Bhool Chuk Maaf Review: तितली और रंजन का होगा मेल? 'भूल चूक माफ' में लगा इमोशन और ह्यूमर का तड़का

फिल्म- भूल चूक माफ
कास्ट- राजकुमार राव, वामिका गब्बी, संजय मिश्रा और सीमा पाहवा
रेटिंग्स- 4

Bhool Chuk Maaf Movie Review in Hindi: तेज रफ्तार इस भागती दौड़ती ज़िंदगी में हम अक्सर वो छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं। जो रिश्तों को खास बनाती हैं, लेकिन जब कभी माफ़ करना, कभी चुपचाप किसी की फिक्र करना और कभी गलती पर मुस्कुराकर दोबारा आगे बढ़ना। करण शर्मा की 'भूल चूक माफ' ठीक इन्हीं इमोशन को बड़े ही सादे अंदाज़ में सामने लाती है। बिना ज़्यादा दिखावे या शोर-शराबे के, ये फिल्म बात करती है और आपको अपनों की अहमियत फिर से महसूस कराती है।

Bhool Chuk Maaf Review

'भूल चूक माफ' एक साधारण कहानी है। रंजन की ज़िंदगी भी किसी आम मिडल क्लास लड़के जैसी है। वो भी सरकारी नौकरी पाने की दौड़ में लगा रहता है। माता-पिता की उम्मीदों का बोझ भी है और दिल में दबी एक सीधी-सादी मोहब्बत। मोटा-माटी फिल्म की कहानी यही है। इस कहानी की खासियत इसके ज़मीन से जुड़े होने में है। जैसे बनारस की गलियों की खुशबू, घर की छोटी-छोटी तकरारें और रिश्तों की गर्माहट। जिससे आम आदमी कनेक्ट हो जाता है।

राजकुमार राव ने रंजन का किरदार इतनी खूबसूरती से निभाया है कि लगता ही नहीं वह एक्टिंग कर रहे हैं। उनकी हंसी मज़ाक वाली बातें भी खूब जमती हैं। कई बार उनकी एक्टिंग रिपीट मोड वाली लगती है, लेकिन इससे वो निकल भी जल्दी देते हैं। इमोशनल सीन में भी दिल छू लेते हैं। फिर भी यहां ये कहने से मैं नहीं चूकना चाहूंगा कि अब राजकुमार को थोड़ा अलग रोल में काम करना चाहिए। वामिका गब्बी ने तितली बनकर बहुत ही सच्चा और सीधा-सा काम किया है। हालांकि उनके पास करने के लिए बहुत रहता है, लेकिन वो इस बार भी नाकाम हो जाती हैं। वामिका अपने किरदार से न्याय नहीं कर सकती हैं। संजय मिश्रा, सीमा पाहवा और रघुबीर यादव की मौजूदगी फिल्म को खास और मजबूत बना देती है। ये सिर्फ हंसाते नहीं, बल्कि कई सीन में दिल को छू जाते हैं। इनका होना फिल्म को एक अलग जोश दे जाता है।

'टिंग लिंग सजना' और 'चोर बाज़ारी फिर से' जैसे गानों में बनारस की खुशबू और देसी ठाठ दोनों झलकते हैं। हालांकि ये गाने बहुत ज्यादा देर तक आपके दिमाग में रह नहीं पाते हैं। करण शर्मा की डायरेक्शन भी ठीक है। ये उनकी डेब्यू फिल्म है, इस लिहाज से उनका काम भी अच्छा है। उन्होंने किसी भी सीन में ज़बरदस्ती कुछ ठूंसा नहीं है। डायलॉग्स इतने रोज़मर्रा के हैं कि लगता है जैसे हमारे घर की बातचीत ही चल रही हो सीधी और साफ। इसी वजह से बतौर दर्शक आप फिल्म से जुड़ाव महसूस करते हैं। फिल्म की कास्टिंग शिवम गुप्ता ने की है। शिवम की कास्टिंग का जादू 'सिर्फ एक बंदा काफी है' में भी हम देख चुके हैं। उनकी कास्टिंग कसी और सधी हुई होती है। इस बार भी उन्होंने किरदार के हिसाब से सटीक एक्टर चुने हैं।

फिल्म की कहानी को करण शर्मा ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म को प्रोड्यूस मैडॉक फिल्म्स और दिनेश विजन ने किया है। राजकुमार राव की दिनेश विजन के साथ ये सातवीं फिल्म है। इस वीकेंड आप घर से बाहर निकलना चाहते हैं। फैमिली के साथ समय व्यतीत करना चाहते हैं, तो भूल चूक माफ देख सकते हैं। ये एक बेहद हल्की फुल्की और अच्छी वीकेंड वॉच बन सकती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+