राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की बदली तकदीर, सीएम भूपेश के प्रयासों से मिल रही नौकरियां
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन उनके जीवन का रंग बदलने की हर सम्भव कोशिश कर रहा है।
जशपुर, 10 अगस्त। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवाओं की जिंदगी अब बदल रही है। पहाड़ी कोरवाओं को संरक्षित करने एवं विकास की मुख्य धारा से जोड़ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का परिणाम अब दिखने लगा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष निर्देश पर छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन उनके जीवन का रंग बदलने की हर सम्भव कोशिश कर रहा है। अब जशपुर के पहाड़ों और जंगलो में निवास करने वाली विशेष पिछडी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के सपने अब साकार होने लगे है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मुहैया कराने का प्रयास
जशपुर जिला प्रशासन के द्वारा विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों की जीवन की दशा बदलने के लिए कई प्रयास किये जा रहे है। इसके तहत जिला प्रशासन पहाड़ी कोरवा जनजाति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य क़ृषि, रोजगार, स्वरोजगार एवं अन्य क्षेत्रों में प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। अब जिला प्रशासन को अब उस दिन का इंतजार है, जब वह तीर धनुष वाले लंगोटधारी पहाड़ी कोरवाओं के बच्चे शिक्षा की कमान थामें।

शिक्षा से बदल रही तस्वीर,
जिले के शिक्षा विभाग द्वारा आज विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के युवाओं को शिक्षित करने पहाड़ी कोरवा बालिकाओं के लिए तीन कन्या एवं एक बालक आश्रम को आदर्श आश्रम के रूप में विकसित किया गया है। जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कुल 71 बच्चे, प्रयास आवासीय में 2 बच्चे अध्ययनरत है। इतना ही नही आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के महत्वकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बगीचा में वर्तमान में 12 बच्चे अध्ययन कर रहे है। जो यह प्रदर्शित कर रहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में किये जा रहे प्रयास अब सफल हो रहे हैं। अन्य शासकीय स्कूलों में वर्तमान में 1652 छात्र छात्राएं अध्ययन कर रहें है। इससे पहाड़ी कोरवा युवाओं में आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।

स्वास्थ्य के प्रति हो रहे जागरूक
शिक्षा साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पहाड़ी कोरवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा खास व्यवस्था की गई है। कलेक्टर रितेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पहाड़ी कोरवा निवास क्षेत्र और ग्राम में बुनियादी स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरु किए गए है। जहां उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पहाड़ी कोरवा निवासरत बसाहटो में शत-प्रतिशत सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। अब तक 91 पहाड़ी कोरवा बसाहटो में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें 2439 पहाड़ी कोरवा मरीजों को लाभान्वित करते हुए। औषधि वितरण किया गया है।

रोजगार से स्वावलंबन से समृद्धि की ओर अग्रसर
जिले की पहाड़ी कोरवा परिवार के युवाओं को आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास सरकार द्वारा किया गया है। 50 पहाड़ी कोरवा युवाओं को प्लम्बर, हैण्ड पम्प सुधार एवं घरेलू रनिंग वाटर कनेक्शन सुधार कार्य, सेनेटरी फिटिंग जैसे कामों के लिए ट्रेनिंग देकर स्व रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। पुरुषों के साथ साथ जशपुर जिले की पहाड़ी कोरवा महिलाएं अब स्वावलंबन की ओर बढ़ रही है और l मुख्यधारा से जुड़ कर अतिरिक्त आय कमा रही है।बगीचा विकासखंड में सरधापाठ से जुड़े पहाड़ी कोरवा स्वयं सहायता समूह बैंक लिंकेज करते हुए मिर्च की खेती कर रही हैं.मिर्च की खेती से आय हो रही हैं। पहाड़ी कोरवा अब गोधन न्याय योजना से गोबर बेचकर भी लाभ ले रहे हैं।

दो सालों में 428 को मिली सरकारी नौकरी
पिछले दो साल में जिला खनिज न्यास निधि से 115 विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के शिक्षित युवक युवतियों को अतिथि शिक्षक की नौकरी दी गई है। इसके अतिरिक्त पूर्व में 36 को शिक्षक, तृतीय श्रेणी के पदों पर 23, चतुर्थ श्रेणी (नियमित) 33, चतुर्थ श्रेणी (कंटीजेंसी) 221 पदों पर भर्ती की गईं है। अब तक पहाड़ी कोरवा समुदाय के कुल 428 शिक्षित युवक युवतियों को शासकीय नौकरी में नियुक्ति प्रदान कर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट मुलाकात के दौरान तृतीय व चतुर्थ वर्ग के लिए जनजाति विशेष की भर्तियां करने के निर्देश दिए। जिसमें 167 युवाओं को नौकरी दी जा रही है।












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