C-MART में बिकेगा महिला समूहों द्वारा बनाया गुलाब जल, तुलसी और गौअर्क, नए उत्पाद के मिल रहा लाभ
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पतोरा गांव की महिलाओं ने आजीविकामूलक कार्यों में एक नई पहल की है। महिलाओं ने गुलाब जल का उत्पादन आरंभ कर अन्य समूहों के लिए मिसाल कायम की है। गुलाब जल, तुलसी व गौमूत्र अर्क निर्माण की यूनिट लगाई
दुर्ग, 05 अगस्त। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पतोरा गांव की महिलाओं ने आजीविकामूलक कार्यों में एक नई पहल की है। महिलाओं ने गुलाब जल का उत्पादन आरंभ कर अन्य समूहों के लिए नई मिसाल कायम की है। छत्तीसगढ़ सरकर की योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं अब अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। गुलाब जल, तुलसी व गौमूत्र अर्क निर्माण की यूनिट पतोरा के गौठान में ही लगाई गई है। आइए जानतें हैं छत्तीसगढ़ की इन महिलाओं के द्वारा शुरु किए गए एक नई उत्पाद की कहानी।

प्रतिस्पर्धा से हटकर नए उत्पाद का किया चयन
परंपरागत उत्पादों के विक्रय के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है। इसलिए उन्होंने बिल्कुल नये उत्पाद का चयन किया। जिसका स्थानीय स्तर पर उत्पादन बिल्कुल नहीं है, और लाजिस्टिक की वजह से यहां तक आने वाली सामग्री काफी महंगे दामों में स्थानीय उपभोक्ताओं को मिल पाती है। गुलाब जल के उत्पादन के बारे में और विक्रय के बारे में सोचना कठिन था। यह संभव हो सका जिला प्रशासन द्वारा दिये गये प्रोत्साहन से।

घर की बाड़ी में ही लगाया गुलाब व तुलसी के पौधे
गौठान में गौमूत्र आसानी से उपलब्ध हो जाता है । लेकिन गुलाब जल व तुलसी अर्क के लिए उन्हें गुलाब के फूल व तुलसी के पत्ते की जरूरत पड़ती है। जिसके लिए उन्होंने गुलाब जल के लिए गुलाब इन महिलाओं ने अपनी ही बाड़ी से लिए हैं। गुलाब के पौधे व तुलसी के पौधे इन्होंने लगाए हैं। अब चारागाह में भी बड़े पैमाने पर गुलाब के पौधे लगाने की तैयारी में समूह की महिलाएं कर रही हैं।

मार्केट से कम कीमत पर उपलब्ध है गुलाब जल व अर्क
एकता स्वसहायता समूह की अध्यक्ष प्रेमलता साहू ने बताया कि जिला पंचायत के अधिकारियों ने हमें कहा कि हमें परंपरागत उत्पादों से परे ऐसे उत्पाद बनाना चाहिए। जिनकी बाजार में बड़ी जरूरत हो। हमने उनसे सुझाव माँगे। उन्होंने कहा कि गुलाब जल, तुलसी अर्क और गौअर्क आदि का उत्पादन हो सकता है। जिला प्रशासन ने इसके लिए तकनीकी मदद भी देने की बात कही। फिर यह कार्य शुरू हो गया। श्रीमती प्रेमलता ने बताया कि हमारा गुलाबजल मार्केट के रेट से दस रुपए कम है और गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं है।
सी मार्ट में होगी बिक्री, कास्मेटिक्स बाजार में बढ़ी मांग
प्रेम लता साहू ने बताया कि उनके उत्पादों की बिक्री अब सी-मार्ट के माध्यम से की जा रही है। जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप दुर्ग जिले में आजीविकामूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। कोशिश यह है कि हर गौठान कुछ ऐसे उत्पादों का निर्माण करें जिनकी मार्केट में अच्छी माँग हो और स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन कम हो। पतोरा की महिलाओं ने गुलाब जल आदि वस्तुओं का उत्पादन शुरू किया है। कास्मेटिक्स के बाजार में इसकी अच्छी माँग है।
उत्पादों की हो रही ब्रांडिंग
समूह की सदस्य द्रौपदी साहू ने बताया कि सी-मार्ट में इसका डिस्प्ले किया गया है। इन उत्पादों की ब्रांडिंग भी की जा रही है। शहर में सभी जगह में हमारा उत्पाद बिक रहा है। चूंकि हमने पैकिंग में और निर्माण में क्वालिटी का पूरा ध्यान रखा है जिससे उम्मीद है कि हमारा यह प्रयास सफल होगा। कि कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने पतोरा में इन महिलाओं द्वारा किये जा रहे कार्य को देखा और सराहा। उन्होंने कहा कि नवाचार करने से और लगातार इस दिशा में बढ़ने से जरूर सफलता मिलती है। आजीविकामूलक गतिविधियों का जितनी विविधता होगी, महिला समूहों की आय उतनी ही बढ़ेगी।












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