कंगना रनौत पर बुरी तरह बरसे 'शक्तिमान', कहा- लकड़ी के घोड़े पर बैठकर खुद को झांसी की रानी बोलने वाली..'
मुंबई, 02 दिसबंर: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत जब भी कुछ बोलती हैं तो वो विवादित ही होता है। उन्होंने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिसके बाद बवाल मचा है। यहां तक की उनको अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्विटर से भी हाथ धोना पड़ा था। हाल ही में उन्होंने एक बार फिर 1947 में मिली आजादी को 'भीख' बताकर बखेड़ा खड़ा कर दिया था। एक्ट्रेस इसके बाद भी नहीं रुकी और फिर कृषि कानून वापस लेने के सरकार के फैसले पर अनाप-शनाप बोला। उनके आजादी वाले बयान में मचा हंगामा अभी तक शांत नहीं हुआ है। देश में कई जगह उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई हैं। वहीं अब फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकर और टीवी के फेमस सुपरहिरो 'शक्तिमान' यानी मुकेश खन्ना ने कंगना को जमकर लताड़ लगाई है।

विवादों की 'क्वीन' बनीं कंगना रनौत
बॉलीवुड की 'क्वीन' से कंगना रनौत अब विवादों की 'क्वीन' बन गई हैं। आए दिन सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस कुछ ना कुछ ऐसा बोलतीं है, जिसपर कंट्रोवर्सी होना लाजमी है। हाल ही में पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित होने के बाद एक न्यूज चैनल पर एक्ट्रेस ने कुछ ऐसा कहा कि उसका विवाद अभी तक जारी है। सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड हो या फिर पॉलिटिक्स सब जगह उनकी खिंचाई हो रही है। एक्ट्रेस ने भारत को 1974 में मिली आजादी को भीख बताकर कहा कि देश को असली आजादी 2014 में मिली है, जिसके बाद उन पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है। इस बीच अब एक्टर मुकेश खन्ना भी कंगना के इस बयान पर उनके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं।

वीर दास के बाद कंगना की लगाई क्लास
दरअसल, हाल में मुकेश खन्ना ने अपने वीडियो में कॉमेडियन वीर दास को भारत के दो पहलुओं (Two India) के बयान पर जमकर फटकार लगाई थी। वीर दास ने अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में जॉन एफ कैनेडी सेंटर में एक शो के दौरान 'टू इंडियाज' पर कुछ ऐसा कहा था कि जिसके बाद मुकेश खन्ना अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाए और उनको खूब खरी-खोटी सुनाई। मुकेश खन्ना ने अपनी नई वीडियो में कहा कि 'कई लोगों ने मुझसे कहा कि सर आप वीर दास के खिलाफ तो बहुत बोलते हैं, लेकिन किसी और के खिलाफ नहीं बोलते, मैं समझ गया था कि इशारा कहा है, लेकिन वीर दास ने अमेरिका में जाकर अपने ग्रेट देश की धज्जियां उड़ाई हैं। इसके बाद उन्होंने कंगना को अपना निशाना बनाना शुरू किया।

'मैं मर्द से लड़ सकता हूं, लेकिन लेडी से...'
अपनी वीडियो में मुकेश खन्ना ने कहा 'लोगों ने कमेंट करके कहा कि वीर दास के साथ भी कई कमेंट आए थे, लेकिन आपने इस बारे में बात नहीं की।' जिसका जवाब देते हुए एक्टर ने कहा कि 'मेरी एक बुरी आदत हैं, मैं किसी लेडी के कमेंट के ऊपर कमेंट नहीं करता। मैं मर्द से लड़ सकता हूं, लेकिन लेडी से मुझे लड़ना अच्छा नहीं लगता, लेकिन जब लोगों ने मुझे गलत समझना शुरू किया और कहने लगे कि आप इसलिए कुछ नहीं बोले रहे कि आप भी उसी पार्टी को सपोर्ट करते हैं और आपको लगता है कि टिकट मिल जाएगी। इससे आगे मुकेश खन्ना ने साफ किया कि जो भी देश के खिलाफ होगा, चाहे वो किसी भी पार्टी से हो मैं उसके खिलाफ खड़ा रहूंगा।

'कंगना का ये बयान पद्मा अवॉर्ड का साइड इफेक्ट'
वहीं कंगना के 'भीख' वाले बयान अपना रिएक्शन देते हुए मुकेश खन्ना ने कहा कि 'ये कहना कहां तक ठीक है कि आजादी हमें भीख में मिली। उनका ये बयान चापलूसी से प्रेरित है, हास्या पद है, चापलूसी से प्रेरित है और पद्मा अवॉर्ड का साइड इफेक्ट है। मुझे लगा कि आपका ये कहना की आजादी 1947 में आजादी नहीं मिली थी और 2014 में मिली यह कहना ही मूर्खता से भरी हुई बात है। अगर आपका कहना है कि वो 1947 में मिली आजादी, आजादी नहीं थी तो क्या 60 साल हमने गुलामी में जिया। वहीं भीख के जवाब में उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों का अंग्रेजों क डराने में बहुत बड़ा योगदान है। सैकड़ों क्रांतिकारियों की आजादी में अहम भूमिका रही है। आपके पास ऐसा बोलने का अधिकार नहीं है।

अपना पक्ष सामने लाना बेहद जरूरी- मुकेश खन्ना
अपनी वीडियो को शेयर करते हुए मुकेश खन्ना ने अपना पक्ष भी लिखा हैं, उन्होंने कैप्शन में लिखा- Youtube पर अपने चैनल भीष्म इंटरनेशनल में वीर दास पर अपना गुस्सा जाहिर करने बाद कई लोग मुझ पर बरस पड़े कि आपने इनके बारे में तो बोला पर उस दूसरे शख्स के कमेंट पर कि आजादी हमें भीख में मिली उस पर आपने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। क्यों ? क्या आप भी उस पार्टी से जुड़े हुए हैं! जिसकी चापलूसी हो रही है। तो मुझे लगा कि मुझे अपना पक्ष सामने लाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर तो मैं बोल गया। पर कैमरा के सामने अभी तक नहीं बोला। इसलिए मैंने अपने चैनल पर एक वीडियो रिकॉर्ड की। उस वीडियो को मैं आप लोगों के साथ शेयर कर रहा हूं।

'लकड़ के घोड़े पर बैठ कर फिल्म करती हैं और...'
मुकेश खन्ना ने साफ शब्दों में कहा कि 'उसमें मैं जो कुछ बोला उसका सारांश ये ही है कि ये मोहतरमा तो वीर दास से दस कदम आगे बढ़ गईं है। देश का अपमान करने के मामले में। खुद को झांसी की रानी कहलाना पसंद करती हैं। लकड़ी की काठी, काठी का घोड़ा पर बैठ कर मणिकर्णिका फिल्म करती हैं। और यही मणिकर्णिका उन असंख्य क्रांतिकारियों का अपमान कर रही है, जिन्होंने अपनी मातृभूमि को स्वतंत्र कराने में अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए ! लानत है ऐसे शख्स पर !! क्या ऐसे लोगों को पद्म अवॉर्ड मिलना चाहिए ? मेरे हिसाब से ये पद्म अवॉर्ड का अपमान है !!!












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