Women Leaders: आरक्षण के बाद भी महिला प्रतिनिधित्व में भारत रहेगा कई देशों से है पीछे
Women Leaders: राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद देश में नारी शक्ति वंदन विधेयक कानून बन गया। भले ही प्रक्रियात्मक देरी के कारण इस कानून को लागू होने में समय लग जाए, लेकिन अब यह तय हो गया है कि आजादी के लगभग 80 साल बाद संसद और विधानसभा में कम से एक तिहाई महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा। पर क्या आप जानते हैं कि नारी शक्ति वंदन विधेयक के बाद भी भारत महिलाओं को संसद और विधान सभा में प्रतिनिधित्व देने के मामले में कई देशों से पीछे रह जाएगा।
रवांडा, क्यूबा, निकारगुआ, न्यूजीलैंड, मैक्सिको और संयुक्त अरब अमीरात में महिलाओं को आज भी 50 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व प्राप्त है। और लगभग 20 और ऐसे देश हैं जिनके यहां सदन में 40 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। इन देशों की व्यवस्था के बारे में जानना कम दिलचस्प नहीं होगा।

रवांडा: साल 2022 में रवांडा की संसद में महिलाओं की संख्या 61.25 प्रतिशत थी। 1994 के सिविल वार के बाद रवांडा में 2003 में द्विसदनीय व्यवस्था लागू की गई है। पहले को डिप्टीज ऑफ़ चैम्बर्स कहा जाता है और दूसरे को सीनेट। डिप्टीज ऑफ़ चैम्बर्स में ही महिलाओं के प्रतिनिधित्व का प्रतिशत दुनिया में सबसे अधिक 61.25 प्रतिशत है। रवांडा में भी महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं, लेकिन उनका प्रतिनिधित्व उससे कहीं अधिक है। सीनेट में भी महिलाओं की संख्या 36 फीसदी है। रवांडा की कुल जनसंख्या एक करोड़ 32 लाख है। रवांडा की कैबिनेट में भी महिलाओं की संख्या 52 प्रतिशत है।
क्यूबाः क्यूबा में एक सदनीय व्यवस्था है और साल में केवल दो बार ही सदन की बैठक होती है। इस समय क्यूबा सदन में सदस्यों की कुल संख्या 470 है, जिसमें से 208 पुरुष सदस्य हैं और 262 महिलाएं सदस्य हैं। क्यूबा में कुल शासकीय पदों में से 50 प्रतिशत पर महिलाएं काबिज हैं। देश के तीन सर्वोच्च पदों में से दो पर महिलाओं का कब्जा है और मंत्रिमंडल में भी 33 प्रतिशत महिला मंत्री हैं। 78 प्रतिशत अधिवक्ता महिलाएं ही हैं और कुल जजों की संख्या में से 77 प्रतिशत जज महिलाएं ही हैं।
निकारगुआः यहां भी एक सदनीय संसदीय व्यवस्था है। यहां नवंबर 2021 में चुनाव हुआ था जिसमें 91 सासंद चुने गए। चुने हुए सांसदों में महिलाओं का प्रतिशत 51.65 हैं। महिला सांसदों की संख्या 47 है और पुरुषों की 41 है। निकारगुआ के मंत्रिमंडल में 11 महिलाएं मंत्री हैं और देश के कई प्रमुख संस्थानों का काम संभाल रही हैं।
न्यूजीलैडः न्यूजीलैंड में भी एक सदनीय संसदीय व्यवस्था है। यहां अक्टूबर 2020 में चुनाव हुआ था। कुल 120 सदस्यों की संसद में महिलाओं की संख्या 60 है। यानी 50 प्रतिशत। लेबर पार्टी की नेता जैंसिंडा अर्डर्न ने अक्टूबर 2020 के चुनाव में भी बाजी मारी और 65 सीटें जीतकर फिर से सरकार में आ गई। लेकिन बाद में जैंसिंडा को त्यागपत्र देना पड़ा। इस समय न्यूजीलैंड की 20 सदस्यीय कैबिनेट में 10 महिला मंत्री हैं।
संयुक्त अरब अमीरातः संयुक्त अरब अमीरात के संसद सदन को फेडरल नेशनल काउंसिल कहते हैं। अरबी में इसे अल मजलिस अल वतनी अल इतेहाद कहते हैं। इसमें 40 सदस्य होते हैं। इनमें से 20 लोगों का चयन अमीरात के कुछ चुनिंदा लोग करते हैं और बाकी के 20 को अमीरात के शासक नामित करते हैं। हालांकि महिलाओं की आजादी के इंडेक्स में संयुक्त अरब अमीरात का नाम बहुत अच्छा नहीं है, लेकिन इस समय फेडरल नेशनल काउंसिल में महिलाओं की संख्या 50 प्रतिशत है और कुल मंत्रियों की संख्या में 30 प्रतिशत महिलाएं हैं।
हालांकि अधिकतर देशों में इस समय इस समय पुरुष ही राज काज का नेतृत्व कर रहे हैं, फिर भी कई ऐसे देश हैं जहां महिलाएं सरकार का नेतृत्व कर रही हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के महिला प्रभाग के अनुसार, 19 सितंबर, 2022 तक 30 महिलाएं 28 देशों में राज्य या सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यरत थीं।












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