ईरान में क्या कर रहे हैं इलॉन मस्क के सैटेलाइट

सितंबर में ईरानी महिला महसा अमीनी की गिरफ्तारी और फिर मौत के बाद शुरु हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए ईरानी प्रशासन ने कड़ी पाबंदियां लगा दी थीं. आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के बारे में सूचनाओं को देश भर में फैलने से रोकने के लिए ऐसा किया. तभी अरबपति कारोबारी इलॉन मस्क ने वादा किया था कि वे देश में अपने स्टारलिंक सैटेलाइटों का जाल बिछा देंगे.
हाल ही में मस्क ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है कि उन्होंने अपना वादा पूरा किया. सोमवार को उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "ईरान में 100 सक्रिय स्टारलिंक के करीब पहुंचे."
ईरान में स्टारलिंक नेटवर्क
मस्क के मुताबिक इस्लामिक देश में 100 के करीब स्टारलिंक इंटरनेट टर्मिनल काम कर रहे हैं. इनका संपर्क आकाश में चक्कर काट रहे छोटे छोटे सैटेलाइटों से जुड़ा है.
इस समय स्टारलिंक के 2,000 से अधिक सैटेलाइट धरती से कुछ सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर घूम रहे हैं. इन्हीं सैटेलाइटों से धरती पर रहने वाले यूजरों को इंटरनेट मुहैया कराया जा रहा है. धरती पर बने टर्मिनलों को बेसिक राउटरों से तारों के जरिये जोड़ा जाता है और उसी से छोटे छोटे वाई फाईफाई स्पॉट्स बनते हैं.
ट्विटर के मालिक मस्क ने एक यूजर को प्रतिक्रिया देते हुए ये ट्वीट किया है. उसने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा था कि वह "ईरान की सड़कों" पर लिया गया जहां अब "महिलाओं को ज्यादा आजादी है कि वे सिर ढकें या ना ढकें." 22 साल की महसा अमीनी को तेहरान में इसलिए गिरफ्तार किया गया था क्योंकि उसने कथित तौर पर देश का सख्त ड्रेस कोड तोड़ा था.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विरोध प्रदर्शन शुरु होने के बाद से ईरानी सरकार ने अपनी कार्रवाई में अब तक करीब 14,000 लोगों को गिरफ्तार किया है. नॉर्वे की संस्था ईरान ह्यूमन राइट्स के आंकड़े दिखाते हैं कि कम से कम 469 प्रदर्शनकारी इसमें मारे जा चुके हैं. ईरान की सबसे बड़ी सुरक्षा एजेंसी ने दिसंबर की शुरुआत में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, जिनमें कई सुरक्षा कर्मचारी भी शामिल थे.
इंटरनेट चैंपियन बन कर उभरे मस्क
ईरान प्रशासन ने देश में इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध लगा दिया था. उसके बाद गूगल पे स्टोर और वीपीएन नेटवर्क जैसे ऐप्स पर भी रोक लगा दी जिससे लोग स्थानीय प्रतिबंधों से निकल कर सोशल मीडिया साइटें इस्तेमाल कर पा रहे थे.
बहुत से ईरानी लोग लंबे समय से वीपीएन यानि वर्चुअल प्राइवेट वेटवर्क्स का इस्तेमाल करते आए थे क्योंकि सितंबर की घटना से पहले भी ईरान में कई अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटें ब्लॉक थीं. यहां तक कि ईरान के विदेश मंत्री समेत कई सरकारी अधिकारियों के ट्विटर अकाउंट बने हुए हैं जबकि ईरान में ट्विटर ब्लॉक है.
इस साल की शुरुआत में मस्क को यूक्रेन समर्थकों की नजर में तब हीरो का दर्जा मिल गया, जब उन्होंने रूस के हमले के फौरन बाद यूक्रेन को अपने हजारों स्टारलिंक सैटेलाइटों की मदद भेजी. इस समय यूक्रेन के अलग अलग हिस्सों में कम से कम 20,000 छोटे सफेद स्टारलिंक इंटरनेट रिसीवर काम कर रहे हैं.
आरपी/एनआर (एएफपी)
Source: DW












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