Gas Tragedies: भोपाल गैस त्रासदी से लेकर लुधियाना गैस रिसाव तक, जानिए कुछ बड़े गैस रिसाव के मामले
Gas Tragedies: 23 अगस्त को गुजरात के भरूच में एक केमिकल फैक्ट्री में गैस रिसाव हुआ। रिसाव में ब्रोमीन गैस शामिल थी, जोकि जहरीली गैस होती है। ब्रोमीन गैस के कारण कम से कम 28 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआत में, 19 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 28 हो गयी।
गैस रिसाव होना एक बड़ी समस्या बनकर उभरा है। इसे लेकर कोई सुरक्षा उपाय तात्कालिक न होने के चलते कई बार मामूली सी गैस रिसाव की घटना एक भयंकर त्रासदी में बदल सकती है। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है।

भोपाल गैस त्रासदी, मध्य प्रदेश (1984)
भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर, 1984 की रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड कीटनाशक प्लांट में हुई थी। इस घटना में अत्यधिक जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआईसी) लीक हो गई थी। मरने वालों की संख्या पर अनुमान अलग-अलग हैं, हालांकि आधिकारिक संख्या 2,259 है। इस घटना में कम से कम 5,58,125 लोग प्रभावित हुए थे। गैस रिसाव का कारण कंपनी की लापरवाही या कर्मचारी तोड़फोड़ से संबंधित है।
गेल पाइपलाइन विस्फोट, आंध्र प्रदेश (2014)
गेल पाइपलाइन विस्फोट 27 जून 2014 को आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले के नागाराम गांव में हुआ था। यह गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के प्लांट में हुए विस्फोट का नतीजा था, जिससे पूरे गांव में आग लग गई। विस्फोट में 23 लोगों की जान चली गई और 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना सुबह करीब 5 बजे हुई थी।
भिलाई स्टील प्लांट गैस रिसाव, छत्तीसगढ़ (2014)
12 जून 2014 को छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट में गैस रिसाव हुआ था। ब्लास्ट फर्नेस-जीसीपी से गैस का रिसाव पानी के पंप में खराबी के कारण शाम 6:30 बजे के आसपास हुआ था। बताया गया कि यह गैस मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड का मिश्रण थी, जो पाइपलाइन के टूटे हुए हिस्से से लीक होने लगी थी। इस हादसे में प्लांट के दो उप महाप्रबंधकों सहित छह लोगों की मौत हो गई, और 30 से अधिक लोग घायल हो गए।
तुगलकाबाद गैस रिसाव, दिल्ली (2017)
तुगलकाबाद गैस रिसाव की घटना दिल्ली में 6 मई, 2017 को घटी थी। यह घटना तुगलकाबाद में एक कंटेनर डिपो में हुई, और इसी डिपो के पास एक स्कूल भी स्थित था। दरअसल, डिपो में खड़े एक ट्रक में से अज्ञात कारण से गैस रिसाव हो गया। इस गैस रिसाव के कारण 450 से अधिक स्कूली छात्राएं, कुछ शिक्षक और कुछ निवासी प्रभावित हुए। लगभग 400 छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
कानपुर अमोनिया गैस रिसाव, उत्तर प्रदेश (2017)
15 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के कारण विस्फोट हो गया था। विस्फोट के कारण पांच लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग कोल्ड स्टोरेज के अंदर फंस गए। यह विस्फोट कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के 'रिसीवर' के ज्यादा दबाव के कारण फटने के कारण हुआ था। विस्फोट के बाद इमारत ढह गई, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।
भिलाई स्टील प्लांट गैस रिसाव, छत्तीसगढ़ (2018)
9 अक्टूबर, 2018 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई स्टील प्लांट में 2014 के बाद फिर से गैस रिसाव हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। विस्फोट सुबह 10:45 बजे के आसपास प्लांट के कोक ओवन हिस्से से जुड़ी गैस पाइपलाइन में हुआ। हादसा रखरखाव कार्य के दौरान कोक ओवन बैटरी कॉम्प्लेक्स नंबर 11 की गैस पाइपलाइन में आग लगने के बाद हुआ। इस घटना के बाद स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ को बर्खास्त कर दिया गया था।
विशाखापट्टनम गैस रिसाव, आंध्र प्रदेश (2020)
विशाखापत्तनम गैस रिसाव 7 मई 2020 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम के बाहरी इलाके में स्थित गोपालपट्टनम के एक गांव में एलजी पॉलिमर केमिकल प्लांट में हुआ था। इस घटना के कारण एक बादल लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्र और गांव प्रभावित हुए। गैस रिसाव के कारण कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई, और 1,000 से अधिक लोग गैस के संपर्क में आए थे। रिसाव एक खराब गैस वाल्व के कारण हुआ था।
लुधियाना गैस रिसाव, पंजाब (2023)
30 अप्रैल 2023 को लुधियाना, पंजाब में गैस रिसाव हुआ था। यह घटना लुधियाना के गियासपुरा इलाके में हुई और इसमें 11 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई अन्य लोग अपने घरों में बेहोश पाए गये थे। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। रिसाव किस कारण से हुआ इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।












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