विज्ञापन खर्च की वसूली का मामला: मनीष सिसोदिया ने कहा आखिर AAP क्यों करे भुगतान?
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को आदेश दिया कि विज्ञापन पर खर्च 97 करोड़ आम आदमी पार्टी से वसूल किए जाएं।
नई दिल्ली। एक बार फिर से दिल्ली के उपराज्यपाल और आम आदमी पार्टी की सरकार के बीच विवाद गहराने लगा है। ताजा मामला केजरीवाल सरकार के विज्ञापन में खर्च हुए 97 करोड़ रुपये वसूलने को लेकर है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि केंद्र की ओर बनाई गई तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया है कि ये विज्ञापन पर खर्च को आम आदमी पार्टी से वसूल किया जाए। मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिस समिति की सिफारिश पर यह आदेश दिया गया है वो समिति ऐसी सिफारिश का अधिकार ही नहीं रखती है।

समिति की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बुधवार को मुख्य सचिव एमएम कुट्टी को आदेश दिया कि विज्ञापन पर खर्च 97 करोड़ आम आदमी पार्टी से वसूल किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई कंटेट रेगुलेशन पैनल की ओर से सिफारिश के बाद ये आदेश दिया गया। इसमें कहा गया कि विज्ञापन में सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को प्रमोट किया गया। इस मामले में पार्टी से एक महीने के अंदर विज्ञापन खर्च का भुगतान करने के लिए कहा गया है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मामले पर पलटवार करते हुए कहा कि आखिर विज्ञापन को लेकर हुए खर्च पर आम आदमी पार्टी को ही ये आदेश क्यों दिया गया? मनीष सिसोदिया ने बताया कि जो विज्ञापन पेश किए गए ये बताने की कोशिश की गई कि सरकार आखिर दिल्ली के लोगों को लेकर क्या कदम उठा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार क्या नया कर रही? विज्ञापन के जरिए यही जनता को बताने की कोशिश की गई। आखिर लोगों से बातचीत करना, उन्हें सच्चाई बताना, इसमें गलत क्या है? उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि तीन सदस्यीय समिति को आम आदमी पार्टी से विज्ञापन खर्च को वसूलने की सिफारिश करने का अधिकार नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के विज्ञापन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी ऐसा ही विज्ञापन छपवाया है। उन्होंने देश के बड़े समाचार पत्र में इसे छपवाया, जिसमें कांग्रेस सरकार की विशेषता बताई गई है। वहीं दिल्ली सरकार के विज्ञापन में आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि केजरीवाल सरकार के किए गए कार्यों का जिक्र है, फिर ये वसूली का आदेश क्यों? मनीष सिसोदिया ने कहा कि आखिर बिजली, पानी, शिक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देना गलत कब से हो गया? उन्होंने सीधे तौर पर फैसले को पक्षपात पूर्ण करार दिया है। बता दें कि देश के टॉप ऑडिटर, सीएजी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पहले साल में 24 करोड़ के विज्ञापन जारी किए, ये वित्तीय तौर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवज्ञा है। दूसरे दिल्ली के बाद 29 करोड़ रुपये विज्ञापन में खर्च किए गए।












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