Durg News: जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने राजेन्द्र साहू, पाटन विधानसभा में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
छत्तीसगढ़ में वर्तमान सरकार अब किसी भी प्रकार से अपने पदों का दुरुपयोग करने वालों को माफ करने के पक्ष में नहीं है । चाहे वह कोई आईएएस अधिकारी हो या किसी संवैधानिक पद का सदस्य। दुर्ग जिले में इसी तरह की एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष जवाहर वर्मा को पद से हटा दिया गया है। जवाहर वर्मा को उनके पद से हटाने की चर्चा कुछ महीनों से चल रही थी। लेकिन अब जाकर उन्होने इस्तीफा दिया है।

वर्मा पर लगे विभागीय खरीदी में अनियमितता के आरोप
जवाहर वर्मा को साल 2021 में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन उनके कार्यकाल में उन पर कुछ आरोप भी लगने लगे। जवाहर वर्मा पर धान खरीदी केंद्रों में धान को बारिश से खराब होने से बचाने के लिए तालपत्री खरीदी में गड़बड़ी का आरोप लगे थे। जिसके चलते जवाहर वर्मा को हटाकर उनकी जगह पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का अध्यक्ष बनाया गया।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
दरअसल पूर्व में स्व ताराचंद साहू के स्वाभिमान मंच से साल 2013 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले राजेन्द्र साहु को 17600 वोट मिले थे, उन्हें वर्तमान कांग्रेस विधायक अरुण वोरा से हार मिली थी, जिसके बाद उन्होंने साल 2018 में कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के प्रदेश स्तरीय दौरे के कारण पाटन में प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी मिली। सीएम के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले राजेन्द्र साहू को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का अध्यक्ष बनाकर उनका कद बढ़ा दिया गया है।
जवाहर वर्मा ने दो पदों का लिया लाभ
सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद में सरकार अशासकीय व्यक्तियों की नियुक्ति करती है। जो सत्ता दल के अनुभवी कार्यकर्ता, नेता, समाजिक व्यक्ति हो सकते हैं। पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 19 जुलाई 2021 को जवाहर वर्मा ने जिला सहकारी बैंक दुर्ग का अध्यक्ष बनाया गया था। जबकि जवाहर वर्मा भिलाई स्टील प्लांट के कार्यरत हैं। शासकीय कर्मचारी होने के बाद भी उन्होंने दो-दो पदों पर एक साथ रहे। वह 4 नवंबर 2022 तक इस पर बने रहे। अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
सीएम हाउस में की गई थी शिकायत
जिला सहकारी बैंक के विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसकी शिकायत सीएम हाउस में की गई थी। मुख्यमंत्री ने खुद इस मामले की जांच करवाई थी। जांच करने पर इन आरोपो में सत्यता पाई गई। साथ ही इसमें अध्यक्ष जवाहर वर्मा के संलिप्तता सामने आई है। इसके चलते उनसे इस्तीफा लिया गया। आज सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ के पंजीयक हिम शिखर गुप्ता ने 7 नवंबर 2022 को नया आदेश जारी किया ।












Click it and Unblock the Notifications