में इस्तेमाल किए जा रहे पत्थरों से ही बनाया जा रहा है। अयोध्या रेलवे स्टेशन पर 5,000 यात्रियों के एक साथ आने-जाने का इंतजाम होगा। साथ ही साथ इसमें हवाई अड्डे जैसा लाउंज भी होगा। रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य पर लगभग ₹241 करोड़ खर्च किए गए है।
राजा दशरथ अस्पताल का निर्माण
अयोध्या को विश्व स्तरीय बनाने के साथ योगी सरकार का यह प्रयास है कि यहां आधुनिक चिकित्सा की सभी व्यवस्थाएं भी विश्व स्तर की ही हों। राजा दशरथ अस्पताल का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (UPRNN) द्वारा किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिल्डिंग में 200 बेड की सुविधा मिलेगी। 2,200 वर्ग मीटर में इसका कार्य मार्च 2019 से शुरू हुआ था। दिसंबर 2023 तक इसे पूरा होने की उम्मीद है। अस्पताल की बिल्डिंग लगभग तैयार हो चुकी है।
भगवान श्री राम की विशाल प्रतिमा का निर्माण
अयोध्या भगवान श्रीराम की एक विशाल मूर्ति का साक्षी बनने जा रहा है, जिसकी योजना सरयू नदी के आस-पास की 100-एकड़ की साइट पर बनाई गई है। प्रभु श्रीराम की यह मूर्ति 251 मीटर लंबी होगी, जो इसे दुनिया में सबसे ऊंची मूर्ति बना देगी। नेपाल में काली गांधी नदी से खनन कर लाए गए शालीग्राम पत्थरों का उपयोग करके मूर्ति का निर्माण हो रहा है। मूर्ति की लागत ₹2,500 करोड़ होने का अनुमान है। परियोजना की घोषणा 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। मूर्ति के 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है।
गुप्तार घाट पर रिवर फ्रंट
गुप्तार घाट-नया घाट रिवर फ्रंट अयोध्या में एक प्रमुख विकास परियोजना है जिसका उद्देश्य सरयू नदी के घाटों को आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस परियोजना की घोषणा योगी आदित्यनाथ ने सितंबर 2020 में की थी। इस परियोजना का लक्ष्य गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवरफ्रंट बनाना है। इस परियोजना में गुप्तार घाट और नया घाट सहित सरयू नदी के तट पर 14 प्रमुख घाटों का विकास शामिल है। इस परियोजना में पार्क, वॉकवे और बैठने की जगह जैसी नई सुविधाएं शामिल होगी। इस परियोजना के दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है।
सोलर प्लांट हो रहा विकसित
उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में 40 मेगावाट सौर संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। सौर संयंत्र से सालाना 70.08 मिलियन यूनिट बिजली होने की उम्मीद है। 40 मेगावॉट फोटोवोल्टिक स्टेशन अयोध्या को सौर संचालित केंद्र में बदल देगा, जो इसकी अक्षय ऊर्जा क्षमता को काफी हद तक बढ़ावा देगा। परियोजना के लिए कुल 165.10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
अयोध्या के विकास पर निगरानी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अयोध्या के विकास की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि कि अयोध्या में हमारी सर्वोत्तम परंपराएं और हमारे सर्वोत्तम विकासात्मक कार्य पेश होंगे।












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