Zomato Orders 2025: मुंबई को पछाड़ दिल्ली-NCR बना फूड डिलीवरी किंग, इस साल Zomato को मिले 4.22 करोड़ ऑर्डर
Zomato Orders 2025 : भारत में फूड डिलीवरी अब सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि एक ऐसा ट्रेंड बन चुकी है जो शेयर बाजार की दिशा तक तय कर रहा है। साल 2025 के लिए सामने आए ज़ोमैटो (Zomato) के ताज़ा डेटा से साफ है कि देश की बढ़ती डिनर-टाइम की भूख कंपनी की तेज शेयर रैली की बड़ी वजह बन गई है।
मेट्रो शहरों से लेकर कॉलेज कैंपस तक और भारत की सीमाओं से बाहर यूएई तक, ज़ोमैटो के ऑर्डर लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं-और इसी बढ़ती डिमांड का सीधा असर कंपनी के शेयर प्रदर्शन पर भी दिख रहा है।

दिल्ली-NCR ने मुंबई को पछाड़ा, ऑर्डर में बना नंबर-1
ज़ोमैटो के 2025 डेटा के मुताबिक, दिल्ली-NCR ने मुंबई को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा फूड ऑर्डर देने वाला रीजन बन गया है। दिल्ली-NCR से कुल 4.22 करोड़ मील्स ऑर्डर किए गए। वहीं, मुंबई इस रेस में दूसरे नंबर पर रही। यह आंकड़ा सिर्फ खाने की पसंद नहीं दिखाता, बल्कि यह संकेत देता है कि दिल्ली-NCR में वर्किंग प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और न्यूक्लियर फैमिली कल्चर तेजी से फूड डिलीवरी पर निर्भर हो रहा है। निवेशकों के लिए यह मजबूत और स्थिर डिमांड का बड़ा संकेत है, जो जोमैटो के शेयर को सपोर्ट कर रहा है।
डेटा के मुताबिक, रात 8:25 बजे भारत का सबसे व्यस्त डिनर टाइम है। इस एक पीक मिनट में 18.72 लाख ऑर्डर दर्ज किए गए यानी हर सेकेंड हजारों लोग एक साथ खाना ऑर्डर कर रहे हैं। यही "डिनर रश" ज़ोमैटो के लिए सबसे ज्यादा रेवेन्यू और ऑर्डर वॉल्यूम लाता है। यही कारण है कि निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल को पहले से ज्यादा भरोसेमंद मानने लगे हैं।
स्टूडेंट्स बने जोमैटो के सबसे बड़े यूजर
ज़ोमैटो के डेटा में सबसे दिलचस्प खुलासा स्टूडेंट्स को लेकर हुआ है। IIT खड़गपुर अकेले 2.4 लाख ऑर्डर के साथ टॉप कैंपस बनकर उभरा यह दिखाता है कि युवा वर्ग, खासकर हॉस्टल और कैंपस लाइफ में रहने वाले छात्र, ज़ोमैटो के सबसे मजबूत और लॉन्ग-टर्म यूज़र बन चुके हैं। यह भविष्य के लिए ब्रांड लॉयल्टी और ग्रोथ का बड़ा संकेत है।
ज़ोमैटो की पहुंच अब भारत तक सीमित नहीं रही। यूएई से 2.3 लाख ऑर्डर दर्ज किए गए। यह दिखाता है कि भारतीय डायस्पोरा के बीच भी ज़ोमैटो की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आने वाला यह ट्रैफिक कंपनी के ग्लोबल विस्तार और रेवेन्यू डाइवर्सिफिकेशन को मजबूत करता है।
शेयर मार्केट को क्यों पसंद आ रहा है जोमैटो?
इन आंकड़ों से साफ है कि ऑर्डर वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है और पीक टाइम डिमांड मजबूत हो रहा है। युवा और स्टूडेंट बेस कंपनी से जुड़ चुका है इंटरनेशनल मार्केट से भी ग्रोथ मिल रही है। यही वजह है कि 2025 में ज़ोमैटो का शेयर निवेशकों का भरोसा जीतता दिख रहा है। भारत की बढ़ती भूख अब सिर्फ प्लेट नहीं भर रही, बल्कि ज़ोमैटो के शेयर को भी नई ऊंचाई दे रही है। ज़ोमैटो का 2025 डेटा बताता है कि अगर भारत का डिनर टाइम ऐसा ही चलता रहा, तो कंपनी की ग्रोथ स्टोरी अभी लंबी चलने वाली है।












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