Indian States GDP: एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर उत्तर प्रदेश, जानें दूसरे राज्यों की स्थिति
अगले पांच सालों में एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यस्था के साथ देश का नंबर वन राज्य बनने का संकल्प उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आने वाले पांच वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। साथ ही सीएम योगी ने देश के उद्योग जगत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के संकल्प को पूरा करने में योगदान देने का आह्वान किया है।
यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के दौरान कही। उन्होंने कहा कि देश में सबसे बड़ी आबादी का राज्य उत्तर प्रदेश इस संकल्प को पूरा करने के लिए तत्परता से काम कर रहा है। पीएम मोदी ने जिस समृद्ध आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना की है उसकी राह उत्तर प्रदेश से होकर जाती है। हमारे राज्य में पोटेंशियल है, विजन है और अपार संभावनाएं हैं। हम उत्तर प्रदेश में निवेशकों को हर जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं। इन संभावनाओं का लाभ लेने को उत्तर प्रदेश में उद्योग जगत का स्वागत है।
एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा अर्थव्यवस्था वाले देश
अगत उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनता है तो यह अकेला भारतीय राज्य दुनिया के उन 15 देशों के बाद खड़ा हो जायेगा जिनकी जीडीपी फिलहाल 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से ऊपर की है। इसमें भारत को शामिल नहीं किया गया है। इस प्रकार अर्थव्यवस्था के बढ़ते से घटते क्रम को देखें तो अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी, (भारत को छोड़कर), यूनाइटेड किंग्डम, फ्रांस, इटली, कनाडा, साउथ कोरिया, रूस, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, मैक्सिको और इंडोनेशिया हैं।
सबसे ज्यादा अर्थव्यवस्था वाले भारतीय राज्य
भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2022-23 के अनुसार, महाराष्ट्र नंबर एक स्थान पर है, इसके बाद तमिलनाडु और गुजरात हैं। उत्तर प्रदेश नंबर चार पर है और कर्नाटक का नंबर पांच है। ये शीर्ष पांच राज्य भारत की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा साझा करते हैं। वहीं दक्षिण भारत के पांच राज्यों को मिलाकर 30 प्रतिशत के करीब आते हैं। उत्तर-पूर्व भारत के आठ राज्यों की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का सकल घरेलू उत्पाद सबसे कम है, इसके बाद मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर का स्थान है।
राज्यवार आकंड़े क्या कहते हैं?
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था तकरीबन 36 लाख करोड़ रुपए के आसपास है। साल 2022-23 में महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 35.81 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह 2021-22 के लिए जीएसडीपी के संशोधित अनुमान (31.97 लाख करोड़ रुपये) से 12% अधिक है।
तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था तकरीबन 25 लाख करोड़ रुपए के आसपास है। साल 2022-23 के लिए तमिलनाडु का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 24,84,807 करोड़ रुपये (मौजूदा कीमतों पर) होने का अनुमान है। 2021-22 के लिए जीएसडीपी के संशोधित अनुमान (21,79,655 करोड़ रुपये) से 14.6% की वृद्धि होने का अनुमान है।
गुजरात की अर्थव्यवस्था तकरीबन 22 लाख करोड़ रुपए की है। साल 2022-23 के लिए गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 22,03,062 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह 2021-22 के लिए जीएसडीपी के संशोधित अनुमान (19,44,107 करोड़ रुपये) से 13.3% की वृद्धि है।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तकरीबन 20 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। साल 2022-23 के लिए उत्तर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 20,48,234 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जो 2021-22 के लिए जीएसडीपी के संशोधित अनुमान (17,49,469 करोड़ रुपये) से 17.1% अधिक है।
कर्नाटक की अर्थव्यवस्था लगभग 19 लाख करोड़ रुपए की है। साल 2022-23 के लिए कर्नाटक का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 18,85,750 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह 2021-22 के लिए जीएसडीपी के संशोधित अनुमान (17,21,336 करोड़ रुपये) से 9.6% की वृद्धि है।
विश्व बैंक और आईएमएफ की राय
विश्व बैंक के अनुसार भारत की जीडीपी साल 2019 में 2.9 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर थी। उसके बाद कोरोना महामारी के कारण 2020 में यह घटकर 2.7 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर रह गयी। अब मौजूदा समय में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है और शीघ्र ही इसके 3.5 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। क्रय शक्ति समानता (Purchasing Power Parity) के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वहीं आईएमएफ के अनुसार, भारत का सकल घरेलू उत्पाद $3.535 ट्रिलियन अनुमानित है, और इसका सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) $11.745 ट्रिलियन अनुमानित है। जबकि एसएंडपी ग्लोबल और मॉर्गन स्टेनली के पूर्वानुमान के अनुसार भारत 2030 तक जापान और जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।
2030 तक सात ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य
इस बीच यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भारत और यूपी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिसका पहला लक्ष्य सतत आर्थिक विकास है। वहीं भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने इस साल आर्थिक सर्वेक्षण जारी करते हुए कहा कि मार्च 2023 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के 3.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर को छूने का अनुमान लगाया गया है। अब भारत में 6.5-7 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल करने की क्षमता है, और विनिमय दर (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव के आधार पर 2025-26 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2030 तक भारत 7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी।












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