Raju Srivastava Profile: मुंबई में ऑटो चलाया, 50 रुपये में की कॉमेडी, जानें कैसे कॉमेडी किंग बने राजू
नई दिल्ली, 21 सितंबर: दशकों से लोगों को हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव बुधवार को सबको रुलाकर दुनिया से चले गए। बीते 10 अगस्त को उनको दिल का दौरा पड़ा था, तब से उनका इलाज दिल्ली के एम्स में जारी था। वहां के डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बुधवार को राजू का निधन हो गया। जिसके बाद से देश में शोक की लहर है। राजू श्रीवास्तव सामान्य परिवार से थे, इस वजह से उनको इस मुकाम पर पहुंचने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा।
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असली नाम क्या था?
वैसे बहुत कम लोग ही जानते हैं कि राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्य प्रकाश श्रीवास्तव है। उनका जन्म 1963 में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुआ था। उनके पिता रमेश श्रीवास्तव कवि थे, जो गांव के छोटे-छोटे कार्यक्रमों में मिमिक्रियां करते थे। कहा जाता है कि राजू को ये टैलेंट अपने पिता से ही मिला। जब वो बड़े हुए तो उन्होंने कॉमेडी की दुनिया में अपना करियर बनाने की सोची और मुंबई आ गए।

ऑटो चलाकर किया गुजारा
राजू श्रीवास्तव के लिए कॉमेडी की दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था। जब वो मुंबई आए तो उनकी आर्थिक हालत बहुत ज्यादा खराब थी। घर से जो पैसे आते थे, उसमें उनका खर्च नहीं चल पाता था। ऐसे में उन्होंने ऑटो चलाना शुरू कर दिया। कहते हैं कि ऑटो चलाते हुए उन्हें पहला ब्रेक मिला। शुरू में तो उन्होंने सिर्फ 50 रुपये में कॉमेडी की थी। हालांकि बाद में वो करोड़पति बन गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास 20 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है।

ये थी पहली फिल्म
1988 में राजू के करियर में टर्निंग प्वाइंट आया, जहां अनिल कपूर की फिल्म तेजाब में उन्हें छोटा सा रोल मिला। इसके बाद वो कई फिल्मों में नजर आए, लेकिन सबमें उनका रोल छोटा ही था। उन्होंने शक्तिमान और अदालत जैसे मशहूर टीवी शोज में भी काम किया। साल 2005 उनके लिए काफी खास रहा, जहां उन्होंने ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में पार्टिसिपेट किया। इसके बाद वो गजोधर नाम से इंडस्ट्री में छा गए और उनको धड़ाधड़ नए प्रोजेक्ट मिलते गए।

दाऊद ने दी धमकी
2010 में राजू श्रीवास्तव ने पाकिस्तान में छिपे दाऊद इब्राहिम को लेकर एक चुटकुला सुनाया था, जिसके बाद उनको पाकिस्तान से धमकी भरे कॉल आने लगे, साथ ही उनको डी कंपनी के लोगों का मजाक नहीं उड़ाने की हिदायत दी गई। फोन करने वालों ने कहा था कि अगर उन्होंने दोबारा ऐसा किया तो उनको और उनके परिवार को अंजाम भुगतना पड़ेगा। जिस पर राजू ने भी करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर किसी अपराधी का एनकाउंटर होगा तो हम मौज लेंगे। कनपुरिया हैं, अपने दम पर बने हैं, हम डरने और विचलित होने वाले नहीं हैं।

विवादों में भी रहे?
राजू श्रीवास्तव नेताओं की बहुत जबरदस्त मिमिक्री करते थे। ऐसे में जिस भी पार्टी के नेता का वो मजाक उड़ाएं, उसके कार्यकर्ता उनसे नाराज हो जाते थे। एक बार उन्होंने 'मच्छर चालीसा' बना दी थी। जिसके बाद हिंदूवादी संगठन उनपर भड़क गए और उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। हालांकि बाद में राजू श्रीवास्तव ने बीजेपी ज्वाइन कर ली थी।












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