जानिए आशा पारेख ने क्यों कहा था- 'मैं बुरी औरत नहीं हूं, ख्वाहिश नहीं थी कभी घर तोड़ने की'
मनोरंजन डेस्क, 27 सितंबर। बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा आशा पारेख को आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान 'दादा साहेब फाल्के अवार्ड' देने का ऐलान हुआ है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। आपको बता दें कि ये अवार्ड दिग्गज अभिनेत्री को 30 सिंतबर को दिया जाएगा।

सबसे मंहगी अभिनेत्री थीं आशा पारेख
अपने दौर की सबसे मंहगी, खूबसूरत और मशहूर अभिनेत्री ने हिंदी सिनेमा में एक लंबा सफर तय किया है और इस दौरान उन्होंने अपने दौर के लगभग सारे सुपरस्टार्स के साथ काम किया।

क्लासिक फिल्में
बतौर बाल कलाकार अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली आशा पारेख ने 'जब प्यार किसी से होता है', 'घराना', 'भरोसा', 'मेरे सनम', 'तीसरी मंजिल', 'दो बदन', 'उपकार', 'शिकार', 'साजन', 'आन मिलो सजना, 'कारवां' , ' कटी पतंग' और 'मैं तुलसी तेरे आंगन की' जैसी क्लासिक फिल्में लोगों को दी हैं।

आशा पारेख निजी जिंदगी में अकेली
आशा पारेख एक गुजराती फैमिली से हैं और उन्होंने ही पहली बार बॉलीवुड में राज कर रहीं दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों के सिंहासन को हिलाया था। अपनी सुंदर अदायगी और चुलबुलेपन के चलते उन्होंने उस दौर में अपनी एक खास जगह बनाई थी लेकिन बेइंतहा दौलत, शौहरत हासिल करने वाली आशा पारेख निजी जिंदगी में अकेली हैं।

अक्सर मुझसे पूछा जाता था कि आपने शादी क्यों नहीं की?
अक्सर लोग उनसे ये सवाल करते थे जिसका उत्तर वो हमेशा देने से बचती आईं, आम तौर पर सोशल मीडिया से दूर रहने वाली आशा ने कुछ वक्त पहले अपनी बॉयोग्राफी में इस बारे में खुलकर बातें की थीं। उन्होंने कहा कि 'अक्सर मुझसे पूछा जाता था कि आपने शादी क्यों नहीं की? आपकी फैमिली नहीं है? आपको बच्चे नहीं हैं? वगैरह वगैरह। एक वक्त था, जब मुझे इस तरह से सवाल थोड़ा सा परेशान करते थे लेकिन एक वक्त के बाद ये सारी चीजें बेमानी हो गईं।'

'जब मैंने किसी से प्यार किया था लेकिन...'
उन्होंने कहा कि 'सच कहूं तो मुझे ये सारी चीजें कभी महसूस ही नहीं हुईं। मैं कभी इन सारी बातों के बारे में सोचती ही नहीं। एक टाइम था जब मैंने किसी से प्यार किया था लेकिन वो वक्त भी बीत चुका है। उस उम्र में कभी कोई पसंद आ ही जाता है।'

'मैं बुरी औरत नहीं हूं, नहीं चाहती थी घर तोड़ना...'
लेकिन विडंबना ये रही कि 'वो इंसान शादी-शुदा था और मैं दूसरी औरत बनकर किसी और का घर नहीं तोड़ना नहीं चाहती थी और उसके बच्चों की नजर में बुरी औरत नहीं बनना चाहती थीं, इसलिए वो रिश्ता आगे नहीं बढ़ा लेकिन मुझे इसका मलाल नहीं है।'

नासिर हुसैन से आशा करती थीं प्यार?
दरअसल यहां आशा ने मशहूर डायरेक्टर और आमिर खान के चाचा नासिर हुसैन के बारे में बात कर रही थीं, जो कि आशा से मिलने से पहले ही शादी-शुदा और दो बच्चों के पिता थे। उन्होंने ही आशा को फिल्म 'दिल देकर देखो' के जरिए ब्रेक दिया था। वो आशा की सुंदरता पर ही मोहित थे, जिस वक्त आशा उनसे मिली थीं, उस वक्त उनकी उम्र 17 साल थी। आशा ने बाद में भी नासिर हुसैन के साथ कई हिट फिल्मों में काम किया था।












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