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Email Inventor: क्या आपको पता है कि ईमेल का आविष्कार एक भारतीय ने किया था?

बिजनेस और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन में Email सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। मगर कम लोग जानते हैं कि ईमेल की खोज किसी विदेशी ने नहीं बल्कि एक भारतीय इंजीनियर ने की थी।

Email Inventor by Indian engineer Dr. VA Shiva Ayyadurai story

Email Inventor: 2022 में टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया कंपनी Twitter और उसके नये मालिक एलन मस्क काफी चर्चा में रहे। टेस्ला के को-फाउंडर और CEO ने माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को 44 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था। ट्विटर खरीदने के साथ ही उन्होंने इसके भारतीय मूल के CEO पराग अग्रवाल को हटा दिया और खुद सीईओ बन गये। हालांकि, अब एलन मस्क ने ट्विटर के लिए नये CEO की तलाश शुरू कर दी है।

एलन मस्क की इस घोषणा के बाद भारतीय मूल के इंजीनियर डॉ. वीए शिवा अय्यदुरई (Dr. VA Shiva Ayyadurai) ने ट्विटर के CEO बनने में अपनी दिलचस्पी जाहिर की है। शिवा अय्यदुरई ही वह इंजीनियर है, जिन्होंने ई-मेल (Email) का आविष्कार किया था। शिवा अय्यदुरई ने ट्विटर कंपनी के मालिक एलन मस्क को टैग करते हुए लिखा कि मुझे माइक्रोब्लॉगिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter में दिलचस्पी है। मेरे पास MIT की 4 डिग्रियां हैं और मैनें 7 सफल हाई-टेक सॉफ्टवेयर कंपनियां बनाई है। कृपया मुझे आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में सलाह दें। हालांकि, शिवा अय्यदुरई के इस ट्वीट पर फिलहाल एलन मस्क ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मगर, उससे पहले आइये आपको बताते हैं ई-मेल के आविष्कारक शिवा अय्यदुरई के बारे में।

मुंबई में जन्मे थे शिवा अय्यदुरई

डॉ शिवा अय्यदुरई यानी वेल्लयप्पा अय्यदुरई शिव का जन्म 2 दिसंबर 1963 को मुंबई में हुआ था। तमिलनाडु के राजापलयम निवासी शिवा अय्यदुरई 7 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गये और वहां से इंजीनियरिंग एवं पीएचडी की डिग्रियां ली। महज 15 साल की उम्र में शिवा अय्यदुरई ने एक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर बनाया, जिसे उन्होंने ई-मेल का नाम दिया।

इस सॉफ्टवेयर में इनबॉक्स, आउटबॉक्स, फोल्डर्स, मेमो, अटैचमेंट्स और अड्रेस बुक समेत सभी मेल फीचर्स दिये गये थे। आज हम जिस ई-मेल का इस्तेमाल करते हैं, उनमें भी यह सभी फीचर्स शामिल थे। 1978 में डॉ शिवा अय्यदुरई द्वारा तैयार किए गए इस सॉफ्टवेयर को अमेरिकी कॉपीराइट मिल गया, जिसके बाद 30 अगस्त 1982 को शिवा अय्यदुराई को ई-मेल क्रिएटर यानी ई-मेल के जनक के तौर पर मान्यता मिल गयी।

ई-मेल आविष्कारक को लेकर विवाद

ई-मेल के आविष्कारक को लेकर विवाद भी रहा है। दरअसल, ARPANet (Advance Research Projects Agency Network) के कम्प्यूटर इंजीनियर रे टॉमलिंसन (Ray Tomlinson) ने पहली ई-मेल भेजने का दावा किया है, जिसे टॉमलिंसन ने 1971 में भेजा था। इस ई-मेल मैसेज में 'QWERTYUIOP' लिखा था। हालांकि, Ray Tomlinson ने जब इस इलेक्ट्रॉनिक मैसेज को एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर भेजा था तो उसे ई-मेल का नाम नहीं दिया। रे टॉमलिंसन और ARPANet ने एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर मैसेज भेजने के लिए @ सिंबल का इस्तेमाल किया था, जिसमें पहले यूजर नेम फिर @ सिंबल और बाद में कंप्यूटर का नाम लिखा होता था।

उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी को ई-मेल भेजेंगे तो उनका ई-मेल अड्रेस [email protected] होगा। इसमें यूजर नेम और डोमेन को सेपरेट करने के लिए @ कैरेक्टर का इस्तेमाल किया गया है। जबकि शिव अय्यदुरई का कहना है कि ARPANet और Tomlinson द्वारा ई-मेल के इन्वेंटर होने का दावा खोखला है, क्योंकि उनकी तकनीक केवल टेक्स्ट मैसेज को एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में भेजने के लिए थी। शिवा अय्यदुरई ने ई-मेल (इलेक्ट्रॉनिक मेल) सॉफ्टवेयर में इन बॉक्स, आउटबॉक्स, अटैचमैंट, फोल्डर्स जैसे टर्म का इस्तेमाल किया है, जिसे उन्होंने 1982 में कॉपीराइट करवाया था।

ई-मेल (Email) कैसे करता है काम?

डॉ शिवा अय्यदुरई द्वारा बनाए गये ई-मेल सॉफ्टवेयर सिस्टम के जरिये आज कोई भी मैसेज, फाइल, जानकारी एक यूजर से दूसरे यूजर तक सेकेंड्स में पहुंच जाती है। ई-मेल, जिसे इलेक्ट्रॉनिक मेल भी कहते हैं, यह दो या इससे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में मैसेज एक्सचेंज करने की प्रक्रिया है, जिसे व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। आज के दौर में यह कम्युनिकेशन के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी है। इसका मुख्य तौर पर बिजनेस, कॉमर्स, गवर्नमेंट, एजुकेशन, एंटरटेनमेंट सेक्टर में कम्युनिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

Email का इस्तेमाल कम्प्यूटर नेटवर्क के जरिए किया जा सकता है, जिसके लिए इंटरनेट या लोकल एरिया नेटवर्किंग की आवश्यकता होती है। शुरुआत में यह एक टेक्स्ट ओनली कम्युनिकेशन मीडियम था, जिसमें यूजर्स एक-दूसरे को केवल टेक्स्ट मैसेज ही भेज सकते थे। बाद में यह मल्टीपर्पस इंटरनेट मेल एक्सटेंशन (MIME) बन गया, जिसके जरिए मल्टीमीडिया फाइल्स, वीडियो, ऑडियो, फोटोज आदि भी शेयर किया जा सकता हैं।

Email के बड़े प्लेयर्स

Google, Microsoft, Yahoo, Rediff जैसी टेक्नोलॉजी कंपनियां इंडिविजुअल और बिजनेस यूजर्स को फ्री में ई-मेल सर्विस प्रोवाइड कराती हैं। यूजर्स इन कंपनियों के डोमेन का इस्तेमाल करके ई-मेल अड्रेस क्रिएट कर सकते हैं और एक-दूसरे के साथ कम्युनिकेट कर करते हैं। हालांकि, फ्री ई-मेल सर्विस में कई फीचर्स सीमित होते हैं। इसके अलावा ये कंपनियां बिजनेस यूजर्स के लिए प्रीमियम ई-मेल सर्विस प्रोवाइड कराती हैं, जिसके लिए मंथली या ईयरली सब्सक्रिप्शन चार्ज लिया जाता है।

Gmail (Google Mail) दुनिया की सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली ई-मेल सर्विस है। गूगल अपने बिजनेस यूजर्स के लिए G-Suite सर्विस प्रदान करता है, जिसमें यूजर्स को कई प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं। पिछले दो दशक में Gmail ने अपने सभी प्रतिद्वंदी ई-मेल सर्विस प्रोवाइडर्स को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी अपने बेसिक यूजर्स को Gmail एकाउंट क्रिएट करने पर 15GB फ्री स्टोरेज देती है। इसके साथ Google Photos, Google Drive, YouTube आदि जैसी गूगल की अन्य सर्विसेज का भी लाभ मिलता है।

Gmail के अलावा Microsoft Outlook का इस्तेमाल व्यापक तौर पर होता है। माइक्रोसॉफ्ट अपने यूजर्स को Outlook और Hotmail (MSN mail) सर्विस प्रदान करती है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी पिछले तीन दशक से ई-मेल सर्विस प्रदान करती है। कंपनी ने साल 1997 में Hotmail खरीदा था, जिसे पहले MSN Mail सर्विस का नाम दिया गया। बाद में यह Windows Mail के तौर पर लोकप्रिय हुआ। साल 2012 में कंपनी ने अपनी सभी ई-मेल सर्विस को Outlook में मर्ज कर दिया। इसके बाद यूजर्स का ई-मेल अकाउंट चाहे किसी भी डोमेन में क्यों न हो, उसका इंटरफेस Outlook का होगा।

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    2000 के दशक में Microsoft के अलावा Yahoo mail के सबसे ज्यादा यूजर्स थे। Gmail के आने के बाद Yahoo की लोकप्रियता कम हो गई और अब Yahoo Mail इस्तेमाल करने वाले बहुत कम यूजर्स हैं। Yahoo की तरह ही Rediffmail भी 2000 के दशक में काफी लोकप्रिय रहा था। इस समय ग्लोबली Google और Microsoft की ई-मेल सर्विस ज्यादातर देशों में इस्तेमाल की जाती है।

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