75वां स्वतंत्रता दिवस: एक परफेक्ट स्पीच के बिना अधूरा है आजादी का जश्न

नई दिल्ली, अगस्त 14। 15 अगस्त यानि कि कल देश 75वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा रहेगा। 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से हमने आजादी हासिल की थी। इस आजादी के लिए हमारे कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों का आहूती दी थी, तब जाकर हमें ये आदाजी मिली। हर साल 15 अगस्त के दिन आजादी के जश्न के साथ-साथ हम इन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भी याद करते हैं। इसके लिए तमाम स्कूल-कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनके जरिए बच्चों को आजादी का इतिहास और उसके महत्व के बारे में बताया जाता है। इसके लिए एक परफेक्ट स्पीच की जरूरत हमेशा रहती है, जो आजादी का सही मतलब बच्चों को बता सके।

Indian flag

स्वतंत्रता दिवस की स्पीच

आदरणीय अतिथि महोदय, प्रिंसिपल, सभी टीचर और सभी अभिभावक, जैसा कि हम जानते हैं कि आज देश 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, हम सभी यहां आजादी का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है। हमारा देश 1857 से लेकर 1947 तक अंग्रेजों का गुलाम रहा था। 15 अगस्त 1947 के दिन आजादी मिलने के बाद हम स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में घोषित हुए थे। तभी से भारतवासी इस दिन को "स्वतंत्रता दिवस" के रूप में बहुत सी धूम-धाम और हर्षोउल्लास से मनाते है।

अंग्रेजों से आजादी दिलाने में कई स्वतंत्रता सेनानियों ने सालों तक संघर्ष किया था। इस संघर्ष की शुरुआत तब से हुई जब मंगल पांडे को अंग्रेजों ने गोली मारी थी। तभी से देश में आजादी के लिए लड़ाई शुरू हो गई थी। इसके बाद तो महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, मंगल पांडे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, बाल गंगाधर तिलक, लोक मान्य तिलक, लाला लाजपत राय और खुदीराम बोस जैसे सेनानियों ने आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया। इस संघर्ष में सबसे अहम योगदान महात्मा गांधी का माना जाता है। उन्होंने आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए सत्याग्रह आंदोलन चलाया और कई बार तो उन्हें जेल भी जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और समय-समय पर अपने आंदोलनों के जरिए अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

पंडित जवाहर लाल नेहरू भारत को घोषित किया था स्वतंत्र राष्ट्र

भारत में आजादी की घोषणा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी। उन्होंने लाल किले पर झंडा फहराकर सबसे पहले राष्ट्र को संबोधित किया था। उस दिन से ही यही प्रथा देश में चली आ रही है। 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं और और सेना द्वारा अपना शक्ति प्रदर्शन और परेड मार्च करते है। स्वतंत्रता दिवस के दिन सभी भारतवासियों के मन में देशभक्ति की भावना के साथ-साथ पूर्ण जोश रहता है।

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