Pushpa 2 भगदड़ मामले में घायल 8 साल के बच्चे से मिलने पहुंचें डायरेक्टर सुकुमार, दिए इतने लाख रुपए
Pushpa 2 Stampede Case: साउथ के फेमस एक्टर अल्लू अर्जुन की फिल्म 'पुष्पा 2' जहां छप्पड़फाड़ कमाई कर रही है, वहीं हैदराबाद के संध्या थिएटर में हुई भगदड़ में घायल हुए बच्चे का हालत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।
घायल बच्चे के पिता से सुकुमार ने की बात
वहीं घायल हुए उस 8 साल के बच्चे को देखने के लिए, पहले अल्लू अर्जुन के पिता और बाद में फिल्म 'पुष्पा 2' के डायरेक्टर सुकुमार अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने घायल बच्चे का हाल-चाल लिया और उसके पिता से बात भी की।

अल्लू अर्जुन को किया गया था गिरफ्तार
आपको बता दें कि अल्लू अर्जुन को हैदराबाद के संध्या थिएटर में हुई भगदड़ के मामले में गत 13 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई थी। दूसरी तरफ खबर है कि हैदराबाद के संध्या थिएटर में मची भगदड़ में घायल हुआ बच्चा 8 साल का श्रीतेज अभी भी गंभीर हालत में है। घायल बच्चे को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
सुकुमार बच्चे का हाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे
इस बीच 'पुष्पा 2' के डायरेक्टर सुकुमार बच्चे का हाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने बच्चे के इलाज के लिए कुछ राशि डोनेट भी की है। गत 19 दिसंबर 2024 को डायरेक्टर सुकुमार अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने भगदड़ में घायल हुए बच्चे का हाल लिया। इस दौरान सुकुमार ने बच्चे के परिवार से बात की। फिल्म के डायरेक्टर ने बच्चे के पिता से मुलाकात की और अपना दुख जाहिर किया।
सुकुमार ने बच्चे के पिता को दिए हैं पैसे
आपको बता दें कि इसके पहले गत 9 दिसंबर को फिल्म के डायरेक्टर सुकुमार और उनकी पत्नी ने श्रीतेज के पिता भास्कर की आर्थिक रूप से मदद भी की थी। उन्होंने पीड़ित परिवार की मदद के लिए 5 लाख रुपये दान किए थे। इतना ही नहीं बल्कि गत 18 दिसंबर 2024 को अल्लू अर्जुन के पिता फिल्ममेकर अल्लू अरविंद भी बच्चे का हाल लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे।
8 साल के श्रीतेज की हालत गंभीर
हैदराबाद के केआईएसएस अस्पताल ने गत 17 दिसंबर 2024 को हेल्थ बुलेटिन जारी कर 8 साल के श्रीतेज की हालत के बारे में लोगों को बताया था। हेल्थ बुलेटिन में बताया गया था कि वह बच्चा आईसीयू में ही है और उसकी न्यूरोलॉजिकल कंडीशन में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
मैकेनिकल वेंटिलेशन पर है श्रीतेज
डॉक्टरों के अनुसार घायल बच्चा ऑक्सीजन और प्रेशर के मिनिमल सपोर्ट के साथ मैकेनिकल वेंटिलेशन पर था। इसके अलावा उसे वेंटिलेटर से हटाने के लिए ट्रेकियोस्टोमी (एक प्रोसेस जिसमें सांस लेने की सुविधा के लिए विंड पाइप में सर्जरी के द्वारा एक पाइप डाला जाता है) पर विचार किया जा रहा है। उसका बुखार कम हुआ है।












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