क्यों थी लता मंगेशकर की इतनी मधुर आवाज? पिता की एक सीख ने बना दिया भारत की स्वर कोकिला
मुंबई, 5 फरवरी। कोरोना वायरस संक्रमित होने के बाद से बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर और भारत रत्न लता मंगेशकर की हालत बिगड़ती जा रही है। हालांकि पिछले सप्ताह उन्होंने कोरोना वायरस को मात दी थी लेकिन शनिवार को अचानक उनकी हालत फिर से नाजुक बन गई है। लता मंगेशकर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में रखा गया है। लता मंगेशकर की हालत नाजुक बनी हुई है, वह वेंटिलेटर पर हैं। सोशल मीडिया पर स्वर कोकिला की सेहत के लिए फैंस और बॉलीवुड के सेलेब्स दुआ कर रहे हैं।

सिंगर्स को देती थीं सिंगिंग के टिप्स
भारत में लता मंगेशकर को संगीत का दूसरा पर्याय माना जाता है, जीते जी भारत रत्न से सम्मानित की जा चुकीं सिंगर ने अपने करियर में कई गाने गाए हैं। बॉलीवुड हो या सिंगिंग क्षेत्र में अपना नाम कमाने वाला हर इंसान कभी न कभी लता मंगेशकर का आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचा है। कई सिंगरों को लता मंगेशकर आज भी अच्छी सिंगिंग की टिप्स दिया करती हैं। 92 वर्ष की उम्र में भी लता मंगेशकर की आवाज इतनी मधुर है कि उन्हें लोग सुनना पसंद करते हैं।

ये थी मधुर आवाज की वजह
अपने एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर ने बताया था कि वो अपने पसंद का खाना खाती हैं, दूसरे गायकों की तरह रोजाना रियाज नहीं करती। वह दूसरे सिंगरों को भी सलाह देती हैं कि सिंगिंग के लिए स्ट्रेस लेना जरूरी नहीं। सिंगर्स को मनपसंद भोजन खाना चाहिए। लता मंगेशकर ने बताय ता कि वह खाने के मामले में खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाती हैं। उनका मानना था कि लोगों में 75 फीसदी नैचुरल टैलेंट होता है और 25 प्रतिशत उनकी मेहनत पर निर्भर करता है।
Recommended Video

गायन के लिए खाने से परहेज नहीं
लता मंगेशकर ने कहा था, सिंगर्स को अपने खाने में विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है, मिर्च न खाएं, अचार और दही से परहेज करें। लेकिन मैं इन सब के उलट अपनी पसंद की चीजें खाती हूं। मैं इन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। मेरे पिता अक्सर कहा कहते थे, अगर आपको सिंगर बनना है तो अपने आस-पास की चीजों पर प्रतिबंध लगाना सीखो। एक सिंगर को खुलकर गाना चाहिए। नियमित रूप से रियाज करने से आवाज हमेशा अच्छी रहेगी।

नूर जहां के सामने गाया था गाना
लता मंगेशकर ने अपनी लाइफ का खुलासा करते हुए कहा कि एक समय उन्हें सिंगर और एक्ट्रेस नूर जहां के सामने गाना गाने के लिए कहा गया। फिल्म 'बड़ी मां' का सेट लगा हुआ था, मास्टर विनाय ने उनकी मुलाकात नूर जहां से करवाई थी। मास्टर विनाय के कहने पर लता मंगेशकर ने नूर जहां के सामने राग जयजयवंती गाया था। इसके बाद लता दीदी को फिल्म 'वापस' में गाना गाने का मौका मिला। लता मंगेशकर ने कहा, उस समय मुझे मेरे पिता की एक बात याद आई कि 'अगर तुम अपने गुरु के सामने गा रही हो तो खुत को गुरु समझो'।
यह भी पढ़ें: लता मंगेशकर की फिर बिगड़ी तबीयत, वेटिंलेटर पर किया गया शिफ्ट












Click it and Unblock the Notifications