7 साल पुराने रेप मामले में दर्ज FIR रद्द करवाने आदित्य पंचोली पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट, मिला ये आदेश
एक्टर आदित्य पंचोली से जुड़ा 2019 का चर्चित रेप केस एक बार फिर सुर्खियों में है। गुरुवार 12 फरवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट में उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें पंचोली ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी 2026 तय की है, क्योंकि शिकायतकर्ता कई नोटिस देने के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुईं।

यह मामला मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। एक महिला एक्ट्रेस ने पंचोली पर गंभीर आरोप लगाते हुए IPC की धारा 376 (रेप) समेत कई धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इस FIR में 328 (जहर देकर नुकसान पहुंचाना), 384 (जबरन वसूली), 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गैरकानूनी बंधक बनाना), 323 (मारपीट) और 506 (आपराधिक धमकी) जैसी संगीन धाराएं भी शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान पंचोली के वकील प्रशांत पाटिल ने FIR खारिज करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि 27 जून 2019 को दर्ज की गई शिकायत दुर्भावनापूर्ण है। क्योंकि कथित घटना करीब 15 साल पुरानी बताई गई है। बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के चर्चित 'भजनलाल फैसले' का हवाला देते हुए दलील दी कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग हुआ है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता को 11 बार नोटिस भेजे, लेकिन वह जांच में शामिल होने के लिए सामने नहीं आईं। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नया नोटिस जारी किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता अगली तारीख पर अदालत में उपस्थित रहें।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की। वकील का दावा है कि यह बातचीत उस समय की है जब एक व्यक्ति ने पंचोली से मुलाकात की थी, और इससे शिकायत के पीछे गलत मंशा का संकेत मिलता है। हालांकि, इस रिकॉर्डिंग की सत्यता पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। गौरतलब है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचोली ने खुद को साजिश का शिकार बताया था। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और अब सबकी निगाहें 24 फरवरी 2026 की सुनवाई पर टिकी हैं।












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