Kerala Story-2 Release Halted: केरल स्टोरी-2 की रिलीज पर 15 दिन की अंतरिम रोक क्यों? HC ने क्या कहा?
Kerala Story-2 Release Halted Reason: केरल हाई कोर्ट ने विवादास्पद फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। फिल्म 27 फरवरी 2026 को थिएटर्स में रिलीज होने वाली थी, लेकिन 26 फरवरी को कोर्ट के आदेश से इसे फिलहाल टाल दिया गया है। कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) पर 'नॉन-एप्लीकेशन ऑफ माइंड' (दिमाग न लगाने) का आरोप लगाया।
साथ ही कहा कि फिल्म केरल की सांप्रदायिक सद्भावना को प्रभावित कर सकती है। निर्माता इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला, कोर्ट की टिप्पणियां और विवाद की वजह क्या?

Kerala Story-2 Release Controversy: क्या है फिल्म को लेकर विवाद?
- पहली फिल्म 'द केरल स्टोरी' (2023) ने 'लव जिहाद' और केरल में कथित बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की कहानी दिखाई थी। यह काफी विवादास्पद रही और बॉक्स ऑफिस पर सफल भी हुई।
- दूसरी फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है। निर्माण विपुल अमृतलाल शाह (Sunshine Pictures) के बैनर तले हुआ है।
- फिल्म में केरल को ऐसे राज्य के रूप में दिखाया गया है जहां 'लव जिहाद' जैसी घटनाएं व्यापक हैं। ट्रेलर और पोस्टर से यही संकेत मिलता है।
- CBFC ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट दिया था, लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह प्रमाणन गलत है क्योंकि फिल्म राज्य की छवि खराब करती है और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकती है।
Kerala High Court में क्या हुआ?
केरल हाई कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की गईं, जिनमें फिल्म की रिलीज रोकने, CBFC सर्टिफिकेट रद्द करने और केरल के नाम के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए।
- न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस की बेंच ने सुनवाई की।
- कोर्ट ने कहा: 'केरल पूर्ण सद्भाव वाला राज्य है। लेकिन फिल्म में ऐसा दिखाया गया है कि पूरे केरल में यह (धर्मांतरण) हो रहा है। यह गलत धारणा पैदा कर सकती है और भावनाएं भड़का सकती है।'
- CBFC पर टिप्पणी: 'प्रथम दृष्टया सेंसर बोर्ड ने दिमाग नहीं लगाया। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाली फिल्मों के लिए गाइडलाइंस का पालन नहीं हुआ।'
- कोर्ट ने CBFC को आदेश दिया कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों पर विचार करे और 2 हफ्ते में फैसला ले।
- अंतरिम स्टे: फिल्म की रिलीज और राइट्स ट्रांसफर पर 15 दिन (या सुनवाई पूरी होने तक) रोक। निर्माताओं को फिल्म के राइट्स जारी न करने का निर्देश।
कोर्ट ने पहले फिल्म की स्क्रीनिंग मांगी थी, लेकिन मेकर्स ने इनकार किया। कोर्ट ने कहा कि इससे याचिकाएं बेमानी हो जाएंगी।
याचिकाकर्ताओं के मुख्य तर्क क्या हैं?
फिल्म में केरल को गलत तरीके से दिखाया गया है।
- 'लव जिहाद' की कहानी में दिखाई गई लड़कियां केरल की नहीं हैं, फिर भी राज्य का नाम इस्तेमाल कर बदनामी की जा रही है।
- यह सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकती है।
- CBFC ने प्रमाणन में गलती की।
मेकर्स का क्या है पक्ष?
- फिल्म किसी धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाती।
- यह वास्तविक घटनाओं और कोर्ट केस से प्रेरित है।
- रचनात्मक स्वतंत्रता का हक है।
- पहले भाग की सफलता के बाद दूसरा भाग जागरूकता के लिए है।
क्या सिखाता है यह मामला?
यह केस फिल्मों में राज्य/समुदाय की छवि, सेंसर बोर्ड की जिम्मेदारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता vs सार्वजनिक सद्भाव के बीच संतुलन का सवाल उठाता है। पहले 'हाल' (2025) जैसी फिल्मों में भी इसी तरह कट्स लगे थे। फिलहाल फिल्म की रिलीज अनिश्चित है। अगली सुनवाई में क्या होता है, यह तय करेगा कि 'द केरल स्टोरी 2' थिएटर्स में आएगी या नहीं।












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