संसद में गूंजा BALCO का मुद्दा, सांसद सरोज पांडेय ने कंपनी प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, की जांच की मांग
छत्तीसगढ़ के कोरबा में एल्युमिनियम निर्माता कंपनी BALCO पर अनियमितताओं का गम्भीर आरोप लगाते हुए प्रदेश की राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय ने आज संसद में कम्पनी के जांच की मांग की है।
दुर्ग, 04 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कोरबा में एल्युमिनियम निर्माता कंपनी BALCO पर अनियमितताओं का गम्भीर आरोप लगाते हुए प्रदेश की राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय ने आज संसद में कम्पनी के जांच की मांग की है। कोरबा स्थित बालको कंपनी द्वारा की जा रही अनियमितताओं और स्थानीय युवाओं के साथ की जा रही उपेक्षा पर शून्यकाल के दौरान सांसद ने बालको का विषय संसद पटल पर रखा और जांच की मांग की है।

संसद में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित भारत एल्यूमिनियम कंपनी(BALCO) को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी जी के कार्यकाल में सन 2000 में भारत सरकार की विनिवेश नीति के तहत स्टारलाइट कंपनी को इसका 51% हिस्सा बेच दिया गया था। आज भी भारत सरकार के पास 49 प्रतिशत हिस्सा है।

एक लाख से बढ़कर पांच लाख टन पहुंचा उत्पादन
सांसद सरोज पांडेय ने सदन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि यह उपक्रम(Bharat Aluminum Company Limited) देश के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े एल्यूमिनियम उत्पादकों में से एक है। लेकिन आज सदन का ध्यान इस कंपनी में जारी अनियमितताओं की आकृष्ट करना चाहूंगी। शुरआती उत्पादन प्रतिवर्ष 1लाख टन से बढ़ाकर वर्तमान में 5 लाख टन प्रतिवर्ष हो गया है, लेकिन अभी भी कंपनी ऑडिट रिपोर्ट में लगातार नुकसान होना दिखाया (Saroj Pandey) जा रहा है जिससे टैक्स देने से बच जा सके तथा अन्य सामाजिक दायित्व के कार्य न किये जा सकें। साथ ही, कंपनी रूल का पालन न करके अपने सभी वित्तीय दस्तावेजों को भी पब्लिक डोमेन में रखने से भी बच रही है।
क्षमता विस्तार के लिए भूमि आबंटन में अनियमितताएं
सांसद ने कम्पनी के एक्सपांशन पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा क्षमता विस्तार की अनुमति में भी अनेक अनियमितताएं हैं। जिस जमीन पर नए प्लांट बने हैं उस जमीन का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है जिसे स्थानीय प्रशासन से छुपाया गया तथा अवैध रूप से अनुमति प्राप्त की गई।
यह एक गंभीर विषय है और इसकी तुरंत जांच की जानी चाहिएI
स्थानीय युवाओं को नही मिल रहा रोजगार
डॉ सरोज पांडेय ने स्थानीय युवाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसी भी उपक्रम की स्थापना इसीलिए की जाती है कि उस क्षेत्र का विकास हो। और वहां के स्थानीय निवासियों को रोज़गार मिल सके। लेकिन कंपनी द्वारा इन दोनों मूल नियमो का उल्लंघन किया जा रहा है। और न ही कंपनी ने स्थानीय मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई कर किया न ही स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किया। आईटीआई के छात्रों को प्रशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण देकर उन्हें एक समय बाद हटा दिया जाता है और उनके जगह नए लोगों को लेकर उनके साथ भी वही व्यवहार किया जाता है। भारत एल्युमिनियम कम्पनी के ज्यादातर कार्यों को निजी ठेकेदारों को ठेके पर दे दिया जाता है। जो बाहर के कार्मिकों से कार्य करवाते हैं और स्थानीय युवक बेरोज़गार रह जाते हैं।

विधायक ननकीराम कंवर ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
राज्यसभा सांसद सरोज पांडे से पहले कोरबा के विधायक वह पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने भी विधानसभा के मानसून सत्र में यह मुद्दा उठाया जिसमें उन्होंने बालकों द्वारा उत्सर्जित खतरनाक अपशिष्ट का निष्पादन सही तरीके से नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की लेकिन संबंधित मंत्री ने बालकों द्वारा सभी नियमों का पालन करने की जानकारी दी।
सांसद ने की जांच की मांग
इन सभी विषयों पर हुए अनियमितताओं के जांच की मांग करते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि बालको के सभी कार्यों की जांच कराएं तथा अनियमितताओं को दूर करें । सुश्री सरोज पाण्डेय ने इस विषय पर और जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी बड़े उपक्रम का पहला दायित्व होता है कि जिस जगह पर यह स्थापित किया जाता है, वहां के मूल निवासियों और विशेषकर युवाओं को उसका लाभ मिले। कोई भी संसाधन केवल किसी कंपनी का नहीं बल्कि पूरे देश, प्रदेश और जनता का होता है जिनकी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।












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