ब्रेस्ट फीडिंग और प्रेग्नेंसी हॉर्मोन पर देबिना बनर्जी का खुलासा, बोलीं- मां का दुध ईश्वर को पाने के समान
Debina Bonnerjee On Breastfeeding: देबिना बनर्जी ने अपनी बेटियों को ब्रेस्ट फीडिंग कराने के बारे में कई बातों का वीडियो में खुलासा किया है। साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रेग्नेंसी हॉर्मोन शरीर को प्रभावित करता है।

Debina Bonnerjee On Breastfeeding: टीवी एक्टर गुरमीत चौधरी की पत्नी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी फिलहाल अपने काम से ब्रेक लेकर अपनी दो छोटी बेटियां- लियाना और दिविशा की परवरिश में काफी बिजी चल रही हैं। देबिना का बड़ी बेटी यानी लियाना एक साल ही है जबकि छोटी बेटी दिविशा मात्र 6 महीने की है। इसी बीच देबिना बनर्जी ने शेयर किया है कि कैसे एक मां के रूप में उनको रोल बिल्कुल बदल गया है। साथ ही उन्होंने अपनी मातृत्व की जर्नी और ब्रेस्ट फीडिंग को लेकर भी कई बातों का खुलासा किया है।
बच्चों की ब्रेस्ट फीडिंग पर देबिना का खुलासा
देबिना ने अपने ऑफिशियल यूट्यूब चैनल देबिना डिकोड्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा है कि मां बनने में खुशियों से लेकर संघर्षों और कमजोर क्षणों तक से लड़ना पड़ा है। कई चीजों को सहना पड़ता है। उन्होंने बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग कराने के लेकर भी कई बातें बताई हैं। अपने वीडियो में देबिना बनर्जी ने अपने प्रेग्नेंसी हॉर्मोन और उन पर इसके प्रभावों के बारे में भी कई बातें बताई हैं। देबिना ने कहा है- प्रेग्नेंसी हॉर्मोन काफी सुंदर होता है, ये सिर्फ एक महिला के शरीर में बहुत कुछ कर सकता है।
प्रेग्नेंसी हॉर्मोन पर कही ये बात
देबिना बनर्जी ने वीडियो में कहा- प्रेग्नेंसी हॉर्मोन बॉडी में बहुत सारे सकारात्मक बदलाव लाता है। सब कुछ अच्छा हो जाता है। स्किन में निखार आता है। आपके बाल भी बेहतर, चमकदार और घने हो जाते हैं। देबिना ने आगे कहा- मेरे लंबे बाल थे और मुझे इसमें काफी मजा आ रहा था। दिविशा को जन्म देने के बाद, मैंने ब्रेस्ट फीडिंग भी कराना शुरू कर दिया था।
ब्रेस्ट फीडिंग कराना एक खूबसूरत पल
देबिना बनर्जी ने पहले बताया था कि जब लियाना का जन्म हुआ था तब वह उसे ब्रेस्ट फीडिंग नहीं करा पा रही थीं। ऐसे में दिविशा को ब्रेस्ट फीडिंग कराना उनके लिए एक अविश्वसनीय अनुभव रहा है। देबिना ने कहा- जब मैंने दिविशा को स्तनपान कराना शुरू किया, तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। मुझे मां बनना खूबसूरत लग रहा था जो कि मैं बयां भी नहीं कर सकती।
ब्रेस्ट फीडिंग की जर्नी में उतार-चढ़ाव
वीडियो में देबिना ने कहा- आप जानते हैं ब्रेस्ट फीडिंग की जर्नी उतार-चढ़ाव से भरी है। ये बहुत अप्रत्याशित है। जब ये शुरू होता है, तो आपको लगता है वाह क्या बात है। आपको लगता है कि आपके शरीर में कुछ सुंदर हो रहा है। लेकिन फिर, यह भयानक भी लगता है क्योंकि यह शुरुआत में बहुत दुखदायी होता है। बहुत दर्द होता है। मैंने कभी किसी से नहीं सुना कि ब्रेस्ट फीडिंग उनके लिए आसान था। कई तरह से समस्याएं होने लगती हैं। देबिना ने आगे कहा- एक साल तक ब्रेस्ट फीडिंग कराना एक बड़ी बात है क्योंकि ये बहुत अच्छा होगा अगर कोई छह महीने तक भी इसे जारी रख सके। देखें वीडियो-
बच्चों को फॉर्मूला देना भी शुरू किया
देबिना ने कहा- ब्रेस्ट फीडिंग आखिर तक बेहतर हो जाता है। पहले महीने या शायद दूसरे महीने के अंत से, यह बस एक सुंदर सफर की तरह होता है। धीरे-धीरे आपके शरीर को इसकी आदत हो जाती है और फिर ये सहज लगने लगता है। ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान मां और बच्चा एक दूसरे में विलीन हो जाते हैं। बच्चे को दूध पिलाने के क्षण का वर्णन नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि ये ईश्वर को प्राप्त करने जैसा है। देबिना बनर्जी ने बताया कि उन्होंने धीरे-धीरे बच्चों को फॉर्मूला देना भी शुरू किया ताकि उन्हें पूरा पोषण मिल सके और उनका पेट भर सके। देबिना को लगातार कहा जाता था कि मां का दूध अब बच्चों के लिए पर्याप्त नहीं होगा।












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