कलेक्टर कुंदन कुमार के खिलाफ छ.ग. जनसम्पर्क अधिकारी संघ ने खोला मोर्चा, सीएम से करेंगे शिकायत
छत्तीसगढ़ के सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा जिले के सहायक सूचना अधिकारी और सहायक संचालक जनसम्पर्क अधिकारी से अमर्यादित व्यवहार व अपशब्दों के प्रयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
रायपुर/अम्बिकापुर, 06 अगस्त। छत्तीसगढ़ के सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा जिले के सहायक सूचना अधिकारी और सहायक संचालक जनसम्पर्क अधिकारी से अमर्यादित व्यवहार व अपशब्दों के प्रयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष को पत्र लिखकर पूरी घटना से अवगत कराया था। जिसके बाद अब संघ के पदाधिकारियों ने इस मामले पर संघ की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही संघ कलेक्टर सरगुजा के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर मुलाकात करेगा।

संघ की मांग खेद व्यक्त करे कलेक्टर
इस पूरे मामले में संघ ने यह भी मांग की है कि कलेक्टर सरगुजा अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करें। इसके साथ ही नियम विरूद्ध किए गए जनसम्पर्क अधिकारी का संलग्नीकरण भी तत्काल निरस्त करें। इस सम्बंध में संघ का प्रतिनिधिमण्डल जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मिलेगा। हालांकि आज सरगुजा कलेक्टर ने सहायक सूचना अधिकारी सुखसागर वारे का सीतापुर एसडीएम कार्यालय अटैच का आदेश निरस्त कर दिया है।
जनसम्पर्क अधिकारियों ने निंदा प्रस्ताव किया पारित
छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ की आज हुई कार्यकारिणी की बैठक में सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार द्वारा सहायक संचालक दर्शन सिंह सिदार एवं सहायक सूचना अधिकारी सुखसागर वारे के साथ किए गए अमर्यादित व्यवहार और धमकी के साथ वारे को अनाधिकृत रूप से अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय सरगुजा में संलग्न करने का कड़ा विरोध व्यक्त करने निर्णय लिया गया है। साथ ही संघ द्वारा कलेक्टर के इस अमर्यादित कृत्य के लिए निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
सीएम से करेंगे शिकायत
छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष बालमुकुंद तंबोली ने कहा है कि जल्द ही।इस मामले से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया जाएगा। कलेक्टर द्वारा जनसम्पर्क अधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार और प्रदेश के मुख्यमंत्री के ही प्रचार-प्रसार के औचित्य पर प्रश्न उठाना अत्यंत खेद जनक है। संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से विभाग के भारसाधक मंत्री होने के नाते संरक्षण प्रदान करते हुए मांग की है कि कलेक्टर सरगुजा के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें अपने अमर्यादित व्यवहार के लिए खेद व्यक्त करने के निर्देश दिए जाएं।
क्या था पूरा मामला
दरअसल कलेक्टर सरगुजा कुंदन कुमार द्वारा 2 अगस्त को महिला बाल विकास व स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली गई। कलेक्टर ने निर्देशो के आधार पर दोनों जनसम्पर्क अधिकारियों द्वारा समाचार जारी किए गए। तो कलेक्टर द्वारा इसे नेगेटिव प्रचार-प्रसार की संज्ञा देकर सहायक संचालक दर्शन सिंह सिदार एवं सहायक सूचना अधिकारी सुखसागर वारे के साथ डांट-फटकार, गाली-गलौच और अमर्यादित व्यवहार किया गया। कलेक्टर द्वारा यह कहा जाता है कि जनसम्पर्क अधिकारी केवल मुख्यमंत्री का ही प्रचार-प्रसार करते हो। आप लोग कलेक्टर का पावर नहीं जानते हो, अगर कलेक्टर को गुस्सा आ गया तो यहां दिखाई नहीं दोगे। इसके बाद सहायक जनसूचना अधिकारी सुखसागर वारे को सीतापुर एसडीएम कार्यालय अटैच करने का आदेश जारी कर दिया। जिसके बाद स्वयं को अपमानित महसूस करते हुए अधिकारियों ने पत्र के माध्यम से इस घटना की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दी थी।
बैठक में ये सभी हुए शामिल
बैठक में संघ के संरक्षक उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, उपाध्यक्ष श्री पवन गुप्ता, हीरा देवांगन, सचिव राजेश श्रीवास, कोषाध्यक्ष लक्ष्मीकांत कोसरिया, कार्यकारिणी सदस्य सौरभ शर्मा, सचिन शर्मा, नितिन शर्मा, कमलेश साहू, पाराशर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।












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