Birthday Special: ओमपुरी...पर्दे का नायक असल में क्यों बन गया खलनायक?
बेंगलुरू। ओमपुरी... द ग्रेट एक्टर.. जिनके अभिनय के बारे में जितना लिखा जाए कम ही है। पर्दे पर निभाया उनका हर रोल दिल पर दस्तक देता है इसलिए 18 अक्टूबर सन् 1950 को अंबाला में जन्में इस अवार्ड विजेता एक्टर की अदाकारी के बारे में कुछ भी कहना सूरज को दीपक दिखाने जैसा है।
लेकिन रूपहले पर्दे का ये बेमिसाल नायक पिछले कुछ वक्त से रीयल लाइफ में लोगों के सामने एक खलनायक के रूप में पेश आया है। हाल ही में एक टीवी शो में ओमपुरी ने शहीद नितिन कुमार की बात पर कहा था कि किसने उन्हें बोला था कि वो आर्मी में जाएं भर्ती होने के लिए? किसने उन्हें हथियार उठाने के लिए कहा था?
जिसके बाद ओम पुरी की चौतरफा आलोचना हुई थी और उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिया स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि ओमपुरी ने माफी मांगी है लेकिन देश का माहौल देखकर तो लगता है कि जनता उन्हें माफी देने के मूड में नहीं है।
आगे की बात तस्वीरों में..

ना तो AK47 है और ना RDX
इसके बाद भी ओमपुरी ने कुछ ऐसा किया जिसके बाद लोग भड़क उठे थे, इन्होंने पाकिस्तानी चैनल पर पाक कलाकारों की पैरवी करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं क्योंकि मनसे, जिसने पाक कलाकारों को भारत से जाने की धमकी दी थी, के पास ना तो AK47 है और ना RDX।

घरेलू हिंसा का आरोप
इससे पहले साल 2013 में ओम पुरी की दूसरी पत्नी नंदिता ने वर्सोवा पुलिस स्टेशन मुंबई में ओम पुरी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। नंदिता का कहना था कि ओम पुरी उसे मारते पीटते हैं और जानवरों की तरह पेश आते हैं।

पहली बीवी से रिश्ता
कहा जाता है कि ओमपुरी ने दूसरी शादी के बाद भी अपनी पहली पत्नी सीमा से रिश्ता रखा था इसलिए नंदिता उनसे नाराज थी और जब उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उन्होंने नंदिता को काफी मारा-पीटा था।

मैं सीधे से खड़ा नहीं हो पाता शारीरिक संबंध खाक बनाऊंगा
नंदिता ने ओमपुरी पर पहली पत्नी के साथ रिलेशन रखने की बात कही थी जिस पर अभिनेता ने कहा था कि नंदिता पागल हो चुकी है। मैं 64 साल का बुजुर्ग आदमी हूं। मैं ठीक से खड़ा तो हो नहीं पाता और ना ही साइन कर पाता हूं ऐसे में मैं सीमा के साथ शारीरिक संबंध कैसे बना सकता हूं।

पद्मश्री पुरस्कार विजेता ओमपुरी
ओम पुरी का जन्म 18 अक्टूबर 1950 में हरियाणा के अम्बाला शहर में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने ननिहाल पंजाब के पटियाला से पूरी की। 1976 में पुणे फिल्म संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ओमपुरी ने लगभग डेढ़ वर्ष तक एक स्टूडियो में अभिनय की शिक्षा दी। बाद में ओमपुरी ने अपने निजी थिएटर ग्रुप "मजमा" की स्थापना की। ये पद्मश्री पुरस्कार विजेता भी हैं, जोकि भारत के नागरिक पुरस्कारों के पदानुक्रम में चौथा पुरस्कार है।












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