MRF का एक शेयर अब 1 लाख का, जानें दुनिया के सबसे महंगे शेयरों की कीमत
MRF Share: 13 जून 2023 (मंगलवार) को एमआरएफ एक लाख रुपये के आकंड़े को छूने वाला भारत का पहला स्टॉक बन गया। स्टॉक बीएसई पर ₹98,939.70 के पिछले बंद के मुकाबले 13 जून को ₹99,500 पर खुला और सुबह के कारोबार में ₹1,00,300 पर अपने ऑल टाइम हाई लेवल को छू गया। इसके बाद भाव में थोड़ी सुस्ती आई, लेकिन यह लगातार एक लाख रुपये के ऊपर-नीचे हो रहा है।
मनी कंट्रोल के मुताबिक एमआरएफ के शेयर पिछले साल 17 जून 2022 को एक साल के निचले स्तर ₹65,900.05 पर थे। इसके बाद शेयरों की खरीददारी बढ़ी और एक साल में यह 52 प्रतिशत मजबूत होकर 13 जून को ₹1,00,300 की रिकॉर्ड हाईट पर पहुंच गया।

हजार रुपये से लाख रुपये तक
एमआरएफ का आईपीओ (Initial Public Offering) 27 अप्रैल 1993 को आया था। तब इसके एक शेयर की कीमत मात्र ₹11 थी। जो लगभग 30 सालों में 1 लाख पार कर गयी। एमआरएफ के शेयरों पर नजर डालें, तो साल 2000 में स्टॉक का भाव ₹1,000 प्रति शेयर था। जबकि 2012 में एक शेयर ₹10,000 पर पहुंच गया। इसके बाद 2014 में इस स्टॉक ने सीधे ₹25,000 का आंकड़ा छुआ फिर 2016 में ₹50,000 पर जा पहुंचा। जबकि साल 2018 में एक शेयर की कीमत ₹75,000 थी।
एमआरएफ कंपनी के टोटल 42,41,143 शेयर्स हैं, जिनमें से 30,60,312 शेयर पब्लिक शेयर होल्डर्स के पास हैं। जबकि 11,80,831 शेयर कंपनी के प्रमोटर्स के पास हैं। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹42 हजार करोड़ है।
कंपनी का पूरा इतिहास
एमआरएफ का पूरा नाम मद्रास रबर फैक्ट्री है। इसकी शुरुआत केएम मैमन मापिल्लई ने 1946 में की थी। कंपनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक इसकी कारोबारी शुरुआत मद्रास में एक टॉय बैलून मैनुफैक्चरिंग यूनिट के रूप में हुई थी। 1960 के बाद से कंपनी ने टायर बनाना शुरू कर दिया। अब यह कंपनी भारत में टायर की सबसे बड़ी निर्माता है। देश में टायर इंडस्ट्री का मार्केट करीब ₹60000 करोड़ का है। एमआरएफ के भारत में 2500 से अधिक वितरक हैं और कंपनी दुनिया के 75 से अधिक देशों में अपने टायर निर्यात करती है।
एमआरएफ का बाजार
कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक एमआरएफ ने पहली बार 2007 में $1 बिलियन के टर्नओवर को हासिल किया था। इसके बाद 2011 में इसने $2 बिलियन के टर्नओवर को पार किया। साल 2013 में इसका एयरो मसल (Aero Muscle) पहला भारतीय टायर बना, जो लड़ाकू विमान सुखोई 30एमकेआई में लगाया जाता है।
कंपनी की वित्तीय जानकारी की बात करें तो जनवरी-मार्च 2023 (पहली तिमाही) में इसका शुद्ध मुनाफा ₹162.22 करोड़ से बढ़कर ₹410.66 करोड़ और समान अवधि में रेवेन्यू ₹5,534.92 करोड़ से ₹5,725.39 करोड़ पहुंच गया है।
भारत के 5 सबसे महंगे शेयर्स
एमआरएफ के बाद कीमत के हिसाब से भारत में टॉप अन्य शेयर्स में हनिवेल ऑटोमेशन इंडिया (₹41,922.35), पेज इंडस्ट्रीज (₹38,433.90), 3M इंडिया (₹27,734.70), श्री सीमेंट (₹26,219.75), एबोट इंडिया लिमिटेड (₹22,144.55) शामिल हैं। ये सभी आंकड़ें आज की तारीख (14 जून) के हैं। जबकि एमआरएफ की बात करें तो आज दोपहर 3 बजे के करीब यह ₹1,00,100.00 के आसपास था।
दुनिया के सबसे महंगे शेयर्स
● दुनिया का सबसे महंगा शेयर अमेरिका की कंपनी बर्कशायर हैथवे इंक का है। यह दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे की कंपनी है। 14 जून को दोपहर 3 बजे के करीब इसकी कीमत $513,301 (₹42,130,052.19) के करीब थी। बर्कशायर हैथवे का शेयर 28 मार्च 2022 को अधिकतम $539,180 (₹44,254,115.11) पर पहुंचा था।
● लिंड्ट एंड स्प्रुन्गली एजी, जिसे लिंड्ट के नाम से जाना जाता है। यह एक स्विस कन्फेक्शनरी और चॉकलेटियर कंपनी है। जिसका शेयर 14 जून की तारीख में 115,200 स्विस फ्रैंक (₹10,473,812.35) है।
● एनवीआर इंक का मुख्य व्यवसाय गृह निर्माण से जुड़ा है। 14 जून को इसका शेयर $5,929.63 (₹486,684.46) के करीब था।
● सीबोर्ड कॉर्पोरेशन को साल 2017 में $5.81 बिलियन के राजस्व के साथ फॉर्च्यून 500 दिग्गजों में शामिल किया गया था। 14 जून को इसका एक शेयर का मूल्य $3,745.01 (₹307,378.06) था।
● बुकिंग होल्डिंग्स इंक के 14 जून को एक शेयर की कीमत $2,614.05 (₹214552.60) थी।












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