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Agniveer Bharti रैली में अव्यवस्थाओं का आलम, दुर्ग में भावी अग्निवीर फुटपाथ पर सोने को मजबूर

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया गया है। जिसमें जिला प्रशासन ने युवाओं के लिए व्यवस्था करने के दावे किए। लेकिन देश के भावी अग्निवीर युवा फुटपाथ पर सोते और खाने के लिए भटकते नजर आ रहे हैं।

durg agniveer

Agniveer Bharati Durg अग्निवीर भर्ती को लेकर दुर्ग जिले में प्रशासन द्वारा की गई सभी तैयारियों की पोल खुल गई है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित इस रैली में भावी अग्निवीरों को कई तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने युवा, खाने और सोने के भटकते नजर आए। वहीं ईस भर्ती में में शामिल होने रोज 5 हजार युवा दुर्ग पहुंच रहें हैं।

Agniveer

70 हजार युवाओं ने कराया है पंजीयन
इंडियन आर्मी ने 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक दुर्ग में अग्निवीर भर्ती की आयोजन किया है। दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में हर दिन 5 हजार से अधिक युवा अपने फिटनेस और मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भर्ती रैली में शामिल हो रहें हैं। रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से 70 हजार युवाओं ने अपना पंजीयन कराया था। जिसके बाद रोज अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थियों को बुलाकर उनका फिजिकल और मेडिकल टेस्ट लिया जा रहा है।

जिला प्रशासन के दावों की खुल गई पोल
दुर्ग जिला प्रशासन और नगर निगम दुर्ग की ओर से अग्निवीर भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर खूब दावे किए गए। देश की सेवा में अपने आप को समर्पित करने के लिए तत्तपर युवा दुर्ग पहुंचे तो इन सभी दावों की पोल खुल गई। उन्हें ठहरने और सोने के लिए फुटपाथ मिला और खाने के लिए होटल और रेहड़ियां। इसके बाद निगम ने ठंड से बचने अलाव की व्यवस्था की लेकिन 1500 युवाओं के लिए सिर्फ 3 अलाव जलते नजर आए।
नोडल अधिकारियों की लापरवाही से बिगड़ी व्यवस्था
दुर्ग में भर्ती रैली में सफाई , पेयजल, भोजन, सुरक्षा ठहरने और सोने की व्यवस्था जिला प्रशासन की जिम्मेदारी थी। लेकिन कुछ दिनों तक व्यवस्था सुचारू रूप से चलने के बाद यह अव्यवस्था बन गई है। दुर्ग में शुरुआत में कलेक्टर दुर्ग पुष्पेंद्र मीणा स्वयं इसका निरीक्षण करते थे कलेक्टर और एसपी ने सभी व्यवस्थाओं के लिए नोडल अधिकारी भी बनाए। लेकिन इसके बाद भी यह हाल देखने को मिला। कुछ दिन व्यवस्था देखने के बाद नोडल व नगर निगम दुर्ग के अधिकारियों ने निरीक्षण करना ही बन्द कर दिया हैं।

ठंड में फुटपाथ पर सो रहे भावी अग्निवीर
इस अग्निवीर भर्ती रैली में छत्तीसगढ़ के तीन से चार जिलों के युवा रोज दुर्ग पहुँचतें हैं। जिनके लिए जिला प्रशासन ने ठहरने के लिए टेंट लगाया गया था। पेयजल और अलाव की व्यवस्था की गई थी। लेकिन शनिवार और रविवार को पहुंचने वाले युवाओं को भारी तकलीफ का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर युवा बाहर दुकानों के समाने या घास में सोए नजर आए। इस ठंड में खुले आसमान में सोने वाले युवा भावी अग्निवीर बनने के लिए मेहनत कर रहें हैं। इस बारे में दुर्ग नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली का कहना है कि जो व्यवस्था करने के लिए निगम को जिम्मेदारी दी गई थी। वे सभी व्यवस्थाएं की जा रहीं हैं। बाकी व्यवस्थाएं अपर कलेक्टर के क्षेत्र में हैं।
इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन
ठंड में ठिठुरते हुए युवाओं ने बातचीत में बताया कि वे 200 किलोमीटर दूर से आये हैं। लेकिन यहाँ उन्हें ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नजर नहीं आई। इसके अलावा यहां न तो पर्याप्त खाने की व्यस्था है। युवा बाहर खुले में जमीन पर लेटकर रात बिता रहें हैं। इस बीच दो दिन तक अधिकारी सरकारी छुट्टी मनाते रहे। अब इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी लेने से ऐसी चेम्बरों में बैठे अधिकारी पीछे हट रहें हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन के दावों की पोल खुल गई है।

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