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Miss World 2025: कौन थीं दुनिया की पहली मिस वर्ल्ड? जानें कब और कैसे शुरू हुआ ये ब्यूटी कॉम्पिटिशन

Miss World 2025: भारत की धरती पर इन दिनों विश्व भर की सुंदरियां एक नए इतिहास का गवाह बन रही हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 72वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है जिसमें 109 देशों से आई कंटेस्टेंट इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनी हैं।

6 मई से शुरू हुए इस मिस वर्ल्ड 2025 में प्रतियोगी न सिर्फ रैंप पर अपना जलवा बिखेर रही हैं, बल्कि तेलंगाना की संस्कृति, विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से भी रूबरू हो रही हैं। 31 मई को मिस वर्ल्ड 2025 के फिनाले में एक नई विश्व सुंदरी को ताज पहनाया जाएगा, और इसी के साथ रचा जाएगा एक नया इतिहास।

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लेकिन मिस वर्ल्ड की ये कहानी सिर्फ ग्लैमर, गाउन, क्राउन और ब्यूटी तक की नहीं है। यह कहानी है हजारों महिलाओं की आजादी, वूमेन एम्पॉवरमेंट, जेंडर इक्वलिटी की, जिसकी शुरुआत एक विज्ञापन आइडिया के तौर पर हुई थी जो देखते ही देकते आज वैश्विक सौंदर्य का एक प्लेटफॉर्म बन गया।

आईए जानते हैं कैसे एक 'बिकिनी कॉन्टेस्ट' बना दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता....

Miss World 2025: बिकिनी प्रमोशन से शुरू हुई थी कहानी

ये अपने आप में ही कितनी अजीब बात है ना...एक ऐसी प्रतियोगिता जिसे आज करोड़ों महिलाएं वूमेन एम्पॉवरमेंट के रूप में देखती हैं, उसकी शुरुआत एक पुरुष ने सिर्फ बिकिनी प्रमोट करने के लिए की थी।

दरअसल, एरिक मोर्ले,उस दौरान ब्रिटेन की एक डांसिंग कंपनी के पब्लिसिटी सेल्स मैनेजर थे, उन्होंने 1951 में 'फेस्टिवल ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' के आयोजकों को एक अनोखा आइडिया दिया "बिकिनी गर्ल्स प्रतियोगिता"। उनका उद्देश्य था कि बिकिनी पहनने वाली महिलाओं को रैंप पर उतारकर इससे आम जनता से जोड़ा जाए।

यह आइडिया हिट हुआ, लेकिन चर्च और कैथोलिक समाजों से कड़ी आलोचना मिली। विवादों के चलते इस प्रतियोगिता का नाम बदला गया और इसे 'मिस वर्ल्ड' का नाम दिया गया। यही वो मोड़ था, जहां एक विज्ञापन स्टंट एक अंतरराष्ट्रीय सौंदर्य मंच में बदल गया।

Miss World 2025: जब बिकिनी में पहनी मिस वर्ल्ड का ताज

1951 में पहली बार आयोजित हुई इस प्रतियोगिता की विजेता बनीं स्वीडन की केर्स्टिन मार्गरेटा 'किकी' हाकनसन जो एक फोटो और फैशन मॉडल थीं। जब उन्हें ताज पहनाया गया, तब वे बिकिनी में थीं, और यही बात विवाद का कारण बन गई। पोप ने किकी की कड़ी निंदा की, कई देशों ने इसे अश्लील कहा और इसके बाद 1952 से प्रतियोगिता में बिकिनी पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

उसकी जगह 'स्विमवियर' को शामिल किया गया। किकी अब तक की एकमात्र ऐसी मिस वर्ल्ड हैं जिन्हें बिकिनी में ताज पहनाया गया। हालांकि, आज भी बिकिनी इस कॉन्टेसट का हिस्सा है और फिनाले राउंड में इसे एक ड्रेस कोड के तौर पर रखा गया है।

बीते सात दशकों में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता सिर्फ सुंदरता का जश्न नहीं रही, बल्कि यह एक वैश्विक सामाजिक आंदोलन बन गई है। मिस वर्ल्ड ऑर्गेनाइजेशन ने बच्चों के लिए चैरिटी भी करता है। "ब्यूटी विद अ पर्पस" यानी 'उद्देश्य के साथ सुंदरता' इसका प्रमुख ध्येय बन गया है। विकलांग, वंचित और अनाथ बच्चों के लिए इस मंच से जुड़ी सुंदरी विजेताओं ने कई बदलाव लाए हैं।

Miss World 2025: भारत की बेटियां के सिर सजा क्राउन

भारत और मिस वर्ल्ड का रिश्ता बेहद खास रहा है। अब तक छह बार भारत की बेटियों ने यह ताज अपने सिर सजाया है और भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गर्व का अहसास कराया है:

  • 1966 - रीता फारिया: पहली भारतीय और पहली एशियाई महिला जिसने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता।
  • 1994 - ऐश्वर्या राय: 28 साल बाद भारत को दूसरा ताज मिला और भारत की सुंदरता को दुनिया ने सलाम किया।
  • 1997 - डायना हेडन
  • 1999 - युक्ता मुखी
  • 2000 - प्रियंका चोपड़ा
  • 2017 - मानुषी छिल्लर

इन विजेताओं ने न सिर्फ सौंदर्य का प्रतीक बनकर नाम कमाया, बल्कि अभिनय, चिकित्सा और सामाजिक कार्यों में भी देश का नाम रोशन किया।

Miss World 2025: 72 साल बाद भारत कर रहा है मेजबानी

72 साल बाद, मिस वर्ल्ड का आयोजन भारत की जमीन पर होना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है। हैदराबाद जैसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर में 109 देशों की सुंदरियों का जुटना भारत की वैश्विक साख को भी दर्शाता है। यह सिर्फ एक ताज के लिए प्रतियोगिता नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और आत्मविश्वास का संगम है। हर प्रतिभागी के पास न सिर्फ सुंदरता है, बल्कि एक मिशन भी है दुनिया को थोड़ा और बेहतर बनाने का।

आज के समय में जब सौंदर्य की परिभाषाएं बदल रही हैं, जब महिलाओं की आवाज को पहले से अधिक महत्व मिल रहा है, ऐसे में मिस वर्ल्ड भी बदल रहा है। अब यह केवल एक रैंप शो नहीं, बल्कि विचारों, दृष्टिकोणों और वैश्विक संवेदनशीलता का मंच बन चुका है।

1951 में एक बिकिनी शो से शुरू हुई यह यात्रा आज सामाजिक सेवा, महिला सशक्तिकरण और वैश्विक एकता की मिसाल बन चुकी है। और जब 31 मई 2025 को हैदराबाद में नई मिस वर्ल्ड को ताज पहनाया जाएगा, वह ताज केवल उसकी सुंदरता का नहीं, बल्कि उसकी सोच, संवेदना और समर्पण का प्रतीक होगा।

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