भिलाई: बीएसपी ठेका श्रमिकों के वेज रिवीजन पर सेल अधिकारियों की टालमटोल, सितंबर से मिलेगा नया वेतनमान
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित सेल की ध्वजवाहक इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों व एनजेसीएस के सबकमेटी की बैठक में इस बार भी बकाया एरियर पर फैसला टल गया।
दुर्ग, 06 अगस्त। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित सेल की ध्वजवाहक इकाई भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों व एनजेसीएस के सबकमेटी की बैठक में इस बार भी बकाया एरियर पर फैसला टल गया। इसके साथ ही ठेका श्रमिको के वेज स्ट्रक्चर पर भी कोई फैसला प्रबंधन ने नही लिया। इस मुद्दे पर अब कर्मचारी यूनियन बीएमएस(भारतीय मजदूर सभा) ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। जिससे 39 महीने के बकाया एरियर को लेकर मामला उलझ गया है।

यूनियन नेताओं ने याद कराया वादा
सेल अधिकारियों ने एरियर भुगतान में देरी का कारण बीएमएस के द्वारा मामले को लेकर कोर्ट जाने को बताया। उन्होंने कहा यह न्यायिक प्रक्रिया में है। सेल अधिकारियों की ओर से इस तरह की बात सुनते ही सभी यूनियन नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रबन्धन को पूर्व में किए गए वादे याद दिलाए। जिसके बाद प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि वर्तमान तिमाही का रिजल्ट देखने के बाद फैसला किया जाएगा। बातचीत का दौर जारी रहेगा। मामला कोर्ट में भी चल रहा है। इसको नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। अब सितंबर में दोबारा एनजेसीएस सब-कमेटी की बैठक होगी।

इंटक के महासचिव एसके बघेल ने बताया कि एनजेसीएस सदस्यों ने एचआरए का मुद्दा उठाया। प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि इस पर अब तक कोई फॉर्मूला नहीं है। फॉर्मूला बनाने के बाद चर्चा की जाएगी। सेल प्रबंधन ने पे-स्केल के एरियर पर स्पष्ट करते हुए करते हुए कहा कि सितंबर से इसका भुगतान किया जाएगा।
सेल पर 25 हजार करोड़ का कर्ज
ठेका मजदूरों के लिए हुई सब-कमेटी की बैठक में प्रबंधन ने अपना लेखा-जोखा पेश कर दिया। पूर्व में लिए गए कर्ज की अदायगी की जानकारी दी गई। वर्तमान में पुराना कर्ज 13 हजार करोड़ का बचा हुआ है। इधर-कंपनी की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए 12 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया गया है। इस्पात उत्पादन की बढ़ती लागत और प्रॉफिट में कमी की वजह से बजट बिगड़ रहा था। यही वजह है कि कंपनी को 12 हजार करोड़ का नया कर्ज लेना पड़ा है। इस बात की जानकारी प्रबंधन ने यूनियन नेताओं को दी है।
भिलाई मजदूर सभा ने किया बहिष्कार
नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील इंडस्ट्री-एनजेसीएस की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे ट्रेड यूनियनो में इंटक( INTUC)से एचएमएएस(HMS) , सीटू(CITU) और एटक के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। वहीं एरियर को लेकर याचिका दायर करने वाले बीएमएस ने बैठक का बहिष्कार किया है।
NJCS सब-कमेटी में नही हुआ ठेका श्रमिकों का फैसला
बीएसपी के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेज रिवीजन होने के बाद अब ठेका श्रमिकों का वेज स्ट्रक्चर रिवाइज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए एनजेसीएस सब कमेटी का गठन किया गया, बीएसपी के में काम कर रहे करीब 23 हजार ठेका श्रमिकों के वेज स्ट्रक्चर पर एनजेसीएस सब कमेटी की पांचवीं बैठक में निर्णय नहीं हो पाया। सेल प्रबंधन ने राहत देने के लिए एक बार फिर एडब्लूए राशि में 30 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया, जिसे सदस्य यूनियनों ने सिरे से खारिज कर दिया। सेल के अधिकारी इससे बचते नजर आए।












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