'रामायण' के लक्ष्मण सुनील लहरी ने 'आदिपुरुष' को लेकर कही ये बड़ी बात, बोले- बहुत ही शर्मनाक लगा ये.......
Sunil Lahri On Adipurush Controversy: साउथ के सुपरस्टार प्रभास और बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनने की फिल्म 'आदिपुरुष' रिलीज के पहले सी ही विवादों में घिरी हुई है। इस फिल्म को रिलीज के बाद दर्शकों और समीक्षों का मिला जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। कुछ लोगों को जहां ये फिल्म पंसद आई है वहीं कुछ लोग इस मूवी के वीएफएक्स और छपरी डायलॉग्स की जमकर आलोचना कर रहे हैं। फिल्म के कई सीन्स और डायलॉग्स पर बवाल मचा हुआ है। हाल ही में फिल्म 'आदिपुरुष' देखने के बाद टीवी के फेमस राम यानी अरुण गोविल का गुस्सा फूटा था और अब रामायण धारावाहिक के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी ने भी इस मूवी को लेकर अपना रिएक्शन दिया है।
रामांनद सागर के फेमस सीरियल रामायण के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी ने फिल्म 'आदिपुरुष' देखने के बाद इसको लेकर घोर निराशा जताई है। साथ ही उन्होंने इस फिल्म को शर्मनाक भी बताया है। आपको बता दें कि इस फिल्म को नेपाल में बैन किया जा चुका है और वहीं देश के कई राज्यों में भी इसे बैन किए जाने की जबरदस्त मांग की जा रही है।

रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी
जानकारी के अनुसार रामानंद सागर के सीरियल 'रामायण' में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था। वहीं फिल्म आदिपुरुष में बॉलीवुड एक्टर सीन सिंह ने लक्ष्मण का रोल निभाया है। लोगों को सनी सिंह की एक्टिंग बिल्कुल पसंद नहीं आई है। वहीं सुनील लहरी ने हाल ही में ये फिल्म देखी और अपना रिएक्शन शेयर करते हुए कहा- किसी को भी क्रिएटिविटी के नाम पर संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने का हक नहीं है।
सुनील ने कहा- भाषा बहुत ही शर्मनाक है
सुनील लहरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म 'आदिपुरुष' के कुछ डायलॉग्स का कोलाज शेयर किया है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए सुनील लहरी ने कैप्शन में लिखा है- कहते हैं फिल्म 'आदिपुरुष' रामायण को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अगर ये सच है तो इस तरह की भाषा का प्रयोग बहुत ही शर्मनाक है।
'मुझे फिल्म से घोर निराशा हाथ लगी'
इसके अलावा सुनील लहरी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है। इस वीडियो में वह कह रहे हैं- 'फिल्म 'आदिपुरुष' को देखने का मौका मिला। इस फिल्म से बहुत उम्मीद थी। कुछ अलग और बहुत हटके रामायण का वर्जन देखने को मिला लेकिन घोर निराशा हाथ लगी। उन्होंने आगे कहा है- कुछ हटके और अलग करने के नाम पर अपनी संस्कृति से खिलवाड़ नहीं किया जाता। कैरेक्टर्स डिफाइन नहीं किए गए हैं। सीन एक्जीक्यूशन के साथ दर्शक इमोशनली नहीं जुड़ पाते हैं।
सुनील ने कहा- मेकर्स को सॉरी बोलना चाहिए
सुनील लहरी ने वीडियो में आगे कहा है- फिल्म के डायलॉग्स भी बहुत बेकार हैं। क्या आप सोच सकते हैं कि हनुमान जी इस तरह के टपोरी डायलॉग बोलेंगे। तेल तेरे बाप का, कपड़ा तेरे बाप का...या मेघनाद बोलेगा कि अबे चल निकल ले। क्या रावण पुष्पक विमान के बदले एक चमगादड़ पर बैठकर आ सकते हैं। उन्होंने कहा- मुझे माफ करना पर मैंने कभी इस कद के फिल्ममेकर से इस तरह की चीजों की उम्मीद नहीं की थी। उन्हें हमारी संस्कृति के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। यह देशवासियों के, ऑडियंस के इमोशंस के साथ एक खेल है। मेकर्स को इसके लिए दर्शकों से सॉरी बोलना चाहिए।












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