नक्सलियों के गढ़ में तैनाती से पहले यहां होती है ट्रेनिंग, सीआरपीएफ डीआईजी ने नए जवानों का बढ़ाया हौसला
सरगुजा जिले में एन्टी नक्सल ऑपरेशन के लिए 62 वीं CRPF की तैनाती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में की गई है। CRPF के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने सरगुजा जिले के ग्राम केपी मे सेंट्रल रिजर्व पुलिस ट्रेंनिग स्कूल पहुंचे
सरगुजा, 09 अगस्त। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एन्टी नक्सल ऑपरेशन के लिए 62 वीं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में की गई है। आज केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने सरगुजा जिले के ग्राम केपी में बने सेंट्रल रिजर्व पुलिस ट्रेंनिग स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने ट्रेंनिग कर रहे 37 बैच के 548 नए जवानों की जानकारी ली व उनका हौसला बढ़ाया, कई आवश्यक निर्देश भी दिए।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के लिए बेहतर है ट्रेनिंग सेंटर
62 वी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी ने बताया कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के बॉडर से लगे सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले में ज्यादा फोर्सेस की तैनाती की गई है। जिससे की पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में नक्सलियों को खदेड़ा जा सके। यह ट्रेंनिग सेंटर 250 एकड़ में फैला हुआ है जहां देश के कई वाहिनी के जवान ट्रेंनिग करने आते है. यह क्षेत्र पहाड़ी इलाकों से घिरा हुआ है। जिसकी वजह से यह क्षेत्र उनके लिए अनुकूल भी माना जाता है।

सरगुजा जिले के ग्राम केपी में हर साल नए बैच के जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लड़ने के लिए तैयार किया जाता है। जिससे की जवान दुर्गम पहाड़ी इलाको में रहकर अपनी लड़ाई बेहतर तरीके से लड़ सके। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंटा, कांकेर में सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई है। जवानों को इसी तरह सरगुजा बलरामपुर जैसे पहाड़ी इलाकों में ट्रेनिंग देकर इन क्षेत्रों में तैनात किया जाता है। ये जवान नक्सलियों के गढ़ में घुसकर उनका सामना करने में सक्षम होते हैं। यहां उन्हें नक्सलियों के एंबुश को तोड़ने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है नक्सलियों के मंसूबो पर पानी फेरने यहां सभी तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।

डीआईजी ने बताया कि 62 वीं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भी आजादी का अमृत महोत्सव बना रहा है। इसी को देखते हुए आसपास के गांवों व स्कूलों में जाकर लोगों को झंडा भी दिया जा रहा है। ग्रामीणों व लोगों को बताया जा रहा है कि किन कठिनाइयों से भारत देश को आजादी मिली थी। हमे इसका सम्मान करना चाहिए। वहीं छत्तीसगढ़ में ढाई लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसी कड़ी में 62 केंद्रीय पुलिस बल द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।












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