Meal Timing: दिल को स्वस्थ रखने के लिए समय पर भोजन जरूरी
Meal Timing: यदि आप समय पर भोजन नहीं करते हैं, तो यह दिल की बीमारी का एक बड़ा कारण बन सकता है। हाल ही में बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ ने अपने एक अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला है कि भोजन में पोषण गुणवत्ता के साथ साथ समय भी बहुत महत्वपूर्ण है।

इस अध्ययन के अनुसार दिन का पहला और आखिरी भोजन जल्दी लेने से हृदय रोगों (सीवीडी) का खतरा कम हो सकता है। यह बात महिलाओं के लिए विशेष रूप से लागू होती है।
सुबह 8 बजे से पहले का निवाला सबसे उत्तम
बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ ने अपने अध्ययन में 103,389 लोगों को शामिल किया, जिनकी औसत आयु 42.6 वर्ष थी और इनमें 79% महिलाएं थी। यह अध्ययन फ्रांस में किया गया। इस अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों ने अपनी जीवनशैली और शारीरिक मेहनत के अलावा हर दिन के अपने खाद्य और पेय पदार्थों के उपभोग का भी विवरण दिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सुबह का नाश्ता 8 बजे से पहले, 8 से 9 बजे के बीच, 9 बजे के बाद करने वालों और इसी तरह अंतिम भोजन रात 8 बजे से पहले, 8 से 9 बजे के बीच, रात 9 बजे के बाद लेने वालों के लिए हृदय रोग का खतरा अलग अलग है।
इस अध्ययन में यह निष्कर्ष निकाला गया कि दिन के पहले भोजन के समय में प्रत्येक अतिरिक्त घंटे की देरी से सीवीडी खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह अंतिम भोजन के समय में देरी से प्रत्येक अतिरिक्त घंटे में सेरेब्रोवास्कुलर रोग का जोखिम बढ़ता जाता है। रात 9 बजे के बाद अंतिम भोजन, रात 8 बजे से पहले किए गए भोजन की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक जोखिम को बढ़ाता है।
रात्रि उपवास लंबा हो
रात्रिकालीन उपवास में प्रत्येक घंटे की वृद्धि से सेरेब्रोवास्कुलर रोग की संभावना 7 प्रतिशत काम हो जाती है। इस अध्ययन के आधार पर डॉक्टरों ने सलाह दी कि सीवीडी की रोकथाम के लिए पहले खाने के समय में एक निश्चित पैटर्न को अपनाने, नाश्ते को छोड़ने के बजाय जल्दी करने और आखिरी भोजन और रात के उपवास की अवधि बढ़ाने से ज्यादा लाभ मिलता है।
नाइट शिफ्ट की चुनौती
शिफ्ट में काम करने, रात की रोशनी के संपर्क में आने, मनोरंजक दवाओं के उपयोग और शारीरिक गतिविधि के समय, दवा या शराब का सेवन भी आपके दिल के स्वास्थ्य पर असर डालता है। नींद का समय निश्चित नहीं होने और सुबह बिस्तर से उठने में कठिनाई होने पर व्यवहार में भी बदलाव आना शुरू हो जाता है। कृत्रिम मिठास भी हृदय संबंधी बीमारी का जोखिम बढ़ाती है।
कैसे रहें स्वस्थ
शरीर के तापमान को नियंत्रित करने, जोड़ों को चिकनाई देने, शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के लिए अधिक से अधिक तरल पदार्थ का सेवन करें। कब्ज रोकने के लिए भी अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। कम पानी पीना एकाग्रता, सतर्कता और अल्पकालिक स्मृति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इन दिनों नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कैफीन का ज्यादा सहारा लेते हैं। बहुत अधिक कैफीन नींद पर बुरा असर डाल सकता है। विशेषज्ञ शिफ्ट ख़त्म होने से चार से आठ घंटे पहले कैफीन से परहेज करने का सुझाव देते हैं, ताकि घर पहुँचने तक कैफीन का असर खत्म हो जाए और नींद में खलल न पड़े ।
नाइट शिफ्ट में भोजन
नाइट शिफ्ट में काम करते समय कब खाना है, यह सबसे उलझन और दुविधा वाली स्थिति होती है। भूख का स्तर खाने के विकल्पों को प्रभावित करते हैं। डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि शिफ्ट शुरू होने के 2-3 घंटे पहले ही संतुलित भोजन कर लेना चाहिए। इस भोजन में कुछ प्रोटीन और फाइबर जरूर शामिल हों। प्रोटीन और फाइबर ना केवल तृप्ति देते हैं, बल्कि ऊर्जावान भी रखते हैं।
स्वस्थ भोजन और पाचन
नींद की कमी के कारण अक्सर वसा और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा होती है। लोग अक्सर तले हुए चिकन, पिज्जा और फ्रेंच फ्राइज़ जैसे चिकने खाद्य का रात में सेवन करते हैं, जो पचाने में अधिक चुनौतीपूर्ण होते हैं और अपच का कारण बनते हैं। चिकने खाद्य पदार्थों के बजाय, कम मात्रा में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का चयन ज्यादा लाभदायक है। इसमें सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज और मेवे भी शामिल किये जा सकते है। विशेषज्ञ आधी रात में उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ, जैसे बीन्स, दाल, बड़ी मात्रा में कच्ची सब्जियां और मसालेदार भोजन से भी परहेज करने की सलाह देते हैं, क्योंकि इनसे गैस या पेट खराब होने की आशंका होती है। ये पदार्थ नींद में भी व्यवधान पैदा करते हैं।
शिफ्ट के बाद आराम
कुछ लोगों को अपनी शिफ्ट के अंत में आराम करना चुनौतीपूर्ण लगता है और अक्सर बियर या शराब का सेवन करते हैं। इससे बचना जरूरी है, क्योंकि ये मादक पेय शरीर में पानी को कम करते हैं और नींद चक्र में बाधा डालते हैं। जिससे आदमी थका थका महसूस करता है।












Click it and Unblock the Notifications