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Sexual Wellness: भारत में भी बढ़ रहा है एडल्ट टॉयज का बाजार

कोरोना महामारी के दौरान और उसके बाद की जीवन शैली पर हुए शोध एवं व्यवहार संबंधी अध्ययन से पता चलता है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेसिंग वाले दौर में भारतीय लोगों के पर्सनल स्पेस में भी काफी क्रांतिकारी बदलाव सामने आया है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल है कि उस अवधि में सेक्स टॉयज या एडल्ट टॉयज के बाजार में 65 फीसदी से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई थी। बाजार के आंकड़े दर्शाते हैं कि हाल तक सेक्स के बारे में खुलकर बात करने को टैबू (वर्जना) मानने वाले समाज पर टॉयज भारी पड़ने लगे हैं।

Adult Toys Market

ई-कॉमर्स साइट्स पर सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट बता कर इन सब चीजों की बिक्री करने वाली कंपनियों के मुताबिक भारत में भी कुछ प्रतिशत लोग सेक्स टॉयज, लुब्रिकेंट्स, डिले स्प्रे और सेक्स एन्हांसमेंट सप्लीमेंट्स के बारे में जानते हैं, नए प्रोडक्ट्स के बारे में इंटरनेट पर सर्च करते हैं और अपनी जरूरतों के हिसाब से उनको अपने फेवरेट कार्ट में जोड़ते और ऑर्डर करते हैं। मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट्स को खरीदने में भारत में महाराष्ट्र पहले स्थान पर, बेंगलूरु दूसरे और नई दिल्ली तीसरे स्थान पर था।

तेजी से बढ़ रहा है सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट्स का मार्केट
बीते साल के आखिर में सामने आई एलॉयड मार्केट रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 में 115 करोड़ डॉलर के मुकाबले साल 2030 तक भारत का सेक्सुअल वेलनेस मार्केट 210 करोड़ डॉलर के पार हो जाएगा। ट्रैड एनालिस्टों के मुताबिक युवाओं और मध्य आयु वर्ग के लोगों के बीच बढ़ती लोकप्रियता के चलते देश में इस प्रोडक्ट मार्केट के 5.8 फीसदी सीएजीआर (CAGR) से बढ़ने की संभावना है। सीएजीआर एक वर्ष में किसी निवेश की चक्रवृद्धि विकास दर है।

ड्रिस्ट्रीब्यूशन चैनल्स के आधार पर ऑनलाइन स्टोर सेगमेंट के 5.6 फीसदी की सीएजीआर से साल 2030 तक 49.2 करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। प्रोडक्ट पर बात करें, तो लुब्रिकेंट और स्प्रे सेगमेंट के 5.3 फीसदी सीएजीआर की तेज रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है।

साल 2020 में पुरुषों का सेगमेंट 63.9 करोड़ डॉलर का रहा था। यह भारत के सेक्सुअल वेलनेस मार्केट का 55.4 फीसदी था। वहीं, मार्केट स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, बेहद बिजी डेली रूटीन, वर्क लोड, प्रेशर और टेंशन, दवा, उम्र बढ़ने की समस्याओं, हार्मोनल इश्यूज यानी लाइफ स्टाइल में गड़बड़ी के कई कारणों के चलते भी इन प्रोडक्ट्स के बाजार को मजबूती मिलने वाली है।

फोर्ब्स ने जारी की दुनिया के टॉप-15 सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट की लिस्ट
आर्थिक जगत की मशहूर पत्रिका फोर्ब्स ने हाल ही में विशेषज्ञों और शिक्षकों के हवाले से दुनिया के टॉप-15 सेक्स टॉयज की लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट वाली रिपोर्ट में फोर्ब्स ने बताया है कि क्यों बाजार में सर्वोत्तम सेक्स खिलौनों का चयन करना भी व्यक्तिगत जीवन की ढेर सारी अच्छी खुराकों के साथ सबसे अच्छा काम है।

फोर्ब्स ने हर किसी के शरीर, उनकी यौन प्राथमिकताएं और कैसे आनंद का अनुभव करते हैं जैसे मुद्दों के साथ बजट के अंदर खरीदे जा सकने वाले बेस्ट सेक्स टॉयज प्रोडक्ट्स की पूरी सीरीज पेश की है।

एक्सपर्ट्स, डॉक्टर्स और इंस्ट्रक्टर्स ने सिंगल और कपल के इस्तेमाल वाले सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट्स के साथ प्रयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों जैसे हाइजीन और सिक्योरिटी वगैरह के बारे में भी विस्तार से बताया है। उन्होंने माना है कि विभिन्न स्तरों पर इन एडल्ट टॉयज के साथ प्रयोग करना कभी आसान नहीं रहा है। इन्हीं वजहों से पश्चिमी देशों में खासकर उत्तरी अमेरिका में इसका बाजार सबसे पहले शुरू हुआ और फैला।

अमेरिका और यूरोप पर भारी पड़ रहे हैं एशिया के एडल्ट टॉयज प्रोडक्शन
दुनिया भर में सेक्स टॉयज का सबसे बड़ा मार्केट उत्तरी अमेरिका विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका में है। यूरोप में भी सेक्स टॉयज एक महत्वपूर्ण बाजार है। जर्मनी, फ्रांस और यूके जैसे देश के युवाओं खासकर मिलेनियल्स ने सेक्स टॉयज और बाकी एडल्ट प्रोडक्ट्स को लेकर काफी उत्साह दिखाया है। मिलेनियल्स जनरेशन में वो लोग शामिल हैं, जिनका जन्म साल 1980 के 2000 के बीच हुआ है।

हाल के वर्षों में सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट के मार्केट ने एशिया में काफी स्पीड पकड़ ली है। जापान, चीन और भारत जैसे देशों में सेक्स टॉयज की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। सेक्स टॉयज के इंटरनेशनल मार्केट में चीन बिग प्लेयर बनकर उभरा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में एडल्ट टॉयज के कुल प्रोडक्शन की 70 प्रतिशत मैन्यूफैक्चरिंग अकेले चीन करता है।

साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोविड महामारी लॉकडाउन के दौरान मेड इन चाइना सेक्स टॉयज की मांग दुनियाभर में 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई थी। चीन की सेक्स टॉयज इंडस्ट्रीज को देश-विदेश से बड़ी संख्या में ऑर्डर मिले थे। इसके कारण चीन की कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी पड़ी थी। इस दौरान चीनी कंपनियों को फ्रांस, अमेरिका और इटली से सबसे अधिक ऑर्डर मिले थे।

दुनियाभर में सेक्स टॉयज बेचने वाले रूढ़िवादी चीन में खपत कम
चीन में सेक्स टॉयज का उत्पादन करने वाले रोमियो जियांग अपने ग्राहकों के बारे में कहते हैं कि हमारे 50 प्रतिशत ग्राहक अमेरिका से और 30 प्रतिशत ग्राहक यूरोप के हैं। पिछले साल इन खिलौनों की कुल बिक्री 20 लाख से लेकर 30 लाख अमेरिकी डॉलर के बीच थी। चाइना डेली के अनुसार चीन में सेक्स टॉयज के इस उद्योग में लगभग 1,000 प्रोडक्शन कंपनियां लगी हुई हैं। पिछले कुछ वर्षों से इसकी सालाना बिक्री 20 लाख डॉलर के आसपास रही है।

वहीं चाइना मार्केट रिसर्च सेंटर द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इस साल यानी 2023 के पांच महीने में ही इस इंडस्ट्री का रेवेन्यू 94 करोड़ डॉलर का रहा है। चीन में यौन मामलों के विशेषज्ञ और चायना सेक्सोलाजी एसोसिएशन के उप निदेशक मा श्यावनियान कहते हैं कि चीन मानव श्रम आधारित उत्पादन में दुनिया में आगे है और सेक्स टॉयज का प्रोडक्शन इसी इंडस्ट्री का एक हिस्सा है। इसलिए भी चीन इस मामले में अव्वल है। हालांकि, कंपनियों को अपने देश चीन से उतने ऑर्डर नहीं मिल रहे थे। इसका कारण है कि चीन की संस्कृति अधिक रूढ़िवादी है। चीन में इस बड़े बाजार का नेतृत्व सबसे ज्यादा महिलाएं और मिलेनियल पीढ़ी का युवा वर्ग कर रहे हैं।

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