जानिए बच्चा गोद लेने के नये सरकारी नियम

नई दिल्ली। देश में तमाम नि:संतान दंपत्त‍ि हैं, जो बच्चा गोद लेना चाहते हैं, लेकिन तमाम कानूनी पचड़ों और बिचौलिये की भूमिका निभाने वाली संस्थाओं के चक्कर में फंस कर, वे इस काम में विफल हो जाते हैं। केंद्र सरकार ने बच्चा गोद लेने के नियमों में फेरबदल कर उन्हें आसान बनाया है। ये नियम 1 अगस्त 2015 से देश भर में लागू हुए हैं। चलिये देखते हैं क्या हैं बच्चा गोद लेने की नई प्रक्रिया।

Adoption

''बच्‍चों को गोद लेने की प्रक्रिया को संचालित करने वाले दिशा-निर्देश 2015'' की अधिसूचित 17 जुलाई, 2015 को दी गई थी। शिशु दत्‍तक ग्रहण संसाधन सूचना एवं दिशा-निर्देश प्रणाली के तहत आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

  • इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्‍य अनाथ और त्‍यागे गये बच्‍चों को गोद लेने के लिए अधिक कारगर नियमन मुहैया कराना है।
  • सम्‍भावित माता-पिताओं (पीएपी) के लिए उनके आवदेनों की स्थिति का पता लगाना संभव हो जाएगा, जिससे पूरी प्रणाली अधिक अनुकूल हो जाएगी।
  • गोद लेने की प्रक्रिया को समस्‍या रहित बनाने के लिए केयरिंग्‍स के पास गोद लिए जाने वाले बच्‍चों एवं पीएपी का एक केंद्रीकृत डाटा बैंक बनाया जा रहा है।
  • घरेलू एवं अंतर्देशीय गोद लेने की प्रक्रिया के लिए सुस्‍पष्‍ट समय-सीमा तैयार की गई है, जिससे शीघ्रता से गोद लिया जाना सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • प्रक्रिया के तहत गोद लेने के इच्छुक लोगों को http://www.cara.nic.in/Index.aspx वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करना होगा।

क्या होगा इन नये नियमाें के तहत:-

1. अब भारत के पीएपी को पंजीकरण के लिए गोद लेने वाली एजेंसियों के पास जाने की आवश्‍यकता नहीं है। माता-पिता अपनी योग्‍यता निर्धारित करने के लिए आवश्‍यक दस्‍तावेजों को अपलोड कर सकते हैं और ऑनलाइन रजिस्‍टर कर सकते हैं; माता-पिता गोद लेने वाली एजेंसी के पास जाए बिना गए सीधे ऑनलाइन रजिस्‍टर कर सकते हैं।

2. गृह अध्‍ययन रिपोर्ट का संचालन गोद लेने वाली एजेंसियों द्वारा किया जाता है और उन्‍हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया जाता है।

3. पीएपी को ऑनलाइन निर्दिष्‍ट किया जाएगा जिसके बाद वे गोद लेने वाली एजेंसियों के पास जा सकेंगे।

4. अंतर्देशीय गोद लेने के मामलों में भी सभी आवेदनों को केयरिंग्‍स पर ऑनलाइन स्‍वीकार किया जायेगा तथा आवश्‍यक दस्‍तावेजों को सिस्‍टम में अपलोड करने की आवश्‍यकता होगी।

5. घरेलू एवं अंतर्राष्‍ट्रीय, दोनों ही दत्‍तक ग्रहणों में, दत्‍तक ग्रहण के बाद की कार्रवाई को केयरिंग्‍स में ऑनलाइन पोस्‍ट किया जाएगा।

6. सावधिक आधार पर वास्‍‍तविक समय ऑनलाइन रिपोर्ट सृजन सुविधा

7. सभी विशिष्‍ट दत्‍तक ग्रहण एजेंसियों को देश में एवं अंतर्देशीय दत्‍तक ग्रहण के लिए सीएआरए ऑनलाइन से जोड़ दिया गया है।

8. सीएआरए में अंतर्देशीय दत्‍तक ग्रहण के लिए आवेदन की केंद्रीकृत ऑनलाइन प्राप्ति और सीएआरए द्वारा विशेषज्ञ दत्‍तक ग्रहण एजेंसियों (एसएए) को आवेदनों का वितरण

9. देश भर में दत्‍तक ग्रहण एजेंसियों में उपलब्‍ध बच्‍चों की वास्‍तविक समय आनलाइन सूचना

10. जिला स्‍तर पर दत्‍तक ग्रहण कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिला शिशु सुरक्षा इकाइयों (डीसीपीयू) को के‍यरिंग्‍स में जोड़ दिया गया है।

11. यह अधिक युक्तिसंगत तथा बेहद पारदर्शी दत्‍तक ग्रहण कार्यक्रम है।

केयरिंग्‍स भारत सरकार द्वारा जारी बच्‍चों के गोद लेने को शासित करने वाले दिशा-निर्देश 2015 के अनुरूप देश में शिशु दत्‍तक ग्रहण कार्यक्रम को क्रियान्वित करने, पर्यवेक्षण, निगरानी एवं मूल्‍यांकन करने में सहायक होगा।

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