झारखंड की राजनीति में बड़ा नाम हैं हेमंत सोरेन, नेट सर्फिंग का रखते हैं शौक, पढ़ें प्रोफाइल
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। उन्हें झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने रांची के मोरहाबादी मैदान में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। झारखंड में जेएमएम-कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन को 47 सीटें मिली हैं और सोरेन सरकार में तीनों पार्टियां शामिल हैं। हेमंत सोरेन दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने हैं,इससे पहले हेमंत ने जुलाई 2013 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। जेएमएम-राजद-कांग्रेस के साथ मिलकर उन्होंने एक साल पांच महीने पंद्रह दिनों तक सरकार चलाई थी।
चलिए एक नजर डालते हैं हेमंत सोरेन के अब तक के सियासी सफर पर...
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हेमंत का जन्म 10 अगस्त, 1975 को रामगढ़ में हुआ था
हेमंत सोरेन की गिनती झारखंड के कद्दावर नेताओं में होती है, कुछ ही सालों के अंदर हेमंत सोरेन ने सियासत की बुलंदियों को छूने में कामयाबी हासिल की, मात्र 44 वर्षीय हेमंत झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बेटे हैं, हेमंत का जन्म 10 अगस्त, 1975 को रामगढ़ में हुआ था और बोकारो से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद पटना विश्वविद्यालय से 1994 में उन्होंने इंटर पास किया।
झारखंड छात्र मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं हेमंत सोरेन
बाद में उन्होंने रांची के बीआईटी मेसरा में मेकेनिकल इंजीनियरिंग में भी दाखिला लिया। वर्ष 2003 में राजनीति में पदार्पण करते हुए वह झारखंड छात्र मोर्चा के अध्यक्ष बने, जहां से उन्होंने पलटकर पीछे नहीं देखा।

हेमंत सोरेन बने थे उप मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन 2009 में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे बाद में उन्होंने दिसंबर 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में संथाल परगना के दुमका सीट से जीत हासिल की और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, साल 2010 में भारतीय जनता पार्टी के अर्जुन मुंडा की सरकार बनी, तो समर्थन के बदले हेमंत सोरेन को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था।

28 साल की उम्र में हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे।
हालांकि जनवरी 2013 को झामुमो की समर्थन वापसी के चलते बीजेपी के नेतृत्व वाली अर्जुन मुंडा की गठबंधन सरकार गिरी थी इसके बाद 13 जुलाई 2013 को हेमंत सोरेन ने झारखंड के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी 28 साल की उम्र में हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे।

नेट सर्फिंग का शौक रखते हैं हेमंत सोरेन
हेमंत ने पिता शिबू सोरेन को केंद्र की सरकार में शामिल होते, झारखंड में तीन बार मुख्यमंत्री बनते तथा पद से उतरते देखा है। लेखक के रूप में प्रेमचंद को पसंद करने वाले हेमंत सोरेन आधुनिक युग की प्रौद्योगिकी से वाकिफ हैं और नेट सर्फिंग करने में रूचि रखते हैं।
हेमंत सोरेन के दो पुत्र हैं
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में बरहैट सीट पर हेमंत सोरेन ने बीजेपी के हेमलाल मुर्मू को 24087 वोटों से हराया था और अभी वो अभी सदन में हेमंत सोरेन नेता प्रतिपक्ष हैं। उनके दो बेटे हैं, उनका नाम निखिल और अंश हैं। जबकि उनकी पत्नी कल्पना सोरेन निजी स्कूल का संचालन करती हैं।












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