देवेन्द्र ने विधानसभा में बीएसपी को घेरा, जानिए बीएसपी प्रबन्धन और विधायक के बीच क्यों बढ़ रही तल्खियां
विधानसभा के मानसून सत्र में भिलाई इस्पात संयंत्र में हो रही दुर्घटना और अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा गूंजा। भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव के विधानसभा में सवाल से एक बार फिर बीएसपी प्रबन्धन और विधायक के बीच तकरार बढ़ गई
दुर्ग, 23 जुलाई। विधानसभा के मानसून सत्र में भिलाई इस्पात संयंत्र में हो रही दुर्घटना और अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा गूंजा। भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव के विधानसभा में सवाल से एक बार फिर बीएसपी प्रबन्धन और विधायक के बीच तकरार बढ़ गई है। कुछ दिनो पहले ही टाउनशिप क्षेत्र में अवैध कब्जे को लेकर बीएसपी अधिकारियों के समूह और विधायक के बीच काफी तल्ख बयान बाजी देखने को मिली थी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी प्रबन्धन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं ?

विधायक के कहने पर भी नही सुलझी पानी की समस्या
भिलाई विधानसभा के टाउनशिप क्षेत्र में बीते कई महीनों से गंदा पानी आ रहा था। फरवरी और मार्च के महीने में भी टाउनशिप वासियों को मटमैला पानी पीना पड़ रहा था। जिसे लेकर प्रदर्शन भी किया गया। विधायक देवेन्द्र यादव द्वारा प्रबंधन को चेतावनी देने के बाद भी पानी लगभग 3 महीने तक पानी साफ नहीं हो पाया। बीएसपी ने इसका कारण नदी से आ रहे गंदे पानी को बताया। समस्या से नहीं निपट पाने के कारण विधायक देवेन्द्र विपक्ष के निशाने पर आ गए।

दरअसल भिलाई के सिविक सेंटर में अवैध कब्जे को लेकर कार्रवाई की जा रही थी। जिसमें बीएसपी के नगर प्रबंधन विभाग ने अवैध चौपाटी पर कार्रवाई की। लेकिन व्यवसायियों की समस्या सुनकर विधायक देवेंद्र मौके पर पहुंचकर कहा की वह व्यवसायियों के साथ हैं, जिसकी जहां दुकानें थीं। वो लोग दोबारा वहीं बनाएं। यदि कोई उन्हें ऐसा करने से रोकेगा तो वह खुद वहां खड़े होंगे। जिसके बाद नगर सेवा विभाग के जीएम ने ऑफिसर्स एसोसिएशन की बैठक बुलाकर, इस बात की कड़ी निंदा की थी। अधिकारियों का कहना था कि वो कब्जे की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह कब्जा करने और कराने वाले दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे और कहा कि सम्भल जाएं वरना जिले के 6 विधानसभा सीटों में सम्भलने का मौका नही देंगे।

तीसरा मामला भूमिपूजन के बाद बीएसपी ने लगाया बोर्ड
विधायक और बीएसपी के बीच तीसरी बार तकरार तब हुई जब विधायक को संयंत्र प्रबंधन की ओर से दो टूक कहा गया कि उक्त जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण अथवा उपयोग गैर कानूनी है। खुर्सीपार क्षेत्र में जोन-1, गौतम नगर के पास भिलाई इस्पात संयंत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था। इस जगह पर ही बीएसपी की करीब दो हजार वर्ग फीट भूमि पर बीते 13 जुलाई को देवांगन समाज के भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था देवांगन समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई नगर विधायक ने पांच लाख की लागत से बनने वाले इस भवन के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया था।लेकिन इसकी दूसरे दिन ही बीएसपी प्रबंधन ने उक्त स्थल पर जाकर अपना बोर्ड लगा दिया। ऐसे कई मामलों पर बीएसपी प्रबन्धन और विधायक आमने सामने आ चुके हैं।
टाउनशिप में विकास कार्यो में बीएसपी का अड़ंगा
भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव ने कुछ दिनों पहले ही भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउनशिप विभाग पर विकास कार्यों के लिए एनओसी नहीं देने का आरोप भी लगाया था विधायक देवेंद्र कहना है कि टाउनशिप क्षेत्र में लोगों की सुविधाओं के लिए राज्य शासन के मद से कराए जा रहे कार्यों के लिए बीएसपी प्रबंधन एनओसी देने में समय लगाता है।
विधानसभा में हादसे और अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर सवाल
अब विधायक देवेंद्र ने सदन में बीएसपी प्रबन्धन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने सदन को बताया कि सेल की ध्वजवाहक इकाई भिलाई स्टील प्लांट में हादसे रोकने प्रबन्धन नाकाम साबित हो रहा है। जिसमें कई मजदूरों की मौत होती है और कई लोग घायल हो जाते हैं। मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए लोगों को भटकना पड़ता है । जवाब में श्रम मंत्री शिव डहरिया ने बताया कि पिछले 3 सालों में बीएसपी में 15 मौतें और 9 लोग घायल हुए हैं। शिव डहरिया ने बताया कि बीएसपी में हादसे की 2019 से लेकर 2022 तक राज्य शासन की जांच समिति ने 40 बार बीएसपी के सुरक्षा की जांच की है, लेकिन जांच में 38 बार खामियां पाई गई है। हर बार बीएसपी प्रबंधन को इस खामियों को दूर करने के लिए निर्देश दिया गया।
चुनाव में झेलना पड़ सकता है नुकसान !
आने वाले दिनों में विधानसभा चुनाव है और भिलाई नगर विधानसभा की लगभग 35 हजार मतदाता टाउनशिप क्षेत्र में निवासरत हैं। भिलाई के टाउनशिप क्षेत्र मे हाउस लीज एक बड़ा मुद्दा है। ऐसे में भिलाई नगर विधायक को ऑफिसर एसोसिएशन एवं अन्य यूनियनों के माध्यम से दिखाए गए तल्ख तेवर से नुकसान झेलना पड़ सकता है। जबकि विधायक देवेन्द्र यादव पिछली विधानसभा चुनाव में कद्दावर मंत्री रहे प्रेमप्रकाश पांडेय से महज 2700 वोटों से जीत हासिल की थी।












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