International Tea Day : दुनिया में सबसे ज्यादा चाय के शौकीन हैं भारतीय
आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस है। इस वर्ष की थीम “एक कप चाय पर लोगों को एक साथ लाना” है। दुनियाभर में चाय के कुल उत्पादन की लगभग 30 प्रतिशत खपत अकेले भारत में होती है।

भारत में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ चाय है। चाय का नाम सुनते ही कई लोगों को इसकी तलब लग जाती है। ऐसे में चाय प्रेमियों के लिए आज का दिन विशेष महत्व का है। क्योंकि आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस है। दुनिया में सबसे बड़े चाय उत्पादक देशों में भारत भी शुमार है। हम दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चाय उत्पादक हैं। मगर चाय पीने के मामले में हमारा नंबर दुनिया में पहला है। चाय की इस लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में चाय के कुल उत्पादन की लगभग 30 प्रतिशत खपत भारत में होती है।
पहले 15 दिसंबर को मनाया जाता था यह दिवस
अब 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है। पर क्या आपको मालूम है कि पहले यह दिन 15 दिसंबर को मनाया जाता था। जी हां, वर्ष 2005 से ही भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम, युगांडा, तंजानिया, यूके, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड और केन्या समेत दुनिया के कई अन्य देश हर साल चाय के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 15 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाते थे। मगर संयुक्त राष्ट्र की ओर से इसे मान्यता नहीं दी गई थी।
भारत की पहल पर हुई शुरुआत
साल 2015 में भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन को इस दिन को विश्व स्तर पर विस्तारित करने का प्रस्ताव दिया। जिसे स्वीकार कर लिया गया। संयुक्त राष्ट्र को विश्वास है कि 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस घोषित करने से इसके उत्पादन और खपत को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने चाय के औषधीय गुणों के साथ सांस्कृतिक महत्व को भी मान्यता दी है। इसके बाद 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिवस को लेकर एक संकल्प प्रस्ताव पारित किया। 21 मई 2020 को पहला अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया गया। आपको यह बात दें कि 2005 में भी पहली बार दिल्ली में ही अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस मनाया गया था।
वर्ष 2023 के लिए थीम
हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस को लेकर एक थीम निर्धारित की जाती है। ऐसे में इस वर्ष की थीम "एक कप चाय पर लोगों को एक साथ लाना" है। अंग्रेजी में यह थीम Bringing People Together Over a Cup of Tea है। इसके साथ ही आज के दिन चाय दिवस एक आदर्श वाक्य के साथ मनाया जाता है। चाय दिवस की थीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गरीब देशों में निष्पक्ष तरीके से व्यापार करने पर जोर डालती है। ताकि चाय की पहुंच दुनिया भर में बढ़े और साथ ही गरीब देशों को भी इसका फायदा मिले।
विभिन्न प्रकार की चाय बाजारों में मौजूद
दुनिया में चाय की 3000 से अधिक किस्में हैं। जिनमें से प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषता है। इनमें काली चाय, चीन में बिकने वाली ऊलोंग चाय, पुएर या पु-एर्ह, दक्षिण अमेरिका की येरबा मेट और गुएयुसा चाय भी फेमस हैं। वहीं सिल्वर टिप्स इंपीरियल सबसे महंगी चाय है। आमतौर पर इसकी कीमत 30 हजार रुपये प्रति किलो होती है। साल 2014 में यूके, यूएसए और जापान के 3 खरीदारों ने इसके लिए लगभग 1.40 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से चुकाए थे।
चाय के बारे में अन्य जानकारियां
चाय को कैमेलिया साइनेंसिस से बनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि चाय की उत्पत्ति उत्तरी म्यांमार, भारत और दक्षिण पश्चिम चीन में हुई थी। चाय के पौधे को उगाने के लिए आदर्श तापमान 20 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड होना चाहिए। वहीं चाय का पौधा मध्यम गर्म और आर्द्र जलवायु में अच्छी तरह से बढ़ता है। भारत में असम चाय का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। चाय की पत्ती में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और खनिज भरपूर मौजूद होता है। इसमें पोटेशियम, जिंक, मैग्नेशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, आयरन, कॉपर, मैगनीज भी पाया जाता है।












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