'वो 7 फुट का आदमी रिंग में महिला को पीट रहा था', पेरिस ओलंपिक में लिंगभेद कंगना रनौत ने निकाली भड़ास
Paris Olympics Gender Row: पेरिस ओलंपिक में अल्जीरिया की 25 वर्षीय मुक्केबाज इमान खलीफ ने जिस तरह से पेरिस ओलंपिक 2024 में अपने पहले मैच में इटली की एंजेला कैरिनी का मात दिया। उसके बाद से यह मैच सु्खियों में है और इसपर चर्चा हो रही है।
मैच में खलीफ ने सिर्फ 46 सेकंड में इस मैच को खत्म कर दिया। खलीफ के दो जोरदार पंच के चलते कैरिनी ने खुद को मैच से अलग कर लिया। जिसके बाद इसपर काफी चर्चा हो रही है।

क्या है विवाद
दरअसल खलीफ ने अपना लिंग परिवर्तन कराया है,वह पहले पुरुष थीं, लेकिन लिंग परिवर्तन के बाद वह महिला कैटेगरी में पेरिस ओलंपिक में हिस्सा ले रही हैं। इसी को लेकर यह पूरा विवाद हो रहा है।
खलीफ ने सिर्फ बॉक्सिंग मुकाबले में सिर्फ दो पंच में महज 46 सेकेंड के भीतर मैच खत्म कर दिया। खलीफ के मुक्कों से एंजेला की नाक की हड्डी टूट गई और उन्होंने मैच से अलग होने का फैसला ले लिया।
कंगना ने खलीफ को बताया आदमी
इस पूरे विवाद पर फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर की है। जिसमे उन्होंने कहा कि इस लड़की को 7 फुट लंबे, प्राकृतिक तरह से पुरुष के रूप में पैदा हुए व्यक्ति का मुकाबला करना पड़ा। इस आदमी के सभी शरीर के अंग प्राकृतिक हैं, यह आदमी की तरह दिखता है और बर्ताव भी आदमी की तरह करता है।
इसने बॉक्सिंग रिंग में ऐसे पीटा जैसे किसी महिला के साथ शारीरिक शोषण के दौरान पुरुष महिलओं को पीटता है। लेकिन इस आदमी को महिला की तरह पहचाना जाता है, अब आप अंदाजा लगाइए कि महिला बॉक्सिंग मैच में कौन जीता।
वोक कल्चर सबसे अनुचित और अन्यायपूर्ण प्रथा है। इसके खिलाफ आवाज उठाइए, इससे पहले कि आपकी बच्ची की नौकरी या पदक उससे छीन लिया जाए। एक अन्य पोस्ट में कंगना ने LGBTQ समुदाय के भीतर रिश्तों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कंगना ने वोक रिलेशनशिप का किया समर्थन
उन्होंने कहा, मूल रूप से एक वोक रिलेशनशिप (समलैंगिक संबंध) रखने में सक्षम होने के लिए एक साथी को महिला की भूमिका निभानी चाहिए और दूसरे को पुरुष की भूमिका निभानी चाहिए।
ईमानदारी से मुझे समलैंगिक पसंद हैं, मेरे कुछ सबसे करीबी दोस्त समलैंगिक हैं और वे बेहद प्रतिभाशाली और असाधारण रूप से प्रतिभाशाली हैं। इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें स्वीकृति के लिए किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है।
नकल नहीं करना चाहिए
कंगना ने कहा कि समलैंगिकों को पारंपरिक लिंग भूमिकाओं की नकल करने के लिए दबाव महसूस नहीं करना चाहिए। उन्हें पुरुषों या महिलाओं की सस्ती, क्रूर, अप्रमाणिक नकल करने की ज़रूरत नहीं है। वे बहुत प्रतिभाशाली हैं, उन्हें बिल्कुल वैसा ही दिखना चाहिए जैसा भगवान ने उन्हें बनाया है।
अपने स्वाभाविक स्वरूप को नकारने की कोई जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्हें खुद को स्वीकार करना चाहिए और हर क्षेत्र में चमकने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्हें अपने समुदाय में सम्मान और मूल्य लाना चाहिए। वे बेहतर के हकदार हैं और हमें उनके लिए एक सुरक्षित दुनिया बनानी चाहिए जहां वे अपने स्वाभाविक प्रामाणिक स्वभाव को दिखा सकें और उन्हें समान अवसर प्राप्त कर सकें।












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